मोकामा में कौमी एकता की मिसाल: हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने मिलकर निकाला मुहर्रम का ताजिया, थाना चौक पर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ त्योहार
मोकामा, बिहार।
गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की एक खूबसूरत तस्वीर आज मोकामा की सड़कों पर देखने को मिली। मुहर्रम के पवित्र अवसर पर मोकामा बाजार चौक से लेकर थाना चौक तक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि हिंदू समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और दोनों समुदायों ने एकजुटता के साथ इस पर्व को मनाया।
बाजार चौक से थाना चौक तक गूंजी या हुसैन की सदाएं
जुलूस की शुरुआत मोकामा बाजार चौक से हुई, जहाँ ताजिया को देखने और उसमें शामिल होने के लिए अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के पुरुष, महिलाएं, बूढ़े और छोटे-छोटे बच्चे सभी एक साथ रोड पर ताजिया खेलते और पारंपरिक करतब दिखाते नजर आए। बच्चों और महिलाओं में त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखा गया। 'या हुसैन' के नारों के बीच जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ता हुआ मोकामा थाना चौक तक पहुँचा।
थाना परिसर में भी दिखी शांति और सद्भावना
बाजार चौक से होते हुए जब जुलूस मोकामा थाना परिसर पहुँचा, तो वहाँ मौजूद पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और जवानों ने सभी का स्वागत किया। थाना परिसर में सभी लोगों ने बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मुहर्रम का पर्व मनाया। स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी और समाज के प्रबुद्ध लोगों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
कौमी एकता की मिसाल: जुलूस में लगभग 100 से अधिक लोग शामिल थे, जिनमें दोनों समुदायों के लोगों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि त्योहार कोई भी हो, मोकामा के लोग हमेशा आपसी प्रेम और शांति के साथ मिलकर उसे मनाते हैं।
इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सामाजिक सौहार्द और एकजुटता ही हमारे समाज की असली ताकत है।
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Mokameh, Patna | Jun 26, 2026