Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
किसान
कांग्रेस
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
Rajasthan
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Madhyapradesh
Pmmodi
Kerala
Rahulgandhi
Chhattisgarh
Uttarpradesh
Haryana
image
image
image
image
image

खेतों में जानवर चराने गए वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत, अनाथ हुए 9 बच्चे; परिवार में मचा कोहराम फर्रुखाबाद (अमृतपुर): थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम नगला खुशाली में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ खेतों में जानवर चराने गए एक 60 वर्षीय वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। मृतक अपने पीछे पत्नी और 9 बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। पैर फिसलने से नाले में गिरे बेचेलाल मिली जानकारी के अनुसार, नगला खुशाली निवासी बेचेलाल (60 वर्ष) पुत्र मूंगालाल शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अपने जानवरों को चराने के लिए खेतों की तरफ गए थे। इसी दौरान सोता नाले के समीप अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गए। जब काफी देर तक बेचेलाल घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। मृतक के पुत्र मनोज ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि जानवर तो खेत में अकेले खड़े हैं, लेकिन पिता का कोई अता-पता नहीं है। 2 घंटे की खोजबीन के बाद मिला शव पिता के लापता होने की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण सामूहिक रूप से तलाश में जुट गए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सोता नाले में बेचेलाल का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत शव को नाले से बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) राजेपुर ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 9 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, रो-रोकर बुरा हाल मृतक की पत्नी रजनी ने रोते हुए बताया कि उनके 9 बच्चे हैं। बेचेलाल ही पूरे परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा थे। उनकी अचानक मौत से बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं और पूरे कुनबे का रो-रोकर बुरा हाल है।

MORE NEWS

आज दिनांक 10.07.2026 को 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान में पुलिस प्रशासन फतेहगढ़ एवं जिला प्रशासन फर्रुखाबाद द्वारा विशेष सहयोग एवं सराहनीय योगदान दिया गया। अभियान के अंतर्गत पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में कुल 1108 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराया गया। उक्त सराहनीय कार्य के दृष्टिगत माननीय राज्यपाल महोदया श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा पुलिस प्रशासन फतेहगढ़ एवं जिला प्रशासन फर्रुखाबाद की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।#Fatehgarhpolice

आज दिनांक 10.07.2026 को 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान में पुलिस प्रशासन फतेहगढ़ एवं जिला प्रशासन फर्रुखाबाद द्वारा विशेष सहयोग एवं सराहनीय योगदान दिया गया। अभियान के अंतर्गत पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में कुल 1108 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराया गया। उक्त सराहनीय कार्य के दृष्टिगत माननीय राज्यपाल महोदया श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा पुलिस प्रशासन फतेहगढ़ एवं जिला प्रशासन फर्रुखाबाद की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।#Fatehgarhpolice

Farrukhabad, Uttar Pradesh | Jul 10, 2026

फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने राजेपुर CHC का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर दी कार्रवाई की चेतावनी

​फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने जनपद की अमृतपुर तहसील स्थित "राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र" (CHC) का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति, दवा वितरण, साफ-सफाई और आपातकालीन सेवाओं का गहनता से जायजा लिया।

​मुख्य बिंदु:
​मरीजों से लिया फीडबैक: जिलाधिकारी ने वार्डों में भर्ती और इलाज के लिए आए मरीजों से खुद बातचीत की। उन्होंने फीडबैक लिया कि डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां तो नहीं लिखी जा रही हैं और इलाज समय पर मिल रहा है या नहीं।
​लापरवाही पर सख्त रुख: डीएम ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी से गायब रहने वाले या काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।

​अस्पताल प्रबंधन को निर्देश: उन्होंने परिसर में पुख्ता साफ-सफाई रखने, जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और शासन की मंशानुसार हर गरीब को सुलभ व गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।
​इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा।

फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने राजेपुर CHC का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर दी कार्रवाई की चेतावनी ​फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने जनपद की अमृतपुर तहसील स्थित "राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र" (CHC) का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति, दवा वितरण, साफ-सफाई और आपातकालीन सेवाओं का गहनता से जायजा लिया। ​मुख्य बिंदु: ​मरीजों से लिया फीडबैक: जिलाधिकारी ने वार्डों में भर्ती और इलाज के लिए आए मरीजों से खुद बातचीत की। उन्होंने फीडबैक लिया कि डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां तो नहीं लिखी जा रही हैं और इलाज समय पर मिल रहा है या नहीं। ​लापरवाही पर सख्त रुख: डीएम ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी से गायब रहने वाले या काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। ​अस्पताल प्रबंधन को निर्देश: उन्होंने परिसर में पुख्ता साफ-सफाई रखने, जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और शासन की मंशानुसार हर गरीब को सुलभ व गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। ​इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा।

Farrukhabad, Farrukhabad | Jul 9, 2026

फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा: नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट 

फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति बनी है। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और तैयारियां तेज कर दी हैं।

पांचाल घाट पर पंडों ने भी अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। गुरुवार शाम 5 बजे नाविकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर लगभग 4 से 5 फीट बढ़ गया है।

बुधवार को नरौरा बांध से लगभग 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़कर 134.50 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, जिससे कई स्थानों पर कटान भी शुरू हो गई है।

वहीं, रामगंगा नदी में खो बैराज से 200 क्यूसेक और रामनगर बांध से लगभग 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, रामगंगा का जलस्तर अभी भी निचले गेज पर बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लठार ने बुधवार को अमृतपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कड़क्का बांध का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया था। मालूम होकि प्रशासन द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सिंचाई विभाग ने लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से चार संवेदनशील स्थानों पर परकोपाइन स्पर बनवाए हैं। बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के लिए दो नियंत्रण कक्ष भी अभी से सक्रिय कर दिए गए हैं।

फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा: नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति बनी है। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और तैयारियां तेज कर दी हैं। पांचाल घाट पर पंडों ने भी अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। गुरुवार शाम 5 बजे नाविकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर लगभग 4 से 5 फीट बढ़ गया है। बुधवार को नरौरा बांध से लगभग 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़कर 134.50 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, जिससे कई स्थानों पर कटान भी शुरू हो गई है। वहीं, रामगंगा नदी में खो बैराज से 200 क्यूसेक और रामनगर बांध से लगभग 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, रामगंगा का जलस्तर अभी भी निचले गेज पर बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लठार ने बुधवार को अमृतपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कड़क्का बांध का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया था। मालूम होकि प्रशासन द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सिंचाई विभाग ने लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से चार संवेदनशील स्थानों पर परकोपाइन स्पर बनवाए हैं। बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के लिए दो नियंत्रण कक्ष भी अभी से सक्रिय कर दिए गए हैं।

Farrukhabad, Farrukhabad | Jul 9, 2026