पेंडेंसी खत्म करने की समयसीमा तय, लापरवाही पर होगी जवाबदेही: उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ
सीएम विंडो व राजस्व मामलों की लंबित फाइलों पर सख्त हुए उपायुक्त, सप्ताहांत में भी कार्यालय खोलने के निर्देश
राजस्व सेवाओं में तेजी लाने के निर्देश, सीएम विंडो शिकायतों के निस्तारण पर विशेष फोकस
जनता को समय पर सेवाएं देना अधिकारियों की जिम्मेदारी, लंबित मामलों पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी
जिले में लंबित राजस्व मामलों, सीएम विंडो शिकायतों तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा को लेकर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मंगलवार को जिला सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने लंबित टोकन, नामांतरण (म्यूटेशन), सीमांकन (डिमार्केशन), ततीमा एवं भू-नक्शा, एग्रीस्टैक, राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण, लाल किताब व ततीमा फील्ड बुक के रखरखाव, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 के तहत लंबित मध्यस्थता मामलों, आधुनिक राजस्व रिकॉर्ड कक्ष, सीमा स्तंभ, राजस्व न्यायालयों के मामलों, जनगणना कार्य, समाधान शिविर शिकायतों, सीएम विंडो तथा जनसंवाद से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक के दौरान उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पेंडेंसी समाप्त करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर शनिवार और रविवार को भी कार्यालय खोलकर कार्य किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपायुक्त ने कहा कि सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों का गंभीरता से समाधान किया जाए। किसी भी शिकायत को केवल औपचारिकता के आधार पर बंद न किया जाए, बल्कि उसका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में उपायुक्त ने जिला सचिवालय भवन के रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सचिवालय भवन का बेहतर रंग-रोगन कर उसे आकर्षक बनाया जाए तथा जहां आवश्यक हो वहां गत्तों के स्थान पर शीशे का उपयोग किया जाए, ताकि भवन की कार्यकुशलता और सौंदर्य दोनों में सुधार हो सके।
समीक्षा बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, समालखा के एसडीएम अमित कुमार, इसराना के एसडीएम नवदीप नैन, डीडीपीओ राजेश शर्मा, पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता साबित पन्नू, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, तहसीलदार कैलाश, नरेंद्र दलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।