जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु पिपरा पंचायत में आयोजित हुआ “सहयोग शिविर”
औरंगाबाद जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन, विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को किया लाभान्वित
आज दिनांक 02 जून 2026 को औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड अंतर्गत पिपरा पंचायत स्थित अष्टभुजी मंदिर प्रांगण में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमरीश राहुल की संयुक्त अध्यक्षता में जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु “सहयोग शिविर” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुआ। तत्पश्चात जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को पौधा एवं अष्टभुजी का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि पिपरा पंचायत में आयोजित इस संयुक्त सहयोग शिविर में आप सभी के बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार इस पंचायत में आने का अवसर प्राप्त हुआ है तथा यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं एवं सुझावों के साथ शिविर में उपस्थित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को इस प्रकार के संयुक्त सहयोग शिविरों का आयोजन किया जाता है। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि पंचायत स्तर पर ही लोगों की शिकायतें सुनी जाएँ तथा उनका यथासंभव त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि शिविर आयोजन से पूर्व पंचायत क्षेत्र से आवेदन प्राप्त करने हेतु विशेष अभियान चलाया गया था, जिसके अंतर्गत कुल 130 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें शिक्षा से संबंधित नामांकन, जन्म प्रमाण-पत्र, नल-जल योजना, श्रम कार्ड निर्माण, भूमि परिमार्जन, भूमि मापी सहित विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन शामिल थे। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है, तथापि यदि किसी व्यक्ति की समस्या अभी तक दर्ज नहीं हो सकी है तो वह शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के स्टॉल पर आवेदन देकर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते है।
उन्होंने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचे तथा किसी भी पात्र लाभुक को योजनाओं से वंचित न रहना पड़े।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिविर में सभी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध है। यदि कोई व्यक्ति किसी योजना का पात्र है और अभी तक उसे उसका लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, तो वह संबंधित स्टॉल पर संपर्क कर आवेदन दे सकते है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं को बिना किसी संकोच के प्रशासन के समक्ष रखें।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि भूमिहीन व्यक्ति भूमि संबंधी समस्याओं के लिए आवेदन दे सकते हैं। मनरेगा जॉब कार्ड, नल-जल योजना, सड़क, नाली, पेयजल, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा अथवा किसी अन्य विभाग से संबंधित समस्या होने पर भी आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी द्वारा लाभुकों के बीच श्रम कार्ड, जॉब कार्ड, राशन कार्ड एवं आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही पहली बार विद्यालय जाने वाले बच्चों के बीच स्कूल बैग का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा बारुण प्रखंड के मूक-बधिर दिव्यांग खिलाड़ी सुधांशु कुमार से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। सुधांशु कुमार ने राष्ट्रीय स्तर की एसजीएफआई 200 मीटर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है तथा उनका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
जिला पदाधिकारी ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रशस्ति-पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दिनांक 02 जून 2026 तक “सहयोग शिविर” के माध्यम से औरंगाबाद जिले में प्राप्त कुल 1763 आवेदनों में से 1664 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं पिपरा पंचायत अंतर्गत प्राप्त 130 आवेदनों में से 125 आवेदनों का निष्पादन किया गया ।
शिविर के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, निःशक्तता पेंशन योजना, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सात निश्चय-2 अंतर्गत नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना तथा मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी एवं सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर में दवा वितरण, नेत्र परीक्षण, चश्मा वितरण, रक्त जांच, आयुष्मान भारत कार्ड एवं यूडीआईडी कार्ड से संबंधित सेवाएँ प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा भी स्टॉल लगाए गए, जहाँ ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा न करनी पड़े।
इस अवसर पर सिविल सर्जन, वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, डीपीओ आईसीडीएस श्रीमती विनीता कुमारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।