प्रशासनिक अधिकारियों की नई पौध तैयार कर रहा लोक सेवा गुरुकुल
छतरपुर में 100 विद्यार्थी ले रहे UPSC, MPPSC, SSC और ESB की निःशुल्क कोचिंग
जि.पं. सीईओ ने विद्यार्थियों को संविधान के मूल अधिकारों व विभिन्न अनुच्छेदों को आसानी से याद रखने की ट्रिक बताई
---
जिला प्रशासन छतरपुर की पहल पर सेंट्रल लाइब्रेरी में निःशुल्क संचालित लोक सेवा गुरुकुल कोचिंग संस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बेहतर मंच बनकर उभर रहा है। यह संस्थान भविष्य में प्रशासनिक अधिकारियों की नई पौध तैयार कर नर्सरी के रूप में विकसित होने की दिशा में प्रयासरत है। संस्थान में प्रतिदिन करीब 100 विद्यार्थी UPSC, MPPSC, SSC एवं ESB जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को नियमित रूप से मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
शनिवार को जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में प्रदत्त मूल अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों से मूल अधिकारों की आवश्यकता को जोड़ते हुए विद्यार्थियों को इनके महत्व और उपयोगिता को समझाया। इस दौरान संवैधानिक कानून एवं विधिक कानून के बीच अंतर, न्यायिक सक्रियता तथा न्यायिक पुनरावलोकन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
सीईओ ने विद्यार्थियों को संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों को आसानी से याद रखने की ट्रिक बताने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्तर लेखन की प्रभावी विधि भी समझाई। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय की समझ के साथ तार्किक एवं तथ्यात्मक ढंग से उत्तर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं कोर्स डायरेक्टर डॉ. पी.पी. शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर ने विश्व भूगोल के अंतर्गत पठार एवं मैदानों के निर्माण की विधियां, प्रकार, महत्व एवं वितरण को PPT तथा एटलस मैप के माध्यम से समझाया। विद्यार्थियों को विषय को मानचित्र के माध्यम से समझने और तथ्यों को व्यावहारिक रूप से जोड़ने की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय स्तर के शिक्षकों से भी जुड़ेंगे विद्यार्थी
कलेक्टर की पहल पर लोक सेवा गुरुकुल कोचिंग संस्थान का ऑनलाइन एप तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस एप के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों को विद्यार्थियों से जोड़ा जाएगा। इससे जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन का अधिकतम लाभ मिल सकेगा।