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Sagar Nagar, Sagar | Sep 29, 2022

MORE NEWS

➡️ गुरु पूर्णिमा पर विशेष :
आज के युग में गुरु का महत्व

भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान अत्यंत ऊँचा माना गया है। प्राचीन काल से ही गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन-दर्शन का मार्गदर्शक माना जाता रहा है। गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह अपने शिष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करता है और उसे सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आज का युग विज्ञान, तकनीक और इंटरनेट का युग है, जहाँ जानकारी की कोई कमी नहीं है। फिर भी सही ज्ञान, उचित मार्गदर्शन और नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जाती है। यही कारण है कि आज भी गुरु का महत्व उतना ही है जितना प्राचीन समय में था।

➡️ गुरु का वास्तविक अर्थ :- 

गुरु' शब्द का अर्थ है-जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करके ज्ञान का प्रकाश फैलाए। गुरु केवल विद्यालय या महाविद्यालय का शिक्षक ही नहीं होता, बल्कि माता-पिता, जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले शिक्षक, प्रशिक्षक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक तथा अनुभव से सीख देने वाले वरिष्ठ व्यक्ति भी गुरु के समान होते हैं।

आज के युग में गुरु की आवश्यकता :-

आज के समय में विद्यार्थियों के पास इंटरनेट, मोबाइल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई) जैसे अनेक साधन उपलब्ध हैं। इनसे जानकारी तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन सही और गलत में अंतर करना, ज्ञान का उचित उपयोग करना तथा जीवन में सही निर्णय लेना केवल अनुभवी गुरु ही सिखा सकते हैं। गुरु विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और नैतिकता का विकास करते हैं।

एक सच्चा गुरु केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं देता, बल्कि अपने आचरण से भी शिक्षा देता है। वह विद्यार्थियों में ईमानदारी, परिश्रम, समय का महत्व, सहनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी एक अच्छे नागरिक और सफल व्यक्ति बनते हैं। आज के समय में जब युवा अनेक प्रकार के भ्रम, तनाव और प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं, तब एक योग्य गुरु उन्हें सही दिशा प्रदान करता है। वह केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है।

➡️ तकनीकी युग में गुरु का महत्व :-

आज डिजिटल शिक्षा का विस्तार तेजी से हुआ है। ऑनलाइन कक्षाएँ, वीडियो व्याख्यान और विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म शिक्षा को सरल बना रहे हैं। फिर भी इन साधनों का सही उपयोग करने, विषय को गहराई से समझने और अपनी कमजोरियों को दूर करने के लिए गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक रहता है। तकनीक गुरु का स्थान नहीं ले सकती, बल्कि गुरु की सहायता करने का एक माध्यम बन सकती है। गुरु और शिष्य का संबंध विश्वास, सम्मान और समर्पण पर आधारित होता है। जब विद्यार्थी अपने गुरु का सम्मान करता है और उनके मार्गदर्शन का पालन करता है, तब वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है। गुरु भी अपने शिष्यों की उन्नति को अपना सबसे बड़ा पुरस्कार मानते हैं।

➡️ समाज के विकास में गुरु का योगदान :-

 किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यार्थियों पर निर्भर करता है, और विद्यार्थियों का भविष्य उनके गुरुओं के हाथों में होता है। एक योग्य गुरु समाज को शिक्षित, जागरूक और नैतिक नागरिक प्रदान करता है। इसलिए राष्ट्र निर्माण में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अंततः कहा जा सकता है कि आज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी गुरु का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि और अधिक बढ़ गया है। जानकारी प्राप्त करना आसान हो गया है, लेकिन सही ज्ञान, उचित मार्गदर्शन और अच्छे संस्कार केवल गुरु ही प्रदान कर सकते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी का कर्तव्य है कि वह अपने गुरु का सम्मान करे, उनके बताए मार्ग पर चले और उनके ज्ञान का सदुपयोग करके अपने जीवन तथा समाज को बेहतर बनाए। वास्तव में, गुरु जीवन का वह प्रकाश हैं जो सफलता, सदाचार और आत्मविकास की राह को प्रकाशित करते हैं।
यह प्रसिद्ध श्लोक गुरु के महत्व को स्पष्ट करता है

"गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम।।"

डॉ. नीलिमा पिम्पलापुरे लेखिका, शिक्षाविद समाजसेविका, सागर

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ गुरु पूर्णिमा पर विशेष : आज के युग में गुरु का महत्व भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान अत्यंत ऊँचा माना गया है। प्राचीन काल से ही गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन-दर्शन का मार्गदर्शक माना जाता रहा है। गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह अपने शिष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करता है और उसे सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आज का युग विज्ञान, तकनीक और इंटरनेट का युग है, जहाँ जानकारी की कोई कमी नहीं है। फिर भी सही ज्ञान, उचित मार्गदर्शन और नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जाती है। यही कारण है कि आज भी गुरु का महत्व उतना ही है जितना प्राचीन समय में था। ➡️ गुरु का वास्तविक अर्थ :- गुरु' शब्द का अर्थ है-जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करके ज्ञान का प्रकाश फैलाए। गुरु केवल विद्यालय या महाविद्यालय का शिक्षक ही नहीं होता, बल्कि माता-पिता, जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले शिक्षक, प्रशिक्षक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक तथा अनुभव से सीख देने वाले वरिष्ठ व्यक्ति भी गुरु के समान होते हैं। आज के युग में गुरु की आवश्यकता :- आज के समय में विद्यार्थियों के पास इंटरनेट, मोबाइल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई) जैसे अनेक साधन उपलब्ध हैं। इनसे जानकारी तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन सही और गलत में अंतर करना, ज्ञान का उचित उपयोग करना तथा जीवन में सही निर्णय लेना केवल अनुभवी गुरु ही सिखा सकते हैं। गुरु विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और नैतिकता का विकास करते हैं। एक सच्चा गुरु केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं देता, बल्कि अपने आचरण से भी शिक्षा देता है। वह विद्यार्थियों में ईमानदारी, परिश्रम, समय का महत्व, सहनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी एक अच्छे नागरिक और सफल व्यक्ति बनते हैं। आज के समय में जब युवा अनेक प्रकार के भ्रम, तनाव और प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं, तब एक योग्य गुरु उन्हें सही दिशा प्रदान करता है। वह केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है। ➡️ तकनीकी युग में गुरु का महत्व :- आज डिजिटल शिक्षा का विस्तार तेजी से हुआ है। ऑनलाइन कक्षाएँ, वीडियो व्याख्यान और विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म शिक्षा को सरल बना रहे हैं। फिर भी इन साधनों का सही उपयोग करने, विषय को गहराई से समझने और अपनी कमजोरियों को दूर करने के लिए गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक रहता है। तकनीक गुरु का स्थान नहीं ले सकती, बल्कि गुरु की सहायता करने का एक माध्यम बन सकती है। गुरु और शिष्य का संबंध विश्वास, सम्मान और समर्पण पर आधारित होता है। जब विद्यार्थी अपने गुरु का सम्मान करता है और उनके मार्गदर्शन का पालन करता है, तब वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है। गुरु भी अपने शिष्यों की उन्नति को अपना सबसे बड़ा पुरस्कार मानते हैं। ➡️ समाज के विकास में गुरु का योगदान :- किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यार्थियों पर निर्भर करता है, और विद्यार्थियों का भविष्य उनके गुरुओं के हाथों में होता है। एक योग्य गुरु समाज को शिक्षित, जागरूक और नैतिक नागरिक प्रदान करता है। इसलिए राष्ट्र निर्माण में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अंततः कहा जा सकता है कि आज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी गुरु का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि और अधिक बढ़ गया है। जानकारी प्राप्त करना आसान हो गया है, लेकिन सही ज्ञान, उचित मार्गदर्शन और अच्छे संस्कार केवल गुरु ही प्रदान कर सकते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी का कर्तव्य है कि वह अपने गुरु का सम्मान करे, उनके बताए मार्ग पर चले और उनके ज्ञान का सदुपयोग करके अपने जीवन तथा समाज को बेहतर बनाए। वास्तव में, गुरु जीवन का वह प्रकाश हैं जो सफलता, सदाचार और आत्मविकास की राह को प्रकाशित करते हैं। यह प्रसिद्ध श्लोक गुरु के महत्व को स्पष्ट करता है "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम।।" डॉ. नीलिमा पिम्पलापुरे लेखिका, शिक्षाविद समाजसेविका, सागर CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

➡️ भारतीय सेना भले ही विश्व में चतुर्थ स्थान पर है लेकिन हमारे सैनिक अपनी वीरता के लिए प्रथम स्थान पर हैं -  मेजर एस सी शर्मा

➡️ युद्ध हथियारों के साथ साहस और जुनून से लड़ा जाता है - डा सरोज गुप्ता

➡️ समय को किल मत करो अन्यथा वह आपको किल कर देगा -  मेजर गजराज सिंह

➡️ सागर जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि 10 सैनिकों ने देश की रक्षा में शहादत दी है-  कर्नल उपेंद्र भदौरिया

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर में कारगिल विजय उत्सव एवं सम्मान समारोह के अंतर्गत कारगिल युद्ध में सहभागिता करने वाले तीन सैनिकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप पूजन करके किया गया। स्वागत भाषण देते हुए महाविद्यालय की प्रचार डॉक्टर सरोज गुप्ता ने कहा की कारगिल विजय भारतीय सेना के शौर्य और वीरता की कहानी बताती है। भारतीय  सेना ने अपने इतिहास की सबसे दुर्गम विजय प्राप्त कर यह सिद्ध किया था कि युद्ध हथियारों से नहीं साहस और जुनून से लड़ा जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर एस सी शर्मा ने एनसीसी एवं एन एसएस के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना भले ही विश्व में चतुर्थ स्थान पर है लेकिन हमारे सैनिक अपनी वीरता के लिए प्रथम स्थान पर हैं। लड़ाई मिसाइल और हथियारों से नहीं लड़ी जाती बल्कि लड़ाई जीतने के लिए आत्मबल, शारीरिक बल, आध्यात्मिक बल के साथ देशभक्ति का जुनून होना चाहिए। सेना में सेवा के विषय में आपने बताया कि 1962 में सिपाही के रूप में भर्ती होकर अनुशासन व जुनून के दम पर मेजर पद तक पहुंचा।

 विशिष्ट अतिथि मेजर गिरी राज सिंह ने कहा कि जब तक आप अपने आप को नहीं संभालते तब तक आप देश को नहीं संभाल सकते औरअपने आप को संभालने के लिए अपनी आदतों को संभालना होगा ।आज आप रात्रि में 4:00d बजे सोने जाते है जब हमारा जागने का समय होता है। आपकी आदतों मेंसुधार करना होगा ।समय को किल मत करो अन्यथा वह आपको किल कर देगा।

अध्यक्षता करते हुए कैप्टन उपेंद्र भदौरिया जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सागर जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि 10 सैनिकों ने  देश की रक्षा के लिए शहादत दी है।आपने सेना में नेवी के योगदान की चर्चा की। एडवोकेट वीनू राणा ने कहा कि इन अधिकारियों के द्वारा पढ़ाया गया पाठ आपको परीक्षा में तो नहीं आएगा लेकिन जीवन में बहुत काम आएगा।

महाविद्यालय परिवार में कारगिल विजय में सहभागिता करने वाले हवलदार श्री राम अहिरवार, हवलदार श्रवण सिंह ठाकुर,  बृजेश कुमार का  शाल,श्रीफल तथा मोमेंटो से स्वागत किया। सूबेदार श्री राम अहिरवार ने बताया की युद्ध की अवधि में हम चार दिन पुरानी पुड़ी खा रहे होते हैं जबकि घर पर हमारी मां ताजी पूड़ी खिलाने के लिए हमारे आगे पीछे घूमती है। जिन सैनिकों के साथ हमने रात में खाना खाया उनमें से चार सैनिकों की शहादत हमने अपनी आंखों से देखी सूबेदार बृजेश कुमार ने बताया कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने लाहौर समझौता का उल्लंघन करके पहाड़ोंपर कब्जा किया लेकिन भारतीय सेवा ने हमेशा की तरह उसे युद्ध में पटकनी  दी। विश्व के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में से एक कारगिल में युद्ध जीत कर हमारी सेना ने देश का मान बढ़ाया है।

कार्यक्रम के अंत में  शहीद सैनिको के सम्मान में  मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ अमर कुमार जैन प्राध्यापक ने कहा कि 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस देश के लिए किसी राष्ट्रीय पर्व से कम नहीं है, आभार डॉ राणा कुंजर ने माना। कार्यक्रम में डॉ अभिलाषा जैन, डॉ अवधेश प्रताप सिंह,डा दयाराम राजपूत, लेफ्टिनेंट डा जयनारायण यादव,लेफ्टिनेंट कीर्ति रैकवार, डा भानुप्रिया पटेल, डा वसुंधरा गुप्ता सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ भारतीय सेना भले ही विश्व में चतुर्थ स्थान पर है लेकिन हमारे सैनिक अपनी वीरता के लिए प्रथम स्थान पर हैं - मेजर एस सी शर्मा ➡️ युद्ध हथियारों के साथ साहस और जुनून से लड़ा जाता है - डा सरोज गुप्ता ➡️ समय को किल मत करो अन्यथा वह आपको किल कर देगा - मेजर गजराज सिंह ➡️ सागर जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि 10 सैनिकों ने देश की रक्षा में शहादत दी है- कर्नल उपेंद्र भदौरिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर में कारगिल विजय उत्सव एवं सम्मान समारोह के अंतर्गत कारगिल युद्ध में सहभागिता करने वाले तीन सैनिकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप पूजन करके किया गया। स्वागत भाषण देते हुए महाविद्यालय की प्रचार डॉक्टर सरोज गुप्ता ने कहा की कारगिल विजय भारतीय सेना के शौर्य और वीरता की कहानी बताती है। भारतीय सेना ने अपने इतिहास की सबसे दुर्गम विजय प्राप्त कर यह सिद्ध किया था कि युद्ध हथियारों से नहीं साहस और जुनून से लड़ा जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर एस सी शर्मा ने एनसीसी एवं एन एसएस के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना भले ही विश्व में चतुर्थ स्थान पर है लेकिन हमारे सैनिक अपनी वीरता के लिए प्रथम स्थान पर हैं। लड़ाई मिसाइल और हथियारों से नहीं लड़ी जाती बल्कि लड़ाई जीतने के लिए आत्मबल, शारीरिक बल, आध्यात्मिक बल के साथ देशभक्ति का जुनून होना चाहिए। सेना में सेवा के विषय में आपने बताया कि 1962 में सिपाही के रूप में भर्ती होकर अनुशासन व जुनून के दम पर मेजर पद तक पहुंचा। विशिष्ट अतिथि मेजर गिरी राज सिंह ने कहा कि जब तक आप अपने आप को नहीं संभालते तब तक आप देश को नहीं संभाल सकते औरअपने आप को संभालने के लिए अपनी आदतों को संभालना होगा ।आज आप रात्रि में 4:00d बजे सोने जाते है जब हमारा जागने का समय होता है। आपकी आदतों मेंसुधार करना होगा ।समय को किल मत करो अन्यथा वह आपको किल कर देगा। अध्यक्षता करते हुए कैप्टन उपेंद्र भदौरिया जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सागर जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि 10 सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए शहादत दी है।आपने सेना में नेवी के योगदान की चर्चा की। एडवोकेट वीनू राणा ने कहा कि इन अधिकारियों के द्वारा पढ़ाया गया पाठ आपको परीक्षा में तो नहीं आएगा लेकिन जीवन में बहुत काम आएगा। महाविद्यालय परिवार में कारगिल विजय में सहभागिता करने वाले हवलदार श्री राम अहिरवार, हवलदार श्रवण सिंह ठाकुर, बृजेश कुमार का शाल,श्रीफल तथा मोमेंटो से स्वागत किया। सूबेदार श्री राम अहिरवार ने बताया की युद्ध की अवधि में हम चार दिन पुरानी पुड़ी खा रहे होते हैं जबकि घर पर हमारी मां ताजी पूड़ी खिलाने के लिए हमारे आगे पीछे घूमती है। जिन सैनिकों के साथ हमने रात में खाना खाया उनमें से चार सैनिकों की शहादत हमने अपनी आंखों से देखी सूबेदार बृजेश कुमार ने बताया कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने लाहौर समझौता का उल्लंघन करके पहाड़ोंपर कब्जा किया लेकिन भारतीय सेवा ने हमेशा की तरह उसे युद्ध में पटकनी दी। विश्व के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में से एक कारगिल में युद्ध जीत कर हमारी सेना ने देश का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम के अंत में शहीद सैनिको के सम्मान में मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ अमर कुमार जैन प्राध्यापक ने कहा कि 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस देश के लिए किसी राष्ट्रीय पर्व से कम नहीं है, आभार डॉ राणा कुंजर ने माना। कार्यक्रम में डॉ अभिलाषा जैन, डॉ अवधेश प्रताप सिंह,डा दयाराम राजपूत, लेफ्टिनेंट डा जयनारायण यादव,लेफ्टिनेंट कीर्ति रैकवार, डा भानुप्रिया पटेल, डा वसुंधरा गुप्ता सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

➡️ कृषि विकास अधिकारी बीना द्वारा दल बनाकर कीटनाशक दुकानों का निरीक्षण किया गया

कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड बीना द्वारा दल बनाकर कीटनाशक दुकानों का निरीक्षण किया गया जिसमें बीना में मे. दुबे ट्रेडर्स, मे. सुनील ट्रेडर्स, पूजा ट्रेडर्स तथा भानगढ़ में पटेल ब्रदर्स, श्री श्याम कृषि सेवा केंद्र, अजय ट्रेडर्स एवं अमित ट्रेडर्स आदि दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जो अनियमितताएं पाई गई उन्हें दुरुस्त कराने के लिए फर्म संचालकों को नोटिस दिया गया। कीटनाशकों के सैंपल भी लिए गए। नोटिस का जवाब 3 दिवस में मांगा गया है। जवाब संतुष्टि पूर्वक नहीं होने पर फर्म संचालकों पर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही टीम द्वारा मूंग उपार्जन केंद्र एवं बिहारना वेयर हाउस स्थित खाद गोदाम का निरीक्षण किया गया खाद के सैंपल लिए गए। ग्राम बेलई में श्री हरिशंकर दुबे जी के ऑर्गेनिक फार्मिंग यूनिट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम में श्री अवधेश राय, SADO बीना, श्री दीपेश मोघे, उर्वरक निरीक्षक बीना, अभिषेक कौशिक कृषि विस्तार अधिकारी एवं सचिन चतुर्वेदी उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ कृषि विकास अधिकारी बीना द्वारा दल बनाकर कीटनाशक दुकानों का निरीक्षण किया गया कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड बीना द्वारा दल बनाकर कीटनाशक दुकानों का निरीक्षण किया गया जिसमें बीना में मे. दुबे ट्रेडर्स, मे. सुनील ट्रेडर्स, पूजा ट्रेडर्स तथा भानगढ़ में पटेल ब्रदर्स, श्री श्याम कृषि सेवा केंद्र, अजय ट्रेडर्स एवं अमित ट्रेडर्स आदि दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जो अनियमितताएं पाई गई उन्हें दुरुस्त कराने के लिए फर्म संचालकों को नोटिस दिया गया। कीटनाशकों के सैंपल भी लिए गए। नोटिस का जवाब 3 दिवस में मांगा गया है। जवाब संतुष्टि पूर्वक नहीं होने पर फर्म संचालकों पर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही टीम द्वारा मूंग उपार्जन केंद्र एवं बिहारना वेयर हाउस स्थित खाद गोदाम का निरीक्षण किया गया खाद के सैंपल लिए गए। ग्राम बेलई में श्री हरिशंकर दुबे जी के ऑर्गेनिक फार्मिंग यूनिट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम में श्री अवधेश राय, SADO बीना, श्री दीपेश मोघे, उर्वरक निरीक्षक बीना, अभिषेक कौशिक कृषि विस्तार अधिकारी एवं सचिन चतुर्वेदी उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

➡️ दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तहत पशुपालकों के घर पहुंचा अमला,

दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत 18 जुलाई 2026 तक विभागीय स्टाफ द्वारा 12,500 पशुपालकों के घर-घर पहुंचकर गृह भेंट की गई है। इनमें से 11,525 पशुपालकों की ऑनलाइन प्रविष्टि सफलतापूर्वक की जा चुकी है। अभियान के दौरान पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्नत नस्ल सुधार, पशु पोषण तथा पशु स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। साथ ही इन विषयों से संबंधित जागरूकता रील उनके मोबाइल पर साझा की जा रही हैं। पशुपालन गतिविधियों से जुड़े व्हाट्सएप चैनल से भी मौके पर ही पशुपालकों को जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त पशुओं के पोषण संबंधी आवश्यक मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कराए जा रहे हैं, ताकि पशुपालकों को समय पर तकनीकी जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध हो सकें। अभियान की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा गृह भेंट का नियमानुसार भौतिक सत्यापन भी लगातार किया जा रहा है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तहत पशुपालकों के घर पहुंचा अमला, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत 18 जुलाई 2026 तक विभागीय स्टाफ द्वारा 12,500 पशुपालकों के घर-घर पहुंचकर गृह भेंट की गई है। इनमें से 11,525 पशुपालकों की ऑनलाइन प्रविष्टि सफलतापूर्वक की जा चुकी है। अभियान के दौरान पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्नत नस्ल सुधार, पशु पोषण तथा पशु स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। साथ ही इन विषयों से संबंधित जागरूकता रील उनके मोबाइल पर साझा की जा रही हैं। पशुपालन गतिविधियों से जुड़े व्हाट्सएप चैनल से भी मौके पर ही पशुपालकों को जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त पशुओं के पोषण संबंधी आवश्यक मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कराए जा रहे हैं, ताकि पशुपालकों को समय पर तकनीकी जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध हो सकें। अभियान की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा गृह भेंट का नियमानुसार भौतिक सत्यापन भी लगातार किया जा रहा है। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

सागर में युवती का हथियार लहराते हुआ वीडियो वायरल,पुलिस ने किया मामला दर्ज..!!

सागर में युवती का हथियार लहराते हुआ वीडियो वायरल,पुलिस ने किया मामला दर्ज..!!

Sagar Nagar, Sagar | Jul 27, 2026