*वेजफेड अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा*
*सभी अंचलाधिकारियों को भूमि चिन्हित करने तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वित रूप से योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के दिए निर्देश*
जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में सहकारिता विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सर्वप्रथम जिले के सभी 20 प्रखंडों में गठित 20 प्राइमरी वेज कोऑपरेटिव सोसाइटी (पीवीसीएस) की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक पीवीसीएस को आवश्यक आधारभूत उपकरणों की खरीद हेतु ₹98,800 की राशि उपलब्ध कराई जाती है तथा अब तक 10 प्रखंडों के 10 पीवीसीएस को यह राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वेजफेड द्वारा पीवीसीएस सदस्यता अभियान 02 जनवरी, 2026 से संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण (02 जनवरी से 31 जनवरी, 2026) में 20,685 नए सब्जी उत्पादक किसानों को सदस्य बनाया गया, जबकि द्वितीय चरण में 06 मार्च, 2026 तक 40,388 किसानों को सदस्यता प्रदान की गई है।
इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंजीकृत सब्जी उत्पादक किसानों को पीवीसीएस से जोड़ने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अधिकाधिक किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
बैठक के दौरान वेजफेड की आधारभूत संरचना विकास योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक पीवीसीएस के लिए 10,000 वर्गफुट (100×100 फीट) भूमि पर आधारभूत संरचना विकसित की जानी है, जिसकी प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹1,14,30,561 निर्धारित है।
इस परियोजना के अंतर्गत बाउंड्री वॉल, मार्केट यार्ड, "अपना मंडी" प्लेटफॉर्म, धुलाई, सफाई, छंटाई एवं ग्रेडिंग शेड, कार्यालय भवन, गार्ड रूम, शौचालय, आंतरिक सड़क, 20 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम, 10 मीट्रिक टन क्षमता का शीत भंडारण गृह, पार्किंग शेड तथा जलापूर्ति हेतु ट्यूबवेल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में प्याज भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक पीवीसीएस में 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 1,500 वर्गफुट भूमि की आवश्यकता होगी तथा प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹13,05,105 निर्धारित की गई है।
इसके अतिरिक्त वेजफेड एवं पीवीसीएस के माध्यम से संचालित "तरकारी आउटलेट" योजना की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों से सीधे ताजी सब्जियों की खरीद कर संगठित खुदरा बिक्री सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं ताजी सब्जियां उचित दरों पर उपलब्ध हो सकें। प्रति तरकारी आउटलेट ₹7.44 लाख की लागत स्वीकृत है।
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने वेजफेड अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे तथा सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी उपस्थित थे।
Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026