जमीनी हकीकत बनाम सरकारी दावा
एक ओर प्रशासन का दावा है कि किसानों को निर्धारित मूल्य ₹266.50 प्रति बोरी पर यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों से किसानों द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने और खाद मिलने में दिक्कत की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
सवाल यह है कि यदि व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू है, तो किसानों की ये शिकायतें आखिर क्यों हैं? जरूरत है कि दावों से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए और जहां भी अनियमितता मिले, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।