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#हाय रे शराबबंदी : दारोगा जी शराब के नशे में टुल्ल हो खूब लगाए ठुमके...अब एसपी ने कर दिया सस्पेंड

Kahara, Saharsa | Feb 23, 2022

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*वेजफेड अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा* 

 *सभी अंचलाधिकारियों को भूमि चिन्हित करने तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वित रूप से योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के दिए निर्देश* 

 जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में सहकारिता विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सर्वप्रथम जिले के सभी 20 प्रखंडों में गठित 20 प्राइमरी वेज कोऑपरेटिव सोसाइटी (पीवीसीएस) की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक पीवीसीएस को आवश्यक आधारभूत उपकरणों की खरीद हेतु ₹98,800 की राशि उपलब्ध कराई जाती है तथा अब तक 10 प्रखंडों के 10 पीवीसीएस को यह राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वेजफेड द्वारा पीवीसीएस सदस्यता अभियान 02 जनवरी, 2026 से संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण (02 जनवरी से 31 जनवरी, 2026) में 20,685 नए सब्जी उत्पादक किसानों को सदस्य बनाया गया, जबकि द्वितीय चरण में 06 मार्च, 2026 तक 40,388 किसानों को सदस्यता प्रदान की गई है।
इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंजीकृत सब्जी उत्पादक किसानों को पीवीसीएस से जोड़ने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अधिकाधिक किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
बैठक के दौरान वेजफेड की आधारभूत संरचना विकास योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक पीवीसीएस के लिए 10,000 वर्गफुट (100×100 फीट) भूमि पर आधारभूत संरचना विकसित की जानी है, जिसकी प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹1,14,30,561 निर्धारित है।
इस परियोजना के अंतर्गत बाउंड्री वॉल, मार्केट यार्ड, "अपना मंडी" प्लेटफॉर्म, धुलाई, सफाई, छंटाई एवं ग्रेडिंग शेड, कार्यालय भवन, गार्ड रूम, शौचालय, आंतरिक सड़क, 20 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम, 10 मीट्रिक टन क्षमता का शीत भंडारण गृह, पार्किंग शेड तथा जलापूर्ति हेतु ट्यूबवेल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में प्याज भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक पीवीसीएस में 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 1,500 वर्गफुट भूमि की आवश्यकता होगी तथा प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹13,05,105 निर्धारित की गई है।
इसके अतिरिक्त वेजफेड एवं पीवीसीएस के माध्यम से संचालित "तरकारी आउटलेट" योजना की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों से सीधे ताजी सब्जियों की खरीद कर संगठित खुदरा बिक्री सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं ताजी सब्जियां उचित दरों पर उपलब्ध हो सकें। प्रति तरकारी आउटलेट ₹7.44 लाख की लागत स्वीकृत है।
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने वेजफेड अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे तथा सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी उपस्थित थे।

*वेजफेड अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा* *सभी अंचलाधिकारियों को भूमि चिन्हित करने तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वित रूप से योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के दिए निर्देश* जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में सहकारिता विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी ने सर्वप्रथम जिले के सभी 20 प्रखंडों में गठित 20 प्राइमरी वेज कोऑपरेटिव सोसाइटी (पीवीसीएस) की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक पीवीसीएस को आवश्यक आधारभूत उपकरणों की खरीद हेतु ₹98,800 की राशि उपलब्ध कराई जाती है तथा अब तक 10 प्रखंडों के 10 पीवीसीएस को यह राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वेजफेड द्वारा पीवीसीएस सदस्यता अभियान 02 जनवरी, 2026 से संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण (02 जनवरी से 31 जनवरी, 2026) में 20,685 नए सब्जी उत्पादक किसानों को सदस्य बनाया गया, जबकि द्वितीय चरण में 06 मार्च, 2026 तक 40,388 किसानों को सदस्यता प्रदान की गई है। इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंजीकृत सब्जी उत्पादक किसानों को पीवीसीएस से जोड़ने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अधिकाधिक किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। बैठक के दौरान वेजफेड की आधारभूत संरचना विकास योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक पीवीसीएस के लिए 10,000 वर्गफुट (100×100 फीट) भूमि पर आधारभूत संरचना विकसित की जानी है, जिसकी प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹1,14,30,561 निर्धारित है। इस परियोजना के अंतर्गत बाउंड्री वॉल, मार्केट यार्ड, "अपना मंडी" प्लेटफॉर्म, धुलाई, सफाई, छंटाई एवं ग्रेडिंग शेड, कार्यालय भवन, गार्ड रूम, शौचालय, आंतरिक सड़क, 20 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम, 10 मीट्रिक टन क्षमता का शीत भंडारण गृह, पार्किंग शेड तथा जलापूर्ति हेतु ट्यूबवेल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके। बैठक में प्याज भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक पीवीसीएस में 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 1,500 वर्गफुट भूमि की आवश्यकता होगी तथा प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹13,05,105 निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त वेजफेड एवं पीवीसीएस के माध्यम से संचालित "तरकारी आउटलेट" योजना की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों से सीधे ताजी सब्जियों की खरीद कर संगठित खुदरा बिक्री सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं ताजी सब्जियां उचित दरों पर उपलब्ध हो सकें। प्रति तरकारी आउटलेट ₹7.44 लाख की लागत स्वीकृत है। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने वेजफेड अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे तथा सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। बैठक में अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी उपस्थित थे।

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026

*जिलाधिकारी ने जिला पंचायत कार्यालय का किया निरीक्षण, कार्यालय व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं लंबित विभागीय मामलों के त्वरित निष्पादन के दिए निर्देश* 

  जिलाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को जिला पंचायत  कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न शाखाओं एवं कक्षों का भ्रमण कर कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, विभागीय कार्यों की प्रगति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने कार्यालय भवन के जीर्ण-शीर्ण हिस्सों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल को तत्काल कार्यालय में बुलाकर भवन की तकनीकी जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया, ताकि कार्यालय का संचालन सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में हो सके।
कार्यालय में अभिलेखों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों के रख-रखा

*जिलाधिकारी ने जिला पंचायत कार्यालय का किया निरीक्षण, कार्यालय व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं लंबित विभागीय मामलों के त्वरित निष्पादन के दिए निर्देश* जिलाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न शाखाओं एवं कक्षों का भ्रमण कर कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, विभागीय कार्यों की प्रगति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने कार्यालय भवन के जीर्ण-शीर्ण हिस्सों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल को तत्काल कार्यालय में बुलाकर भवन की तकनीकी जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया, ताकि कार्यालय का संचालन सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में हो सके। कार्यालय में अभिलेखों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों के रख-रखा

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026

*जिलाधिकारी ने जिला पंचायत कार्यालय का किया निरीक्षण, कार्यालय व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं लंबित विभागीय मामलों के त्वरित निष्पादन के दिए निर्देश* 

  जिलाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को जिला पंचायत  कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न शाखाओं एवं कक्षों का भ्रमण कर कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, विभागीय कार्यों की प्रगति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने कार्यालय भवन के जीर्ण-शीर्ण हिस्सों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल को तत्काल कार्यालय में बुलाकर भवन की तकनीकी जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया, ताकि कार्यालय का संचालन सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में हो सके।
कार्यालय में अभिलेखों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रधान सहायक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर सभी महत्वपूर्ण फाइलों एवं अभिलेखों का व्यवस्थित वर्गीकरण, सूचीकरण तथा सुरक्षित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभागीय अभिलेख नियमावली के अनुरूप जिन अभिलेखों एवं दस्तावेजों की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है अथवा जो निष्प्रयोज्य हैं, उनका नियमानुसार शीघ्र निष्पादन (डिस्पोजल) कराया जाए।
जिलाधिकारी ने विभागीय पत्रों के समयबद्ध निष्पादन, लंबित पत्राचार के त्वरित अनुपालन, अभिलेखों के नियमित अद्यतन तथा कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं दक्षता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने विभिन्न पंचायत सचिवों के विरुद्ध लंबित विभागीय कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विभागीय अनुशासन एवं प्रशासनिक जवाबदेही और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उन्होंने कहा कि कार्यालय व्यवस्था की सुव्यवस्थित प्रणाली एवं सुदृढ़ अभिलेख प्रबंधन प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता एवं गति दोनों को बढ़ाते हैं। इससे पंचायत राज विभाग की योजनाओं एवं सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा तथा आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ करने तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

*जिलाधिकारी ने जिला पंचायत कार्यालय का किया निरीक्षण, कार्यालय व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं लंबित विभागीय मामलों के त्वरित निष्पादन के दिए निर्देश* जिलाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न शाखाओं एवं कक्षों का भ्रमण कर कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, विभागीय कार्यों की प्रगति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने कार्यालय भवन के जीर्ण-शीर्ण हिस्सों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल को तत्काल कार्यालय में बुलाकर भवन की तकनीकी जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया, ताकि कार्यालय का संचालन सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में हो सके। कार्यालय में अभिलेखों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रधान सहायक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर सभी महत्वपूर्ण फाइलों एवं अभिलेखों का व्यवस्थित वर्गीकरण, सूचीकरण तथा सुरक्षित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभागीय अभिलेख नियमावली के अनुरूप जिन अभिलेखों एवं दस्तावेजों की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है अथवा जो निष्प्रयोज्य हैं, उनका नियमानुसार शीघ्र निष्पादन (डिस्पोजल) कराया जाए। जिलाधिकारी ने विभागीय पत्रों के समयबद्ध निष्पादन, लंबित पत्राचार के त्वरित अनुपालन, अभिलेखों के नियमित अद्यतन तथा कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं दक्षता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने विभिन्न पंचायत सचिवों के विरुद्ध लंबित विभागीय कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विभागीय अनुशासन एवं प्रशासनिक जवाबदेही और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि कार्यालय व्यवस्था की सुव्यवस्थित प्रणाली एवं सुदृढ़ अभिलेख प्रबंधन प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता एवं गति दोनों को बढ़ाते हैं। इससे पंचायत राज विभाग की योजनाओं एवं सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा तथा आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ करने तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026

जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने को लेकर जिला कौशल विकास समिति की बैठक सम्पन्न
जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान (District Skill Development Plan) के निर्माण के संबंध में जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान के प्रभावी, व्यावहारिक एवं समयबद्ध निर्माण को लेकर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले की आवश्यकताओं, स्थानीय संसाधनों एवं रोजगार की संभावनाओं का समुचित आकलन करते हुए ऐसा कौशल विकास प्लान तैयार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके तथा उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हों।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों, प्रशिक्षण संस्थानों एवं वित्तीय संस्थाओं के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिला नियोजन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों एवं प्रशिक्षण एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान का प्रारूप शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय उद्योगों, सेवा क्षेत्र एवं बाजार की मांग के अनुरूप संचालित हों, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो।
बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार के सात निश्चय-2 अंतर्गत "आर्थिक हल, युवाओं को बल" कार्यक्रम के तहत सारण जिले में लगातार रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार स्थापित करने के साथ-साथ निजी एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 1,41,419 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों, जैसे ब्यूटी थेरेपी, फैशन डिजाइनिंग, अकाउंट असिस्टेंट, सिलाई मशीन ऑपरेटर, हेल्थकेयर, कंप्यूटर एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद बड़ी संख्या में युवा स्वरोजगार स्थापित कर रहे हैं अथवा विभिन्न संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं।
बैठक में जिला नियोजन पदाधिकारी, लीड बैंक मैनेजर सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने को लेकर जिला कौशल विकास समिति की बैठक सम्पन्न जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान (District Skill Development Plan) के निर्माण के संबंध में जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान के प्रभावी, व्यावहारिक एवं समयबद्ध निर्माण को लेकर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले की आवश्यकताओं, स्थानीय संसाधनों एवं रोजगार की संभावनाओं का समुचित आकलन करते हुए ऐसा कौशल विकास प्लान तैयार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके तथा उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हों। जिला पदाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों, प्रशिक्षण संस्थानों एवं वित्तीय संस्थाओं के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिला नियोजन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों एवं प्रशिक्षण एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जिला स्किल डेवलपमेंट प्लान का प्रारूप शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय उद्योगों, सेवा क्षेत्र एवं बाजार की मांग के अनुरूप संचालित हों, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो। बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार के सात निश्चय-2 अंतर्गत "आर्थिक हल, युवाओं को बल" कार्यक्रम के तहत सारण जिले में लगातार रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार स्थापित करने के साथ-साथ निजी एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 1,41,419 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों, जैसे ब्यूटी थेरेपी, फैशन डिजाइनिंग, अकाउंट असिस्टेंट, सिलाई मशीन ऑपरेटर, हेल्थकेयर, कंप्यूटर एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद बड़ी संख्या में युवा स्वरोजगार स्थापित कर रहे हैं अथवा विभिन्न संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं। बैठक में जिला नियोजन पदाधिकारी, लीड बैंक मैनेजर सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026

*आपदा प्रबंधन विभाग* द्वारा विभिन्न प्रकार के आपदा से बचाव एवं घटना की स्थिति में देय सहायता राशि के प्रावधानों के बारे में  जानकारी देने के लिये  सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, सारण श्री अनुभव राज जिला प्रशासन, सारण के फेसबुक पेज पर लाइव रहेंगे। इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिये निर्धारित समय पर जिला प्रशासन, सारण के फेसबुक पेज से जुड़ें।
दिनांक: 06 अगस्त 2026
समय: 04:30 PM

जिला प्रशासन, सारण

*आपदा प्रबंधन विभाग* द्वारा विभिन्न प्रकार के आपदा से बचाव एवं घटना की स्थिति में देय सहायता राशि के प्रावधानों के बारे में जानकारी देने के लिये सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, सारण श्री अनुभव राज जिला प्रशासन, सारण के फेसबुक पेज पर लाइव रहेंगे। इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिये निर्धारित समय पर जिला प्रशासन, सारण के फेसबुक पेज से जुड़ें। दिनांक: 06 अगस्त 2026 समय: 04:30 PM जिला प्रशासन, सारण

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026