नम आंखों से मां दुर्गे को दी विदाई, जयकारों और भक्ति के बीच प्रतिमाओं को दिया जल विश्राम
सिमडेगा में एकादशी पर निकली भव्य विसर्जन शोभायात्रा, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे श्रद्धालु
सिमडेगा:नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और उत्सव में डूबे सिमडेगा शहर में एकादशी के दिन माहौल भावुक हो उठा। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही पूजा महोत्सव का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने नम आंखों और जयकारों के बीच माता रानी को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर आने की कामना की। देर शाम जलाशय में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को एक वर्ष के लिए जल विश्राम दिया गया।
दुर्गा पूजा समन्वय समिति के बैनर तले शहर के विभिन्न पूजा पंडालों की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजाए गए ट्रकों में रखकर विसर्जन के लिए निकाला गया। भक्ति और उल्लास से सराबोर शोभायात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की थाप, भक्ति गीतों और मां दुर्गे के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए विसर्जन स्थल की ओर बढ़ते रहे।
पूरे रास्ते भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिला। एक ओर मां की विदाई का भावुक क्षण था, तो दूसरी ओर अगले वर्ष फिर से मां के आगमन की उम्मीद और आस्था का उल्लास। श्रद्धालुओं ने माता रानी से सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस मुस्तैद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। विसर्जन स्थल पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
सिमडेगा में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही पूजा उत्सव का समापन हुआ। पीछे रह गईं भक्ति, उल्लास और यादों से भरी नौ दिनों की अनगिनत स्मृतियां, जबकि श्रद्धालुओं के दिलों में एक ही पुकार गूंजती रही 'अगले बरस तू जल्दी आ, मां'