रक्तदान महादान, प्रत्येक युवा करे रक्तदान
युवा नशे की सुई को न कहें और रक्तदान की सुई लगवा लोगों का जीवन बचाएं- डॉ. अशोक
कुरुक्षेत्र। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयट भेरियां में एनएसएस इकाई और यूथ एंड रेडक्रॉस सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में एकदिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों और स्टाफ ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्त संग्रहण के लिए जिला नागरिक अस्पताल, करनाल से डॉक्टरों की टीम पहुंची। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा विशेष रूप से पधारे। उन्होंने "रक्तदान करें – जीवन बचाएं" का संदेश देते हुए सभी रक्तदाताओं को बैज लगाए और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवा रक्तदान की सुई लगवाकर लोगों का जीवन बचाएं और नशे की सुई को न कहें। प्राचार्य सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें और समाज में इसके प्रति सकारात्मक माहौल बनाएं। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन हमेशा सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहेगा। उन्होंने एनएस और यूथ एंड रेडक्रॉस की टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाते रहने का आह्वान किया। एनएसएस अधिकारी प्रो. अमित ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल मंत्र "मैं नहीं, आप" की भावना को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में आज का रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि युवा ही देश की शक्ति हैं और रक्तदान जैसा पुण्य कार्य करके वे समाज सेवा में अपना योगदान दे सकते हैं। शिविर में 40 से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया। प्रो. अमित ने स्वास्थ्य विभाग की टीम और सभी रक्तदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि एनएस इकाई भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित करती रहेगी। यूथ एंड रेडक्रॉस सोसायटी के इंचार्ज प्रो. जितेंद्र ने कहा कि रेडक्रॉस का मूल मंत्र "मानवता की सेवा" है। रक्तदान इसी सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि 18 से 65 वर्ष तक का स्वस्थ व्यक्ति हर 3 महीने में रक्तदान कर सकता है। इससे न केवल जरूरतमंदों की मदद होती है बल्कि दाता का स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। प्रो. जितेंद्र ने कहा कि यूथ एंड रेडक्रॉस सोसायटी कॉलेज में प्राथमिक चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से भी समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाएगी। उन्होंने सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। शिविर का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं पौधारोपण के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्तदान से पहले सभी दाताओं की जांच की और रक्तदान के बाद उन्हें पोषक आहार व जलपान उपलब्ध कराया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।