उमरी में रक्तदान शिविर में 45 यूनिट रक्त एकत्रित
कँवल सचदेवा ने 30 वीं बार किया रक्तदान- मिला सम्मान
कुरुक्षेत्र। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में प्रधानाचार्या रचना गुप्ता के मार्गदर्शन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 45 इकाई रक्त एकत्रित किया गया। लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के रक्त कोष द्वारा यह रक्त एकत्रित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रधानाचार्या रचना गुप्ता ने रक्तदान के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सच्ची सेवा है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि रक्त की एक इकाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में सहायक हो सकती है। राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता डायमंड रक्तदाता एवं पर्यावरण प्रहरी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने रक्तदाताओं को बैज लगाते हुए कहा कि रक्त का कोई अन्य विकल्प नहीं है। केवल एक स्वस्थ व्यक्ति ही रक्तदान के माध्यम से दूसरों को जीवन का उपहार दे सकता है। उन्होंने कहा कि युवा नशे की सुई को न कहें और रक्तदान की सुई लगवाकर लोगों का जीवन बचाएं। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी, कुरुक्षेत्र के सचिव रमेश कुमार तथा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के निदेशक संदीप अहलावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शिविर के दौरान चिकित्सा दल ने रक्तदाताओं के स्वास्थ्य की जाँच की तथा रक्तदान से संबंधित भ्रांतियों को दूर करते हुए इसके महत्त्व के बारे में जागरूक किया। संस्थान के उपकरण एवं नियंत्रण अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष श्री केवल सवदेवा ने 30वीं बार रक्तदान कर समाजसेवा और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्हें विशेष रूप से तिरंगा देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में यांत्रिक अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष हरविंदर सिंह सैनी, सिविल अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष राजीव कुमार, वरिष्ठ व्याख्याता बलबीर सिंह, देव व्रत, सनी बराड़, मधु बाला सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में प्रधानाचार्या रचना गुप्ता ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सा दल, रेडक्रॉस सोसाइटी तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सहयोग, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत बनाते हैं।
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Thanesar, Kurukshetra | Oct 9, 2026