Public App Logo
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
जनसमस्या
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Jharkhand
Iyc
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Ipl
Uttarpradesh
No video available

नहर विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते नहीं हुआ शारदा नहर में मिट्टी ढहे हुए हिस्से का हल #dmhardoi #hardoi_district_

Hardoi, Hardoi | Dec 19, 2022

MORE NEWS

*थाना तिलहर, जनपद शाहजहाँपुर क्षेत्रान्तर्गत युवती को प्रेम प्रसंग में फंसाकर शारीरिक संबंध स्थापित करने, शादी हेतु दबाव बनाने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकी देने, एससी/एसटी एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकरण तथा त्वरित पुलिस कार्यवाही में एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के संबंध में  क्षेत्राधिकारी, तिलहर शाहजहाँपुर महोदया की बाइट।*

*थाना तिलहर, जनपद शाहजहाँपुर क्षेत्रान्तर्गत युवती को प्रेम प्रसंग में फंसाकर शारीरिक संबंध स्थापित करने, शादी हेतु दबाव बनाने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकी देने, एससी/एसटी एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकरण तथा त्वरित पुलिस कार्यवाही में एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी, तिलहर शाहजहाँपुर महोदया की बाइट।*

Hardoi, Hardoi | Jun 9, 2026

हरदोई। शाहाबाद तहसील क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार को निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर हुए पथराव के मामले में 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मुकदमा दर्ज न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार एसडीएम बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लेने गांव पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर में खामियां मिलने पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उदयवीर राजपूत से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद तनाव बढ़ गया और आरोप है कि एसडीएम के वाहन का पीछा कर भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें एसडीएम के सिर में चोट लग गई। उन्हें उपचार के लिए पहले सीएचसी शाहाबाद और बाद में मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दावा किया था। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार घटना में कुछ नाम भी चिन्हित किए गए हैं और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल भी की है। इसके बावजूद हैरानी की बात यह है कि एक राजपत्रित अधिकारी पर हमले और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं का मामला होने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।

एसडीएम पर पथराव की घटना के बाद मुकदमा दर्ज न हो पाने को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि राजनीतिक दबाव और उच्च स्तर से हुए हस्तक्षेप के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब आम मामलों में पुलिस तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करती है तो फिर एक एसडीएम पर हुए हमले में एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है। फिलहाल प्रशासन जांच और कानूनी प्रक्रिया की बात कह रहा है, लेकिन घटना के बाद भी मुकदमा दर्ज न होना पूरे मामले का सबसे बड़ा और चर्चित पहलू बन गया है।

हरदोई। शाहाबाद तहसील क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार को निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर हुए पथराव के मामले में 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मुकदमा दर्ज न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार एसडीएम बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लेने गांव पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर में खामियां मिलने पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उदयवीर राजपूत से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद तनाव बढ़ गया और आरोप है कि एसडीएम के वाहन का पीछा कर भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें एसडीएम के सिर में चोट लग गई। उन्हें उपचार के लिए पहले सीएचसी शाहाबाद और बाद में मेडिकल कॉलेज भेजा गया। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दावा किया था। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार घटना में कुछ नाम भी चिन्हित किए गए हैं और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल भी की है। इसके बावजूद हैरानी की बात यह है कि एक राजपत्रित अधिकारी पर हमले और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं का मामला होने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। एसडीएम पर पथराव की घटना के बाद मुकदमा दर्ज न हो पाने को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि राजनीतिक दबाव और उच्च स्तर से हुए हस्तक्षेप के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब आम मामलों में पुलिस तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करती है तो फिर एक एसडीएम पर हुए हमले में एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है। फिलहाल प्रशासन जांच और कानूनी प्रक्रिया की बात कह रहा है, लेकिन घटना के बाद भी मुकदमा दर्ज न होना पूरे मामले का सबसे बड़ा और चर्चित पहलू बन गया है।

Hardoi, Hardoi | Jun 9, 2026