Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Uttarpradesh
Haryana
image
image
image

*हमे जीवन में सुख चाहिए तो दूसरों को दुःख देना बंद कर दे-आचार्य रामदयालजी महाराज* *सद्गुरू के सामर्थ्य से ही राग भरे जीवन में होती वैराग्य की स्थापना* *माणिक्यनगर रामद्वारा धाम में दैनिक चातुर्मासिक सत्संग* भीलवाड़ा: निलेश काठेड़ (वरिष्ठ पत्रकार) ,4 अगस्त हमे मानव शरीर तो परमात्मा प्रदान करता है पर इस शरीर का कल्याण सद्गुरू के सामर्थ्य से ही होता है। गुरू का सामर्थ्य होता है तो राग भरे जीवन में भी वैराग्य की स्थापना कर देते है। भवसागर में डूबने के लिए जगह परमात्मा देता है पर गुरू का सामर्थ्य होता है तो भवसागर से पार कर देते है। गुरू का सामर्थ्य ही यम में त्रास से मुक्त दिला सकता है। ये विचार अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने मंगलवार को विश्व शांति कल्याण चातुर्मास के तहत दैनिक सत्संग में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्वामी रामचरणजी महाराज ने समर्थ गुरू के चरणों में बैठकर जिस सामर्थ्य को पाया उसे अभिव्यक्त किया है। सद्गुरू की कृपा से ही जीवन में अज्ञान का अंधकार दूर होकर ज्ञान का प्रकाश होता है। जीव का सामर्थ्य नहीं है कि वह देखे पर परमात्मा व गुरू के सामर्थ्य से वह देख पाता है। पुरूषार्थ हमारा होता है पर सामर्थ्य गुरूदेव का होता है। आचार्यश्री ने कहा कि इस संसार में वहीं हमारा खास होना चाहिए जो सत्संग में भी हमारे साथ आए। मात्र आमोद प्रमोद में साथ देने वाला खास नहीं हो सकता है। हम रिश्ते नाते में उलझे रहते है जबकि जन्म मरण का सिलसिला अनंत है ओर जीवात्मा के शरीर बदलते ही रिश्ता बदल जाता है। मात्र परमात्मा से ही हमारा रिश्ता स्थाई हो सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख चाहते है तो किसी को दुःख नहीं देना चाहिए। जीवन में माता - पिता, पति- पत्नी, संतान -मित्र जिनसे भी हम सुख की कामना करते है उन्हें दुःख नहीं देना चाहिए। जो व्यवहार तुम्हे अपने लिए पसंद नहीं वैसा व्यवहार आप सामने वाले के साथ भी नहीं करे। हमे सम्मान का अमृत चाहिए तो दूसरों के लिए अपमान का हलाहल तैयार नहीं करे। आचार्य रामदयालजी महाराज ने कहा कि ज्ञान की सर्वोच्च अवस्था का नाम संत होता है। जो महानता प्रदान करे वह संत होता है। जब तक ज्ञान हमारे पास नहीं है हम गुरू की समर्थता के पात्र नहीं बन सकते है। गुरू के सामर्थ्य से जो ज्ञान होगा उससे भक्ति बढ़ती है ओर जो भक्ति सद्गुरू के सामर्थ्य से बढ़ती है उससे वैराग्य बढ़ेगा। जीवन में सद्गुरू की कृपा से ही मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिसे गुरू प्यारा नहीं होता उससे बड़ा बदनसीब कोई नहीं है। आजकल लोग अपना स्वार्थ पूरा नहीं होने पर गुरू व गोविन्द को कोसने में भी देर नहीं करते। जीव का सुखी या दुःखी होना कर्मवाद है पर परमात्मा की भक्ति प्राप्त होना गुरू का समर्थवाद है। सत्संग में भजन वहीं कर पाएगा जिस पर गुरू की कृपा होगी। आचार्यश्री से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट ने मानस पर प्रवचन दिया। प्रवचन के विश्राम पर श्रद्धालुओं द्वारा आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की आरती की गई। सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। चातुर्मास में दैनिक सत्संग का समय सुबह 9 से 10 बजे तक है। रामधुनी के साथ सुबह 8.30 से 9 बजे तक वाणीजी का पाठ हो रहा है। सूर्यास्त के समय संध्या आरती एवं रामस्नेही संप्रदाय के युवा संत श्री रामजस जी ईडर द्वारा भक्तमाल की कथा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 4, 2026

MORE NEWS

पांच पवित्र नदियों के जल से हुआ भगवान शिव का महाजलाभिषेक, बड़लियास व आमां में कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत

आकोला (रमेश चंद्र डाड)सावन माह के पावन अवसर पर  ग्राम फलोदी से निकली विशाल कांवड़ यात्रा श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ विभिन्न गांवों से होकर गुजरी। यात्रा का मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीणों एवं शिवभक्तों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। बड़लियास और आमां चौराहे पर विशेष रूप से भव्य स्वागत किया गया।

आयोजन समिति के सदस्य दीपक पांडया ने बताया कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु हरिद्वार की गंगा, उज्जैन की शिप्रा, त्रिवेणी संगम सहित पांच पवित्र नदियों का जल विधि-विधानपूर्वक कांवड़ में लेकर निकले। यात्रा त्रिवेणी महादेव से रवाना होकर बीगोद, खटवाड़ा, मेहता जी का खेड़ा, सुसर, बड़लियास, जित्या और रेणवास होते हुए आमां चौराहा पहुंची।
कांवड़ यात्रा के बड़लियास पहुंचने पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं शिवभक्तों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। ग्रामीणों ने कांवड़ियों का श्रद्धाभाव के साथ अभिनंदन किया।

इसके बाद यात्रा आमां चौराहे पहुंची, जहां भी ग्रामीणों और शिवभक्तों ने विशेष आयोजन कर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। हालांकि यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न गांवों में स्वागत किया गया, लेकिन बड़लियास और आमां चौराहे पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कांवड़ यात्रा के फलोदी पहुंचने पर ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पांचों पवित्र नदियों के जल से भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ महाजलाभिषेक किया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन, धर्म ध्वज और भगवान शिव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ियों का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।

पांच पवित्र नदियों के जल से हुआ भगवान शिव का महाजलाभिषेक, बड़लियास व आमां में कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत आकोला (रमेश चंद्र डाड)सावन माह के पावन अवसर पर ग्राम फलोदी से निकली विशाल कांवड़ यात्रा श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ विभिन्न गांवों से होकर गुजरी। यात्रा का मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीणों एवं शिवभक्तों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। बड़लियास और आमां चौराहे पर विशेष रूप से भव्य स्वागत किया गया। आयोजन समिति के सदस्य दीपक पांडया ने बताया कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु हरिद्वार की गंगा, उज्जैन की शिप्रा, त्रिवेणी संगम सहित पांच पवित्र नदियों का जल विधि-विधानपूर्वक कांवड़ में लेकर निकले। यात्रा त्रिवेणी महादेव से रवाना होकर बीगोद, खटवाड़ा, मेहता जी का खेड़ा, सुसर, बड़लियास, जित्या और रेणवास होते हुए आमां चौराहा पहुंची। कांवड़ यात्रा के बड़लियास पहुंचने पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं शिवभक्तों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। ग्रामीणों ने कांवड़ियों का श्रद्धाभाव के साथ अभिनंदन किया। इसके बाद यात्रा आमां चौराहे पहुंची, जहां भी ग्रामीणों और शिवभक्तों ने विशेष आयोजन कर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। हालांकि यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न गांवों में स्वागत किया गया, लेकिन बड़लियास और आमां चौराहे पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कांवड़ यात्रा के फलोदी पहुंचने पर ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पांचों पवित्र नदियों के जल से भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ महाजलाभिषेक किया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन, धर्म ध्वज और भगवान शिव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ियों का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 4, 2026

पांच पवित्र नदियों के जल से हुआ भगवान शिव का महाजलाभिषेक, बड़लियास व आमां में कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत

आकोला (रमेश चंद्र डाड)सावन माह के पावन अवसर पर  ग्राम फलोदी से निकली विशाल कांवड़ यात्रा श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ विभिन्न गांवों से होकर गुजरी। यात्रा का मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीणों एवं शिवभक्तों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। बड़लियास और आमां चौराहे पर विशेष रूप से भव्य स्वागत किया गया।

आयोजन समिति के सदस्य दीपक पांडया ने बताया कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु हरिद्वार की गंगा, उज्जैन की शिप्रा, त्रिवेणी संगम सहित पांच पवित्र नदियों का जल विधि-विधानपूर्वक कांवड़ में लेकर निकले। यात्रा त्रिवेणी महादेव से रवाना होकर बीगोद, खटवाड़ा, मेहता जी का खेड़ा, सुसर, बड़लियास, जित्या और रेणवास होते हुए आमां चौराहा पहुंची।
कांवड़ यात्रा के बड़लियास पहुंचने पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं शिवभक्तों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। ग्रामीणों ने कांवड़ियों का श्रद्धाभाव के साथ अभिनंदन किया।

इसके बाद यात्रा आमां चौराहे पहुंची, जहां भी ग्रामीणों और शिवभक्तों ने विशेष आयोजन कर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। हालांकि यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न गांवों में स्वागत किया गया, लेकिन बड़लियास और आमां चौराहे पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कांवड़ यात्रा के फलोदी पहुंचने पर ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पांचों पवित्र नदियों के जल से भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ महाजलाभिषेक किया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन, धर्म ध्वज और भगवान शिव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ियों का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।

पांच पवित्र नदियों के जल से हुआ भगवान शिव का महाजलाभिषेक, बड़लियास व आमां में कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत आकोला (रमेश चंद्र डाड)सावन माह के पावन अवसर पर ग्राम फलोदी से निकली विशाल कांवड़ यात्रा श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ विभिन्न गांवों से होकर गुजरी। यात्रा का मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीणों एवं शिवभक्तों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। बड़लियास और आमां चौराहे पर विशेष रूप से भव्य स्वागत किया गया। आयोजन समिति के सदस्य दीपक पांडया ने बताया कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु हरिद्वार की गंगा, उज्जैन की शिप्रा, त्रिवेणी संगम सहित पांच पवित्र नदियों का जल विधि-विधानपूर्वक कांवड़ में लेकर निकले। यात्रा त्रिवेणी महादेव से रवाना होकर बीगोद, खटवाड़ा, मेहता जी का खेड़ा, सुसर, बड़लियास, जित्या और रेणवास होते हुए आमां चौराहा पहुंची। कांवड़ यात्रा के बड़लियास पहुंचने पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं शिवभक्तों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। ग्रामीणों ने कांवड़ियों का श्रद्धाभाव के साथ अभिनंदन किया। इसके बाद यात्रा आमां चौराहे पहुंची, जहां भी ग्रामीणों और शिवभक्तों ने विशेष आयोजन कर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। हालांकि यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न गांवों में स्वागत किया गया, लेकिन बड़लियास और आमां चौराहे पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कांवड़ यात्रा के फलोदी पहुंचने पर ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पांचों पवित्र नदियों के जल से भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ महाजलाभिषेक किया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन, धर्म ध्वज और भगवान शिव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ियों का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 4, 2026

*लेडीज सिलाई केंद्र का उद्घाटन---आत्मनिर्भरता की पहल-रोजगारोन्मुखी विचारधारा का प्रवाह*
आकोला (रमेश चंद्र डाड)कोटड़ी के ग्राम माली खेड़ा अंचल में परमार्थ का प्रवाह देखने को मिला। मानव वृद्धि सामाजिक सेवा संस्थान के बैनर तले कोटडी तहसील के पूर्व सरपंच एवं संस्था के ब्लॉक अध्यक्ष मेघराज पेंटर द्वारा विकलांग बहन दुर्गा देवी वैष्णव को रोजगार हेतु सिलाई मशीन भेंटकर अपने ही मकान में लेडीज सिलाई केंद्रकी शाप खोलकर सौंपी। अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर गांव के  पूर्व प्रधान जमुनालाल डीडवानिया, मंडल अध्यक्ष  प्रहलाद सेन‌ व पूर्व सरपंच धर्मचंद जीनगर विशिष्ठ अतिथि थे। भीलवाड़ा के सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि रामनिवास  रोनी राज ने रोमांचित करते हुए कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन किया। संस्थान की अध्यक्ष शांता देवी खाबिया, उपाध्यक्ष देवेंद्र खाबिया, मानव हितकारी संस्थान की श्रीमती मधु पांडे, सोनिया खाबिया,बिना खाबिया उपस्थित थी। इस अवसर पर ग्रामीण अंचल के बुजुर्ग,युवा, माताएं, बहने बड़ी तादाद में मौजूद रहे।

*लेडीज सिलाई केंद्र का उद्घाटन---आत्मनिर्भरता की पहल-रोजगारोन्मुखी विचारधारा का प्रवाह* आकोला (रमेश चंद्र डाड)कोटड़ी के ग्राम माली खेड़ा अंचल में परमार्थ का प्रवाह देखने को मिला। मानव वृद्धि सामाजिक सेवा संस्थान के बैनर तले कोटडी तहसील के पूर्व सरपंच एवं संस्था के ब्लॉक अध्यक्ष मेघराज पेंटर द्वारा विकलांग बहन दुर्गा देवी वैष्णव को रोजगार हेतु सिलाई मशीन भेंटकर अपने ही मकान में लेडीज सिलाई केंद्रकी शाप खोलकर सौंपी। अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर गांव के पूर्व प्रधान जमुनालाल डीडवानिया, मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सेन‌ व पूर्व सरपंच धर्मचंद जीनगर विशिष्ठ अतिथि थे। भीलवाड़ा के सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि रामनिवास रोनी राज ने रोमांचित करते हुए कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन किया। संस्थान की अध्यक्ष शांता देवी खाबिया, उपाध्यक्ष देवेंद्र खाबिया, मानव हितकारी संस्थान की श्रीमती मधु पांडे, सोनिया खाबिया,बिना खाबिया उपस्थित थी। इस अवसर पर ग्रामीण अंचल के बुजुर्ग,युवा, माताएं, बहने बड़ी तादाद में मौजूद रहे।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 4, 2026

कन्या महाविद्यालय में हुआ गुरु वंदन कार्यक्रम:
वक्ता बोले- भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च स्थान, हर पड़ाव पर मार्गदर्शन जरूरी है

शाहपुरा/भीलवाड़ा: सुभाष व्यास                                                    कस्बे स्थित महाप्रभु स्वामी रामचरण कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान उच्च शिक्षा की स्थानीय इकाई की ओर से 'गुरु वंदन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता  डॉ. सत्यनारायण कुमावत ए सी बीओ शाहपुरा, अतिथि रामबक्ष दाखेडा, व्यवस्थापक श्री रामनिवास धाम शाहपुरा, परमेश्वर सुथार प्रधानाचार्य वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय शाहपुरा एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश कुमावत की अध्यक्षता समारोह में अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा, एवं स्वामी रामचरण जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत ने अतिथियों का दुपट्टा व तिलक लगाकर स्वागत किया । कार्यक्रम में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, गुरु के महत्व और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने गुरु वंदन कार्यक्रम के उद्देश्य और इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारत की अमूल्य विरासत बताते हुए वर्तमान समय में भी इसकी उपयोगिता को रेखांकित किया। संबोधन में कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक व्यक्ति के जीवन में गुरु का विशेष महत्व रहता है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में किसी न किसी गुरु के सानिध्य की आवश्यकता होती है। स्थानीय महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत ने कार्यक्रम के दौरान संगठन की गतिविधियों और गुरु वंदन कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्णा पारीक ने किया, जबकि उपस्थित छात्राओं व संकाय सदस्यों में सरिता छीपा, रेहाना परवीन, रितु सेन, मीना शर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, अनुराग शर्मा, अमित शर्मा, लेखराज पाराशर, बृजेश शर्मा ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।

कन्या महाविद्यालय में हुआ गुरु वंदन कार्यक्रम: वक्ता बोले- भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च स्थान, हर पड़ाव पर मार्गदर्शन जरूरी है शाहपुरा/भीलवाड़ा: सुभाष व्यास कस्बे स्थित महाप्रभु स्वामी रामचरण कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान उच्च शिक्षा की स्थानीय इकाई की ओर से 'गुरु वंदन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. सत्यनारायण कुमावत ए सी बीओ शाहपुरा, अतिथि रामबक्ष दाखेडा, व्यवस्थापक श्री रामनिवास धाम शाहपुरा, परमेश्वर सुथार प्रधानाचार्य वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय शाहपुरा एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश कुमावत की अध्यक्षता समारोह में अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा, एवं स्वामी रामचरण जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत ने अतिथियों का दुपट्टा व तिलक लगाकर स्वागत किया । कार्यक्रम में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, गुरु के महत्व और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने गुरु वंदन कार्यक्रम के उद्देश्य और इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारत की अमूल्य विरासत बताते हुए वर्तमान समय में भी इसकी उपयोगिता को रेखांकित किया। संबोधन में कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक व्यक्ति के जीवन में गुरु का विशेष महत्व रहता है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में किसी न किसी गुरु के सानिध्य की आवश्यकता होती है। स्थानीय महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत ने कार्यक्रम के दौरान संगठन की गतिविधियों और गुरु वंदन कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्णा पारीक ने किया, जबकि उपस्थित छात्राओं व संकाय सदस्यों में सरिता छीपा, रेहाना परवीन, रितु सेन, मीना शर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, अनुराग शर्मा, अमित शर्मा, लेखराज पाराशर, बृजेश शर्मा ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 4, 2026