गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के लिए भूमि जांच शुरू, 12 मौजों में चलेगा विशेष सर्वे,
शिवहर। भारतमाला परियोजना चरण-2 के अंतर्गत प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य को लेकर शिवहर जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय समिति ने बुधवार को अर्जनाधीन भूमि की प्रकृति एवं किस्म निर्धारण के लिए क्षेत्रीय निरीक्षण शुरू किया।
समिति ने पहले दिन मौजा मधुबनी उर्फ परदेशिया तथा ताजपुर में स्थल निरीक्षण कर भूमि की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान खेसरा सूची में दर्ज भूमि की प्रकृति, उपयोग और श्रेणी का भौतिक सत्यापन किया गया, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में गठित यह पांच सदस्यीय समिति 3 जून से 9 जून 2026 तक शिवहर जिले के कुल 12 मौजों में भ्रमण कर एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित संरेखन (Alignment) के अनुरूप आने वाली भूमि की प्रकृति का निर्धारण करेगी। स्थलीय जांच के आधार पर भूमि की अंतिम श्रेणी तय की जाएगी, जो आगे मुआवजा निर्धारण एवं अधिग्रहण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
बुधवार को हुए निरीक्षण में अपर समाहर्त्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जिला अवर निबंधक, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित अधियाची विभाग के कर्मी एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संबंधित भूमि का निरीक्षण कर आवश्यक अभिलेखों का मिलान भी किया।
गौरतलब है कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे देश की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसके निर्माण से बिहार सहित पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। शिवहर जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य को और गति मिलने की संभावना है।