पिंजौर के जितेश मनोचा मर्डर मामलें में पुलिस ने दो और आरोपी किए गिरफ्तार, दोनों 1 दिन के पुलिस रिमांड पर
हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल
पंचकूला/पिंजौर/ 09 जून:- पिंजौर के मुख्य बाजार में कारोबारी के बेटे जितेश मनोचा उर्फ किट्टू की हत्या करने के मामले में पंचकूला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पिंजौर थाना टीम ने मामलें में कार्रवाई करते हुए 8 जून को अजीतपाल और गुरप्रीत उर्फ हन्नी (दोनों निवासी पिंजौर) को धर दबोचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता का साफ कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल
इस मामलें में पुलिस ने वारदात के मात्र तीन घंटे के भीतर ही चार मुख्य आरोपियों को 5 जून को ही काबू कर लिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी (निवासी गणेशपुर भौरिया), रोहित मेहता उर्फ विक्की (निवासी नंगल कालका), मनीष कुमार (निवासी रतपुर कॉलोनी) और खुशदीप सिंह उर्फ दीपी (निवासी मानकपुर ठाकुरदास) के रूप में हुई थी। 6 जून को अदालत से मिले दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पिंजौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और डंडे बरामद करने में सफलता हासिल की।
रिमांड के दौरान 2 आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की फिराक में थे। दरअसल, जब पुलिस टीम चारों आरोपियों को बरामदगी के लिए परवाणू (हिमाचल प्रदेश) ले जा रही थी, तो जीरकपुर-शिमला हाईवे पर मल्लाह मोड़ के पास आरोपी खुशदीप सिंह और मनप्रीत सिंह ने पुलिसकर्मियों से बाथरूम जाने की बात कही। गाड़ी से नीचे उतरते ही दोनों आरोपियों ने सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को अचानक धक्का दे दिया और भागने के लिए हाईवे से नीचे पुलिया की तरफ छलांग लगा दी। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने अन्य सहयोगियों की मदद से मुठैड़ (नुकीले पत्थरों) के बीच कूदकर भाग रहे दोनों आरोपियों को तुरंत दबोच लिया। इस दौरान पत्थरों पर गिरने के कारण दोनों आरोपियों की दाहिनी टांगों पर चोटें आईं।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास के कारण आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 262 के तहत एक और नया मामला दर्ज किया गया है। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद इन चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला
इस वारदात की शुरुआत एक महीने पुराने मामूली विवाद से हुई थी। जांच में सामने आया है कि मृतक जितेश मनोचा और आरोपी खुशदीप सिंह के बीच करीब एक माह पहले दुकान के बाहर गाड़ी पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जानलेवा हमले की पूरी साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
मृतक के पिता के बयानों के मुताबिक, उनका बेटा जितेश उनके साथ बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर काम करता था। 5 जून की दोपहर करीब 3:15 बजे जब वह अपने एक परिचित की गाड़ी में बैठकर बात कर रहा था, तभी अचानक आए कुछ युवकों ने उसे जबरन बाहर घसीटा और डंडों व लात-घूंसों से पीटा था। शोर मचने पर आरोपी फरार हो गए और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जितेश को मृत घोषित कर दिया।