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जगन्नाथ धाम, दीघा: नाम परिवर्तन की दिशा में सकारात्मक पहल, ओडिशा CM के पत्र का असर #JagannathDham #Digha #WestBengal #Odisha #JagannathTemple #BreakingNews #NewsUpdate #SevanTakNews

Sono, Jamui | Jun 10, 2026

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Jamui, Bihar | Jul 17, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई 
17 जुलाई 2026

शीर्षक: जिलाधिकारी के निर्देश पर समाहारणालय में जनता दरबार आयोजित, 'सात निश्चय-3' के तहत जन-समस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निष्पादन पर जोर।

जमुई : बिहार सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत "सबका सम्मान, जीवन आसान" के मूल संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध और सक्रिय है। इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी के दिशा-निर्देश पर समाहारणालय स्थित सभा कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) द्वारा की गई, जिसमें जिले के विभिन्न सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को अत्यंत धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना गया।

                 इस जनता दरबार में आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं से संबंधित कुल 40 से अधिक मामले आएं। प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों की अत्यधिक प्रधानता रही, जिनकी कुल संख्या 31 दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त नागरिकों ने विद्युत विभाग , सामाजिक सुरक्षा पेंशन (वृद्धावस्था पेंशन) के भुगतान में आ रही तकनीकी अड़चनों, पुलिस विभाग से संबंधित मामलों तथा हर घर नल-जल योजना के सुचारू संचालन से जुड़ी अपनी समस्याओं को प्रमुखता से अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) के समक्ष रखा।

                 इस जनता दरबार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े मामलों के प्रति विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए अपर समाहर्ता( विभागीय जांच) ने भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मौके पर ही विभाग के संबंधित कर्मियों को तलब किया। उन्होंने कर्मियों से तकनीकी अड़चनों की विस्तृत जानकारी ली और पीड़ितों को आ रही समस्याओं के निवारण हेतु जीवन प्रमाणीकरण (Life Verification) की प्रक्रिया को अविलंब पूर्ण करने की सलाह और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसके अलावे, भूमि विवाद से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि कई मामले पारिवारिक बंटवारे से जुड़े हैं। ऐसे मामलों में उन्होंने आवेदकों को कानूनी उलझनों से बचते हुए आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद को सुलझाने हेतु विशेष रूप से प्रोत्साहित किया।

                  समग्र रूप से आज का यह जनता दरबार पूरी तरह समाधान परक रहा, जहां जिला प्रशासन की तत्परता से अधिकांश मामलों का त्वरित रूप से मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। शेष बचे आवेदनों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अपर समाहर्ता ने संबंधित अंचलाधिकारियों, थाना प्रभारियों को समय सीमा के भीतर पारदर्शी निवारण सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सात निश्चय-3' का मुख्य उद्देश्य ही आम जनता को अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति दिलाना है, इसलिए कर्तव्यों के प्रति किसी भी स्तर पर उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता श्री बिनोद प्रसाद एवं संबंधित विभाग के कर्मी उपस्थित रहें।
#jamui #jamuinews General Administration Department, Govt. of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई 17 जुलाई 2026 शीर्षक: जिलाधिकारी के निर्देश पर समाहारणालय में जनता दरबार आयोजित, 'सात निश्चय-3' के तहत जन-समस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निष्पादन पर जोर। जमुई : बिहार सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत "सबका सम्मान, जीवन आसान" के मूल संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध और सक्रिय है। इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी के दिशा-निर्देश पर समाहारणालय स्थित सभा कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) द्वारा की गई, जिसमें जिले के विभिन्न सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को अत्यंत धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना गया। इस जनता दरबार में आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं से संबंधित कुल 40 से अधिक मामले आएं। प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों की अत्यधिक प्रधानता रही, जिनकी कुल संख्या 31 दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त नागरिकों ने विद्युत विभाग , सामाजिक सुरक्षा पेंशन (वृद्धावस्था पेंशन) के भुगतान में आ रही तकनीकी अड़चनों, पुलिस विभाग से संबंधित मामलों तथा हर घर नल-जल योजना के सुचारू संचालन से जुड़ी अपनी समस्याओं को प्रमुखता से अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) के समक्ष रखा। इस जनता दरबार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े मामलों के प्रति विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए अपर समाहर्ता( विभागीय जांच) ने भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मौके पर ही विभाग के संबंधित कर्मियों को तलब किया। उन्होंने कर्मियों से तकनीकी अड़चनों की विस्तृत जानकारी ली और पीड़ितों को आ रही समस्याओं के निवारण हेतु जीवन प्रमाणीकरण (Life Verification) की प्रक्रिया को अविलंब पूर्ण करने की सलाह और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसके अलावे, भूमि विवाद से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि कई मामले पारिवारिक बंटवारे से जुड़े हैं। ऐसे मामलों में उन्होंने आवेदकों को कानूनी उलझनों से बचते हुए आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद को सुलझाने हेतु विशेष रूप से प्रोत्साहित किया। समग्र रूप से आज का यह जनता दरबार पूरी तरह समाधान परक रहा, जहां जिला प्रशासन की तत्परता से अधिकांश मामलों का त्वरित रूप से मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। शेष बचे आवेदनों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अपर समाहर्ता ने संबंधित अंचलाधिकारियों, थाना प्रभारियों को समय सीमा के भीतर पारदर्शी निवारण सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सात निश्चय-3' का मुख्य उद्देश्य ही आम जनता को अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति दिलाना है, इसलिए कर्तव्यों के प्रति किसी भी स्तर पर उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता श्री बिनोद प्रसाद एवं संबंधित विभाग के कर्मी उपस्थित रहें। #jamui #jamuinews General Administration Department, Govt. of Bihar

Jamui, Bihar | Jul 17, 2026

Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
General Administration Department, Govt. of Bihar 
Home Department, Govt. of Bihar 
Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar

Information & Public Relations Department, Government of Bihar General Administration Department, Govt. of Bihar Home Department, Govt. of Bihar Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar

Jamui, Bihar | Jul 17, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई
17 जुलाई 2026

शीर्षक: जमुई जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल: जनता दरबार में प्राप्त आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने सड़क दुर्घटना के मृतकों के आश्रितों को सौंपा चार-चार लाख रुपये का आपदा अनुग्रह अनुदान।

जमुई: आपदा की घड़ी में पीड़ित परिवारों को अविलंब राहत पहुँचाने तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निष्पादन करने की अपनी प्रतिबद्धता को जमुई जिला प्रशासन ने पुनः धरातल पर उतारा है। जिला पदाधिकारी के 'जनता दरबार' में पहुंचे एक मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी ने सीधे एवं त्वरित क्रियान्वयन की एक मिसाल पेश की है। मामला विगत 06 मई 2026 को सड़क दुर्घटना में असमय काल-कवलित हुए स्वर्गीय कैलाश रावत तथा स्वर्गीय मंटू रावत के परिवारों से जुड़ा है। दोनों मृतकों की पत्नियों क्रमशः श्रीमती रानी देवी और श्रीमती पूजा देवी ने पिछले जनता दरबार में उपस्थित होकर आपदा राहत राशि मिलने में हो रही देरी के संबंध में जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपा था, जिस पर पदाधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए ऑन-द-स्पॉट समाधान सुनिश्चित किया। 

इन दोनों पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला पदाधिकारी ने आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई। इसके आलोक में दोनों मृतकों के आश्रितों के लिए चार-चार लाख रुपये की दर से कुल ₹8,0,000/- (आठ लाख रुपये) की अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत की गई। इस स्वीकृत राशि के बैंक चेक आज स्वयं जिला पदाधिकारी द्वारा मृतकों के आश्रित पत्नीयों को प्रदान किए गए। जिला पदाधिकारी की यह त्वरित कार्रवाई न केवल व्यवस्था के प्रति आम जनता के विश्वास को सुदृढ़ करती है, बल्कि यह भी आश्वस्त करती है कि संकट के समय समूची प्रशासनिक मशीनरी पूरी जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ हर नागरिक के साथ मुस्तैदी से खड़ी है।

इस दुःखद घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने सदस्य को खोना एक असहनीय और अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई किसी भी भौतिक साधन या धनराशि से संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी आत्मीयता के साथ खड़ा है। जिला स्तरीय 'जनता दरबार' के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि आम जनता की समस्याओं और उनके अधिकारों का पारदर्शी व त्वरित निवारण किया जा सके, जिससे लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी प्रशासनिक विलंब के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँच सके। प्राकृतिक एवं अधिसूचित आपदाओं से प्रभावित पात्र परिवारों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सहायता उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
#jamui #jamuinews Information & Public Relations Department, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई 17 जुलाई 2026 शीर्षक: जमुई जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल: जनता दरबार में प्राप्त आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने सड़क दुर्घटना के मृतकों के आश्रितों को सौंपा चार-चार लाख रुपये का आपदा अनुग्रह अनुदान। जमुई: आपदा की घड़ी में पीड़ित परिवारों को अविलंब राहत पहुँचाने तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निष्पादन करने की अपनी प्रतिबद्धता को जमुई जिला प्रशासन ने पुनः धरातल पर उतारा है। जिला पदाधिकारी के 'जनता दरबार' में पहुंचे एक मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी ने सीधे एवं त्वरित क्रियान्वयन की एक मिसाल पेश की है। मामला विगत 06 मई 2026 को सड़क दुर्घटना में असमय काल-कवलित हुए स्वर्गीय कैलाश रावत तथा स्वर्गीय मंटू रावत के परिवारों से जुड़ा है। दोनों मृतकों की पत्नियों क्रमशः श्रीमती रानी देवी और श्रीमती पूजा देवी ने पिछले जनता दरबार में उपस्थित होकर आपदा राहत राशि मिलने में हो रही देरी के संबंध में जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपा था, जिस पर पदाधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए ऑन-द-स्पॉट समाधान सुनिश्चित किया। इन दोनों पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला पदाधिकारी ने आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई। इसके आलोक में दोनों मृतकों के आश्रितों के लिए चार-चार लाख रुपये की दर से कुल ₹8,0,000/- (आठ लाख रुपये) की अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत की गई। इस स्वीकृत राशि के बैंक चेक आज स्वयं जिला पदाधिकारी द्वारा मृतकों के आश्रित पत्नीयों को प्रदान किए गए। जिला पदाधिकारी की यह त्वरित कार्रवाई न केवल व्यवस्था के प्रति आम जनता के विश्वास को सुदृढ़ करती है, बल्कि यह भी आश्वस्त करती है कि संकट के समय समूची प्रशासनिक मशीनरी पूरी जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ हर नागरिक के साथ मुस्तैदी से खड़ी है। इस दुःखद घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने सदस्य को खोना एक असहनीय और अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई किसी भी भौतिक साधन या धनराशि से संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी आत्मीयता के साथ खड़ा है। जिला स्तरीय 'जनता दरबार' के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि आम जनता की समस्याओं और उनके अधिकारों का पारदर्शी व त्वरित निवारण किया जा सके, जिससे लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी प्रशासनिक विलंब के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँच सके। प्राकृतिक एवं अधिसूचित आपदाओं से प्रभावित पात्र परिवारों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सहायता उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। #jamui #jamuinews Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jamui, Bihar | Jul 17, 2026

प्रेस विज्ञप्ति 
जिला जनसंपर्क कार्यालय , जमुई।
17 जुलाई 2026

शीर्षक: साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक ने की उच्च स्तरीय बैठक। जिलों में हर सप्ताह "साइबर मंगलवार" मनाने का निर्देश। 

जमुई:  वर्तमान में बढ़ते डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, बिहार की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस राज्यस्तरीय बैठक में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लेकर जिले में साइबर सुरक्षा तथा जन जागरूकता से जुड़े दिशा-निर्देशों के अक्षरशः अनुपालन करने एवं इस समसामयिक चुनौती से निपटने के लिए एक प्रभावी व सुदृढ़ कार्य योजना बनाकर इसे धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताई।

                इस महत्वपूर्ण बैठक में  साइबर अपराध समन्वय केंद्र के कामकाज को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि साइबर अपराध के मामलों में बिना किसी क्षेत्राधिकार के विवाद के तुरंत 'ज़ीरो FIR' दर्ज की जाए, ताकि जांच में कोई देरी न हो। शिकायत निवारण प्रणाली (ग्रिवान्सेस रेडरेसाल मॉड्यूल) पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निपटारे के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का प्रभावी उपयोग कर साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों की फ्रीज की गई राशि को जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर लगाम लगाने के लिए सहयोग पोर्टल के माध्यम से आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने तथा समन्वय पोर्टल के जरिए त्वरित अलर्ट और रोकथाम की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा इस प्रवृति के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस बल की कार्यक्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए 'साइट्रेन' पोर्टल के माध्यम से निरंतर प्रशिक्षण देने और चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट पर पैनी नजर रखते हुए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई। नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से अब हर सप्ताह के मंगलवार को "साइबर मंगलवार" के रूप में एक विशेष अभियान के रूप में र व्यापक पैमाने पर मनाने का निर्देश दिया गया। 

                 इस महत्वपूर्ण बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी ने आम जनता से  सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि  – "डिजिटल युग में सुरक्षा की पहली सीढ़ी हमारी खुद की सतर्कता है। साइबर अपराधी लोगों के डर और लालच का फायदा उठाते हैं, इसलिए किसी भी अनधिकृत फोन कॉल या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। जिला प्रशासन पूरे जिले में सुरक्षा और जागरूकता का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत हर मंगलवार को विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम व्यापक रूप से चलाए जाएंगे। मेरी सभी जिले वासियों से अपील है कि खुद भी जागरूक बनें और अपने परिवार के बुजुर्गों व बच्चों को भी इस डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करें।"

                सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों को डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट का उपयोग करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारियां कदापि साझा न करें, क्योंकि कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर ऐसी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता। उन्होंने नागरिकों को लॉटरी, बिजली बिल या बैंक खाता बंद होने के नाम पर आने वाले संदिग्ध संदेशों के लिंक पर क्लिक न करने तथा इंटरनेट सर्च इंजन के रैंडम कस्टमर केयर नंबरों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइटों के संपर्क सूत्रों पर ही भरोसा करने की सख्त हिदायत दी, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खाते से उड़ाई गई रकम को समय रहते फ्रीज कराया जा सके।
#jamui #jamuinews Information & Public Relations Department, Government of Bihar Home Department, Govt. of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति जिला जनसंपर्क कार्यालय , जमुई। 17 जुलाई 2026 शीर्षक: साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक ने की उच्च स्तरीय बैठक। जिलों में हर सप्ताह "साइबर मंगलवार" मनाने का निर्देश। जमुई: वर्तमान में बढ़ते डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, बिहार की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस राज्यस्तरीय बैठक में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लेकर जिले में साइबर सुरक्षा तथा जन जागरूकता से जुड़े दिशा-निर्देशों के अक्षरशः अनुपालन करने एवं इस समसामयिक चुनौती से निपटने के लिए एक प्रभावी व सुदृढ़ कार्य योजना बनाकर इसे धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताई। इस महत्वपूर्ण बैठक में साइबर अपराध समन्वय केंद्र के कामकाज को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि साइबर अपराध के मामलों में बिना किसी क्षेत्राधिकार के विवाद के तुरंत 'ज़ीरो FIR' दर्ज की जाए, ताकि जांच में कोई देरी न हो। शिकायत निवारण प्रणाली (ग्रिवान्सेस रेडरेसाल मॉड्यूल) पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निपटारे के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का प्रभावी उपयोग कर साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों की फ्रीज की गई राशि को जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर लगाम लगाने के लिए सहयोग पोर्टल के माध्यम से आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने तथा समन्वय पोर्टल के जरिए त्वरित अलर्ट और रोकथाम की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा इस प्रवृति के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस बल की कार्यक्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए 'साइट्रेन' पोर्टल के माध्यम से निरंतर प्रशिक्षण देने और चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट पर पैनी नजर रखते हुए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई। नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से अब हर सप्ताह के मंगलवार को "साइबर मंगलवार" के रूप में एक विशेष अभियान के रूप में र व्यापक पैमाने पर मनाने का निर्देश दिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि – "डिजिटल युग में सुरक्षा की पहली सीढ़ी हमारी खुद की सतर्कता है। साइबर अपराधी लोगों के डर और लालच का फायदा उठाते हैं, इसलिए किसी भी अनधिकृत फोन कॉल या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। जिला प्रशासन पूरे जिले में सुरक्षा और जागरूकता का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत हर मंगलवार को विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम व्यापक रूप से चलाए जाएंगे। मेरी सभी जिले वासियों से अपील है कि खुद भी जागरूक बनें और अपने परिवार के बुजुर्गों व बच्चों को भी इस डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करें।" सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों को डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट का उपयोग करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारियां कदापि साझा न करें, क्योंकि कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर ऐसी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता। उन्होंने नागरिकों को लॉटरी, बिजली बिल या बैंक खाता बंद होने के नाम पर आने वाले संदिग्ध संदेशों के लिंक पर क्लिक न करने तथा इंटरनेट सर्च इंजन के रैंडम कस्टमर केयर नंबरों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइटों के संपर्क सूत्रों पर ही भरोसा करने की सख्त हिदायत दी, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खाते से उड़ाई गई रकम को समय रहते फ्रीज कराया जा सके। #jamui #jamuinews Information & Public Relations Department, Government of Bihar Home Department, Govt. of Bihar

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