भारत सेवाश्रम संघ के 25वें दुर्गा पूजा महोत्सव में दिखेगी बंगाल की संस्कृति
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पुरुलिया के पारंपरिक मुखौटों की थीम पर सज रहा पंडाल, 16 अक्टूबर से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान
कुरुक्षेत्र, 15 अक्टूबर (सोनिका वधवा)। रेलवे रोड स्थित भारत सेवाश्रम संघ में दुर्गा पूजा महोत्सव के 25वें वर्ष को विशेष बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। आश्रम परिसर और पूजा पंडाल की साज-सज्जा का कार्य अंतिम चरण में है। इस बार श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना के साथ पश्चिम बंगाल की पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन के लिए हरियाणा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी निमंत्रण भेजा गया है।
महोत्सव की सजावट में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के विद्यार्थी विशेष सहयोग कर रहे हैं। बांग्लादेश से आकर विश्वविद्यालय में ललित कला की पढ़ाई कर रहे छात्र प्रियनील ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से आयोजन में सेवा दे रहे हैं। इस बार महोत्सव के 25वें वर्ष के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया क्षेत्र के पारंपरिक मुखौटों की थीम पर पंडाल सजाया जा रहा है। पृष्ठभूमि की चित्रकारी और रंग-सज्जा का कार्य करीब दो सप्ताह की मेहनत से पूरा किया गया है। वहीं, पूजा के लिए पारंपरिक मूर्तियां कोलकाता के मूर्तिकारों से विशेष रूप से तैयार करवाई गई हैं।
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महाषष्ठी पर बोधन के साथ होगा शुभारंभ
पूजा समिति की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत 16 अक्टूबर को महाषष्ठी पर शाम साढ़े सात बजे बोधन, आमंत्रण एवं अधिवास के साथ होगी। समिति के अनुसार, इस वर्ष देवी का आगमन घोटक यानी घोड़े पर और प्रस्थान नौका पर होगा।
17 अक्टूबर को महासप्तमी की पूजा सुबह साढ़े सात बजे और पुष्पांजलि सुबह दस बजे होगी। 18 अक्टूबर को महासप्तमी की अधिक पूजा सुबह साढ़े पांच बजे तथा पुष्पांजलि सुबह दस बजे आयोजित की जाएगी। दोनों दिन शाम सात बजे संध्या आरती और साढ़े सात बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
19 अक्टूबर को महाअष्टमी की पूजा सुबह छह बजे और पुष्पांजलि सात बजे होगी। संधि पूजा सुबह 7:26 बजे से 8:14 बजे तक की जाएगी। शाम सात बजे संध्या आरती के बाद साढ़े सात बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 20 अक्टूबर को महानवमी की पूजा सुबह साढ़े सात बजे, पुष्पांजलि दस बजे और संध्या आरती शाम सात बजे होगी। इसके बाद साढ़े सात बजे सांस्कृतिक संध्या शुरू होगी।
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नवमी पर ‘अकाल बोधन’ की कथा का मंचन
महोत्सव के दौरान शाम को होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकार और बंगाली समुदाय के श्रद्धालु भाग लेंगे। महानवमी पर भगवान श्रीराम द्वारा किए गए ‘अकाल बोधन’ की कथा पर आधारित विशेष नाटक का मंचन किया जाएगा।
21 अक्टूबर को महादशमी पर दोपहर डेढ़ बजे सिंदूर उत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद दो बजे विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम सात बजे शांति जल एवं बिजया सम्मिलनी का आयोजन होगा।
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25 अक्टूबर को होगी लक्ष्मी पूजा
धार्मिक कार्यक्रमों की कड़ी में 25 अक्टूबर को रात साढ़े आठ बजे लक्ष्मी पूजा होगी। रात नौ बजे आरती, सवा नौ बजे पुष्पांजलि और साढ़े नौ बजे भोग वितरण किया जाएगा। पूजा समिति ने धर्मनगरी के सभी श्रद्धालुओं से महोत्सव में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन करने और प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।