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Bihar, Nalanda | Jun 29, 2026

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Bihar, Nalanda | Jun 29, 2026

नालंदा विश्वविद्यालय प्रेस विज्ञप्ति

प्रधानमंत्री: एआई युग की चुनौतियों के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा दे रही है नालंदा विश्वविद्यालय की शास्त्रार्थ पहल
नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा को आज के समय से जोड़ने के प्रयास  को प्रधानमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें।

नई दिल्ली/राजगीर, बिहार | 28 जून, 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आज, नालंदा विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि आज जब विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नई तकनीकों और तीव्र नवाचारों के युग से गुजर रहा है, तब यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मानव की रचनात्मकता सुरक्षित रहे तथा समाज अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक जड़ों से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर खोजने का सार्थक प्रयास नालंदा विश्वविद्यालय कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी नालंदा की ज्ञान परंपरा आज नए स्वरूप में भारत के भविष्य को दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने स्मरण किया कि दो वर्ष पूर्व उन्हें नालंदा विश्वविद्यालय के नवीन परिसर के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ था।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्जीवित की गई शास्त्रार्थ परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि शास्त्रार्थ केवल अपने विचार प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं है। ये वाद, संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ अपनी बात कहना बहुत ज़रूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है।

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इस प्राचीन भारतीय बौद्धिक परंपरा को अपने दीक्षांत समारोह का एक महत्वपूर्ण अंग बनाया है। इस अवसर पर पारिस्थितिकी, सतत विकास और प्रौद्योगिकी सहित 25 विभिन्न विषयों पर गहन शास्त्रार्थ एवं विचार-विमर्श आयोजित किए गए, जिनमें 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें लगभग आधे से अधिक प्रतिभागी यहाॅ अध्ययनरत विभिन्न देशों से आए हुए छात्र थे, जो नालंदा विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा और उसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया। इसमें भाग लेने वाले करीब आधे स्टूडेंट्स अन्य देशों से आए थे। एक प्राचीन परंपरा को आज के समय से जोड़ने का ये प्रयास बहुत सराहनीय है। मैं इसके लिए नालंदा विश्वविद्यालय को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।" प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें।

नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त विचारों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना हमारे लिए प्रेरणादायक एवं गौरव का विषय है। उनके निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान तथा उसके वैश्विक स्वरूप को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शास्त्रार्थ जैसी भारतीय बौद्धिक परंपराओं को अपने पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर हम नालंदा के ज्ञान, संवाद और सह-अस्तित्व की उस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसने सदियों तक समस्त एशिया को दिशा दी। हम माननीय प्रधानमंत्री के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए उनके प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं तथा प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपराओं को समकालीन वैश्विक विमर्शों से जोड़ने के अपने प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Nalanda University, Rajgir

नालंदा विश्वविद्यालय प्रेस विज्ञप्ति प्रधानमंत्री: एआई युग की चुनौतियों के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा दे रही है नालंदा विश्वविद्यालय की शास्त्रार्थ पहल नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा को आज के समय से जोड़ने के प्रयास को प्रधानमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें। नई दिल्ली/राजगीर, बिहार | 28 जून, 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आज, नालंदा विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि आज जब विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नई तकनीकों और तीव्र नवाचारों के युग से गुजर रहा है, तब यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मानव की रचनात्मकता सुरक्षित रहे तथा समाज अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक जड़ों से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर खोजने का सार्थक प्रयास नालंदा विश्वविद्यालय कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी नालंदा की ज्ञान परंपरा आज नए स्वरूप में भारत के भविष्य को दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने स्मरण किया कि दो वर्ष पूर्व उन्हें नालंदा विश्वविद्यालय के नवीन परिसर के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ था। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्जीवित की गई शास्त्रार्थ परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि शास्त्रार्थ केवल अपने विचार प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं है। ये वाद, संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ अपनी बात कहना बहुत ज़रूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इस प्राचीन भारतीय बौद्धिक परंपरा को अपने दीक्षांत समारोह का एक महत्वपूर्ण अंग बनाया है। इस अवसर पर पारिस्थितिकी, सतत विकास और प्रौद्योगिकी सहित 25 विभिन्न विषयों पर गहन शास्त्रार्थ एवं विचार-विमर्श आयोजित किए गए, जिनमें 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें लगभग आधे से अधिक प्रतिभागी यहाॅ अध्ययनरत विभिन्न देशों से आए हुए छात्र थे, जो नालंदा विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा और उसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया। इसमें भाग लेने वाले करीब आधे स्टूडेंट्स अन्य देशों से आए थे। एक प्राचीन परंपरा को आज के समय से जोड़ने का ये प्रयास बहुत सराहनीय है। मैं इसके लिए नालंदा विश्वविद्यालय को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।" प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें। नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त विचारों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना हमारे लिए प्रेरणादायक एवं गौरव का विषय है। उनके निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान तथा उसके वैश्विक स्वरूप को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शास्त्रार्थ जैसी भारतीय बौद्धिक परंपराओं को अपने पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर हम नालंदा के ज्ञान, संवाद और सह-अस्तित्व की उस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसने सदियों तक समस्त एशिया को दिशा दी। हम माननीय प्रधानमंत्री के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए उनके प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं तथा प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपराओं को समकालीन वैश्विक विमर्शों से जोड़ने के अपने प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Nalanda University, Rajgir

Nalanda, Bihar | Jun 28, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
......................

आज दिनांक 28 जून 2026 को श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता, नालंदा द्वारा केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), पटना के अंतर्गत "बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) एवं तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग" में "सिपाही (प्रचालक)" के पद पर चयन हेतु आयोजित लिखित परीक्षा का परीक्षा केन्द्रों पर निरीक्षण किया गया। 

यह परीक्षा दिनांक 28 जून 2026 (रविवार) को एकल पाली में शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराई गई।

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने परीक्षा केन्द्रों पर की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। 

उन्होंने परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। 

उन्होंने केन्द्राधीक्षकों एवं प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने परीक्षा केन्द्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी सतर्कता एवं निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता पूर्णतः बनी रहे। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने पर बल दिया।

इस अवसर पर  सीडीपीओ सदर-2  उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ...................... आज दिनांक 28 जून 2026 को श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता, नालंदा द्वारा केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), पटना के अंतर्गत "बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) एवं तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग" में "सिपाही (प्रचालक)" के पद पर चयन हेतु आयोजित लिखित परीक्षा का परीक्षा केन्द्रों पर निरीक्षण किया गया। यह परीक्षा दिनांक 28 जून 2026 (रविवार) को एकल पाली में शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराई गई। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने परीक्षा केन्द्रों पर की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। उन्होंने परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्राधीक्षकों एवं प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने परीक्षा केन्द्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी सतर्कता एवं निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता पूर्णतः बनी रहे। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने पर बल दिया। इस अवसर पर सीडीपीओ सदर-2 उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 28, 2026

प्रेस विज्ञप्ति 
नालन्दा।
.......................

आज दिनांक- 28 जून 2026 को श्री कुमार रवि , सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, - सह -प्रभारी सचिव ,नालन्दा द्वारा नालन्दा जिला अन्तर्गत हिलसा प्रखंड के जूनियार पंचायत भवन में "पंचायत विकास दिवस" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जनकल्याणकारी बनाना है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँच सके।

उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, आमजन को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराएँ।

विषय: नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में भव्यता के साथ मनाया गया 'पंचायत विकास दिवस'; 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' थीम पर हुआ विशेष विमर्श।

बिहार सरकार के निर्णय के आलोक में आज, प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाले 'पंचायत विकास दिवस' का जिला स्तरीय और पंचायत स्तरीय सफल आयोजन नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में किया गया। इस माह के विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय (थीम) "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" रखा गया था, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित इस विशेष दिवस की मुख्य विशेषताएं एवं उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

जनभागीदारी और त्रिस्तरीय संवाद: -
जिले के सभी पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों (मुखिया, वार्ड सदस्य), ग्राम सभा के सदस्यों, युवाओं और जीविका दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित कार्रवाई हेतु रोडमैप तैयार किया गया।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल: -
थीम के अनुरूप पंचायतों में महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद जीविका दीदियों को स्वरोजगार (जैसे गौ-पालन) और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की जानकारी दी गई।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार, जिले के प्रभारी पदाधिकारियों और वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों ने नालंदा के विभिन्न पंचायतों का भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया।
शत-प्रतिशत जनसहयोग और पारदर्शिता इस दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आम लोगों की सहभागिता बढ़ाना और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करना है। इस दौरान सरकार के द्वारा बढ़ाए गए बजट और आगामी योजनाओं (जैसे सोलर लाइट योजना एवं विकसित भारत जी-राम-जी अभियान) के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

जिलाधिकारी, नालंदा का संदेश:
"पंचायत विकास दिवस के माध्यम से हमारा लक्ष्य शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाना है। नालंदा की सभी पंचायतों में आज का आयोजन बेहद सफल रहा है। 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। हर महीने के अंतिम रविवार को यह अभियान इसी प्रकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जारी रहेगा।"

इस अवसर पर पौधारोपण कर जल जीवन हरियाली के प्रति लोगों को प्रेरित किया गया ।

इस अवसर पर श्री कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, माननीय विधायक, हिलसा, जिला पदाधिकारी, नालन्दा एवं पुलिस अधीक्षक, नालन्दा , अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी ,प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थें।
Samrat Choudhary 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Kumar Ravi 
Bihar Health Department 
Panchayati Raj Department, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति नालन्दा। ....................... आज दिनांक- 28 जून 2026 को श्री कुमार रवि , सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, - सह -प्रभारी सचिव ,नालन्दा द्वारा नालन्दा जिला अन्तर्गत हिलसा प्रखंड के जूनियार पंचायत भवन में "पंचायत विकास दिवस" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जनकल्याणकारी बनाना है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँच सके। उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, आमजन को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराएँ। विषय: नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में भव्यता के साथ मनाया गया 'पंचायत विकास दिवस'; 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' थीम पर हुआ विशेष विमर्श। बिहार सरकार के निर्णय के आलोक में आज, प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाले 'पंचायत विकास दिवस' का जिला स्तरीय और पंचायत स्तरीय सफल आयोजन नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में किया गया। इस माह के विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय (थीम) "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" रखा गया था, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित इस विशेष दिवस की मुख्य विशेषताएं एवं उपलब्धियां निम्नलिखित हैं: जनभागीदारी और त्रिस्तरीय संवाद: - जिले के सभी पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों (मुखिया, वार्ड सदस्य), ग्राम सभा के सदस्यों, युवाओं और जीविका दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित कार्रवाई हेतु रोडमैप तैयार किया गया। महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल: - थीम के अनुरूप पंचायतों में महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद जीविका दीदियों को स्वरोजगार (जैसे गौ-पालन) और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की जानकारी दी गई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार, जिले के प्रभारी पदाधिकारियों और वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों ने नालंदा के विभिन्न पंचायतों का भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। शत-प्रतिशत जनसहयोग और पारदर्शिता इस दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आम लोगों की सहभागिता बढ़ाना और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करना है। इस दौरान सरकार के द्वारा बढ़ाए गए बजट और आगामी योजनाओं (जैसे सोलर लाइट योजना एवं विकसित भारत जी-राम-जी अभियान) के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। जिलाधिकारी, नालंदा का संदेश: "पंचायत विकास दिवस के माध्यम से हमारा लक्ष्य शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाना है। नालंदा की सभी पंचायतों में आज का आयोजन बेहद सफल रहा है। 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। हर महीने के अंतिम रविवार को यह अभियान इसी प्रकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जारी रहेगा।" इस अवसर पर पौधारोपण कर जल जीवन हरियाली के प्रति लोगों को प्रेरित किया गया । इस अवसर पर श्री कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, माननीय विधायक, हिलसा, जिला पदाधिकारी, नालन्दा एवं पुलिस अधीक्षक, नालन्दा , अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी ,प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थें। Samrat Choudhary Information & Public Relations Department, Government of Bihar Kumar Ravi Bihar Health Department Panchayati Raj Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 28, 2026