पांच पवित्र नदियों के जल से हुआ भगवान शिव का महाजलाभिषेक, बड़लियास व आमां में कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत
आकोला (रमेश चंद्र डाड)सावन माह के पावन अवसर पर ग्राम फलोदी से निकली विशाल कांवड़ यात्रा श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ विभिन्न गांवों से होकर गुजरी। यात्रा का मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीणों एवं शिवभक्तों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। बड़लियास और आमां चौराहे पर विशेष रूप से भव्य स्वागत किया गया।
आयोजन समिति के सदस्य दीपक पांडया ने बताया कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु हरिद्वार की गंगा, उज्जैन की शिप्रा, त्रिवेणी संगम सहित पांच पवित्र नदियों का जल विधि-विधानपूर्वक कांवड़ में लेकर निकले। यात्रा त्रिवेणी महादेव से रवाना होकर बीगोद, खटवाड़ा, मेहता जी का खेड़ा, सुसर, बड़लियास, जित्या और रेणवास होते हुए आमां चौराहा पहुंची।
कांवड़ यात्रा के बड़लियास पहुंचने पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं शिवभक्तों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। ग्रामीणों ने कांवड़ियों का श्रद्धाभाव के साथ अभिनंदन किया।
इसके बाद यात्रा आमां चौराहे पहुंची, जहां भी ग्रामीणों और शिवभक्तों ने विशेष आयोजन कर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। हालांकि यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न गांवों में स्वागत किया गया, लेकिन बड़लियास और आमां चौराहे पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कांवड़ यात्रा के फलोदी पहुंचने पर ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पांचों पवित्र नदियों के जल से भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ महाजलाभिषेक किया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन, धर्म ध्वज और भगवान शिव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ियों का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।