हनुमना स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई रात के समय डॉक्टर कम आवारा कुत्ते ज्यादा देखे जाते हैं।सरकार के दावे की पोल खोलती तस्वीर।शर्मसार कर देने वाली तस्वीर आई सामने।हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमीशन के आधार पर सचालित हो रहा है।डिलीवरी के नाम पर भोली-भाली जनता से लूटा जा रहा है पैसा।ग्रामीण जनता को पर्ची लिखकर अपने मनपसंद मेडिकल की दुकानों में मरीजों को भेजा जाता है दवाई लेने के लिए कमीशन फिक्स दुकानों*
*मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के द्वारा की गई थी शिकायत।*
*कमीशन के आधार पर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार*
*रोगी कल्याण समिति में व्यापक भ्रष्टाचार बीती अनियमिता मेडिकल रिपोर्ट में जमकर की जा रही है हेरा फेरी रुपए लेकर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार*
*हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमीशन के आधार पर सचालित हो रहा है।*
*कमिश्नर कलेक्टर आईजी के निरीक्षण के बाद भी नहीं व्यवस्था से भारी कमियांमिलीं कमिश्नर कार्यवाही की बात कही नहीं हुई कार्यवाही लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म।*
खबर मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के हनुमना अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत कमीशन के आधार पर संचालित हो रहा है। ऐसा कुछ कहना ग्रामीणों का भी है।जहां स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत डिलीवरी के नाम पर भोली-भाली जनता से 500 से ₹1000 वसूला जा रहा है।जहां बीएमओ को कमीशन भी दिया जाता है। मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर के दौरान क्षेत्रीय विधायक कलेक्टर को ग्रामीणों के द्वारा कई बार शिकायत की गई थी जहां जानकारी होते ही विधायक के द्वारा अस्पताल में औचक निरीक्षण किया गया था वही उसे दौरान तो कुछ दिनों के लिए बंद हो गया था लेकिन इन दोनों फिर से भी भोली भाली जनता को लूटा जा रहा है ।अस्पताल में कई दवाई तो उपलब्ध है लेकिन अपने मनपसंद के आधार पर पर्ची लिखकर प्राइवेट मेडिकल में भेजा जाता है।पर्सेंट के आधार पर वही बात की जाए ग्रामीण क्षेत्र में संचालित कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी जहां ताला कभी नहीं खुलता है वही ताला न खुलने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की हितग्राही मरीज परेशान होते रहते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में तो संचालित हो रही है लेकिन कोई डॉक्टर न होने के कारण मरीज इधर से उधर भटकते रहते हैं।वही बात की उप स्वास्थ्य केंद्र जैसे सलैया,मिसिरगावा, हाटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपराही, सहित कई उप स्वास्थ्य केंद्र में हमेशा ताला लटका रहता है।जहां कई पदस्थ डॉक्टर बीएमओ को कमीशन देकर जनपद मुख्यालय में ही रहते हैं वही हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ बाबू रोगी कल्याण समिति में हेरा फेरी में जुटे
बड़ी लापरवाही सामने आई है वही बात की जाए कायाकल्प के तहत भवन का निर्माण की मरम्मत कार्य किया गया पुताई वही लीपापोती की गई है यह घटिया तौर पर शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार के द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।बात की जाए हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य में पदस्थ डॉक्टर अपना ज्यादातर समय अपने कमरा में देते हैं जहां प्राइवेट क्लीनिक खोलकर अस्पताल परिसर में ही दवाई कर रहे वहीं मरीजों से एवं भोली-भाली जनता से मनमाना पैसा वसूल रहे हैं।इस संबंध में कई बार शिकायत की गई लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा नजरअंदाज भी कर दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था को सुधार कराने के लिए मांग की गई है जहां हनुमना स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अपने निजी कमरा में सेवा शुल्क के नाम निजी पैसा वसूल रहे हैं ज्यादातर समय अपना कमरा में ही देते हैं।वहीं जहां बात की जाए उनके ही संरक्षण में क्षेत्र में कई झोलाछाप दुकानें एवं डॉक्टर भी संचालित हो रहे हैं कई बार शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही की जाती है।कि यूं ही ऐसे ही लापरवाही करते रहेंगे।बात की जाए मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र में कैंटीन की व्यवस्था की गई है।जहां भोजन नाश्ता के लिए लेकिन कभी भी मरीजों को नाश्ता उपलब्ध नहीं हो पाता है भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। रोगी कल्याण समिति के पैसों का भी बंदर वाट किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई बार कमिश्नर कलेक्टर कई प्रशासनिक अधिकारी विधायक ने भी निरीक्षण किया लेकिन व्यवस्था में नहीं हुई सुधार कमिश्नर के द्वारा कार्यवाही की बात करने के बाद भी नहीं व्यवस्था सुधरी। इन दिनो एक वीडियो वायरल हो रहा है जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर कम नजर आते हैं लेकिन रात के समय आवारा कुत्ते की भरमार देखी जाती है।
*अगले अंक में देखिए विस्तार से वीडियो के साथ*