बेगूसराय में ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान बरौनी-3 स्थित मौलाना इसहाक उर्दू लाइब्रेरी में लगभग 350 वर्ष पुरानी हस्तलिखित अरबी पांडुलिपि की पहचान की गई है।
यह पांडुलिपि इस्लामी साहित्य एवं हदीस के प्रसिद्ध ग्रंथ तिरमिज़ी शरीफ की हस्तलिखित प्रति बताई जा रही है।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने इसे जिले की सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। पांडुलिपि को ज्ञान भारतम पोर्टल पर सूचीबद्ध कर संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि बेगूसराय में अब तक 738 पांडुलिपियों का सूचीकरण किया जा चुका है।
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