*मुस्लिम युवती राहत जहाँ खानम ने उर्दू में लिखीं रामकथा की अनुभूतियाँ*
*मोरारी बापू ने व्यासपीठ से किया उल्लेख, प्रेम-करुणा और मानवता को बताया कथा का संदेश*
आगरा। इंदरगढ़, जिला दतिया की रहने वाली मुस्लिम युवती राहत जहाँ खानम ने आगरा में आयोजित श्री मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा की अनुभूतियों को उर्दू में शब्द देकर एक अनूठी साहित्यिक पहल की है। कथा के दौरान उनकी लिखी भावपूर्ण रचनाओं का व्यासपीठ से उल्लेख और पाठ किया गया, जिसके बाद उनकी लेखनी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी।
• इंदरगढ़, दतिया से आगरा तक का साहित्यिक सफर
• नौ दिन की रामकथा को उर्दू में शब्दों में पिरोया
• *चार दिनों की रचनाओं का व्यासपीठ से हुआ मुरारी बापू ने किया उल्लेख/पाठ*
• ‘*कथा एक, राहत अनेक’ नाम से पुस्तक तैयार करने की दिशा में प्रयास*
राहत जहाँ खानम वर्तमान में आगरा में मनोविज्ञान की शोधार्थी हैं और रिक्रूटमेंट एवं प्लेसमेंट क्षेत्र से भी जुड़ी हैं। युवाओं क�