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मध्य प्रदेश पर 4.3लाख करोड़ से अधिक का कर्ज हुआ, यानी प्रति व्यक्ति 66000/- से अधिक कर्ज हो गया।#bjpfailsmp

15.3k views | Bhind Nagar, Bhind | Apr 22, 2025

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Bhind : भिंड जिले के उमरी में स्थित एक किलोमीटर के अंदर दो टोल लगाए जाने को लेकर विरोध जारी ग्रामीणों ने उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बोले यदि ऐसा ही चला रहा तो ग्रामीणों के साथ करूंगा आंदोलन उखाड़ फेंक दूंगा यह टोल

Bhind : भिंड जिले के उमरी में स्थित एक किलोमीटर के अंदर दो टोल लगाए जाने को लेकर विरोध जारी ग्रामीणों ने उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बोले यदि ऐसा ही चला रहा तो ग्रामीणों के साथ करूंगा आंदोलन उखाड़ फेंक दूंगा यह टोल

Bhind Nagar, Bhind | Aug 7, 2026

*लहार सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही*
⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡
*दो घंटे तक तड़पता रहा सड़क हादसे का घायल, इमरजेंसी में नहीं मिला डॉक्टर*
⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡
*अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश*
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      बांके तिगुनायक/देवानंद नायक 
लहार। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं लहार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक को इलाज के लिए लहार सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नतीजतन घायल युवक करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक को अस्पताल परिसर के बाहर ही लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा।
बाद में घायल की पहचान असवार निवासी धीरेंद्र पुत्र प्रेमनारायण जोशी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था।
*पहले भी उठते रहे हैं सवाल*
लहार सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ।
*जिम्मेदार कौन?*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे किया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो किसी भी घायल की जान जोखिम में पड़ सकती है।
*सीएमएचओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल*
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा लहार सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।
*जनता के सवाल*
क्या लहार सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं?
दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला?
ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित थे तो जिम्मेदारी किसकी है?
अस्पताल परिसर के बाहर घायल को लावारिस हालत में क्यों छोड़ दिया गया?
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?

*लहार सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ *दो घंटे तक तड़पता रहा सड़क हादसे का घायल, इमरजेंसी में नहीं मिला डॉक्टर* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ *अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ बांके तिगुनायक/देवानंद नायक लहार। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं लहार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक को इलाज के लिए लहार सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नतीजतन घायल युवक करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक को अस्पताल परिसर के बाहर ही लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में घायल की पहचान असवार निवासी धीरेंद्र पुत्र प्रेमनारायण जोशी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था। *पहले भी उठते रहे हैं सवाल* लहार सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। *जिम्मेदार कौन?* सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे किया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो किसी भी घायल की जान जोखिम में पड़ सकती है। *सीएमएचओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल* लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा लहार सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। *जनता के सवाल* क्या लहार सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं? दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला? ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित थे तो जिम्मेदारी किसकी है? अस्पताल परिसर के बाहर घायल को लावारिस हालत में क्यों छोड़ दिया गया? जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?

Bhind Nagar, Bhind | Aug 7, 2026

*ब्रेकिंग न्यूज़: भिंड* - मेहगांव जनपद की ग्राम पंचायत भारौली कलां में लाखों का घोटाला, भोपाल स्तरीय शिकायत के बाद मचा हड़कंप।

भिंड जिले की मेहगांव जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भारौली कलां में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आने के बाद विकास कार्य ठप हो गए हैं।

मामले की मुख्य बातें:

शिकायत और कार्रवाई: भोपाल स्तर पर शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया. जांच के चलते पंचायत के सभी विकास कार्य रोक दिए गए।

सचिव निलंबित: 20 मई को पंचायत सचिव को निलंबित किया गया था।

-आरोप: आरोप है कि बस स्टैंड निर्माण से पहले ही सरपंच और सचिव ने मिलकर 4 लाख 94 हजार रुपए की हस्तांतरित राशि निकाल ली।

प्रशासन की हिदायत: घोटाले के बाद प्रशासन ने महिला सरपंच को सख्त हिदायत दी है।

नया विवाद: 
शिकायत के बाद महिला सरपंच के पुत्र संदीप जेसीबी लोडर लेकर बस स्टैंड की जमीन का समतलीकरण कराने पहुंचा, इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है,

ग्रामीणों का कहना है कि नियमों में जेसीबी लोडर से इस तरह का काम करने का प्रावधान नहीं है. इसके बावजूद काम कराया जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

*ब्रेकिंग न्यूज़: भिंड* - मेहगांव जनपद की ग्राम पंचायत भारौली कलां में लाखों का घोटाला, भोपाल स्तरीय शिकायत के बाद मचा हड़कंप। भिंड जिले की मेहगांव जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भारौली कलां में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आने के बाद विकास कार्य ठप हो गए हैं। मामले की मुख्य बातें: शिकायत और कार्रवाई: भोपाल स्तर पर शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया. जांच के चलते पंचायत के सभी विकास कार्य रोक दिए गए। सचिव निलंबित: 20 मई को पंचायत सचिव को निलंबित किया गया था। -आरोप: आरोप है कि बस स्टैंड निर्माण से पहले ही सरपंच और सचिव ने मिलकर 4 लाख 94 हजार रुपए की हस्तांतरित राशि निकाल ली। प्रशासन की हिदायत: घोटाले के बाद प्रशासन ने महिला सरपंच को सख्त हिदायत दी है। नया विवाद: शिकायत के बाद महिला सरपंच के पुत्र संदीप जेसीबी लोडर लेकर बस स्टैंड की जमीन का समतलीकरण कराने पहुंचा, इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, ग्रामीणों का कहना है कि नियमों में जेसीबी लोडर से इस तरह का काम करने का प्रावधान नहीं है. इसके बावजूद काम कराया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

Bhind Nagar, Bhind | Aug 7, 2026