थाना औंग क्षेत्रांर्गत ग्राम भीकमपुर में हुई घटना में अभी तक पुलिस की तफ्तीश, घटनास्थल के आसपास के लोगों और परिजनों से हुई पूछताछ में घटना के संबंध में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार रात करीब 3.15 बजे डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति ने एक ही परिवार के पांच लोगों को घायल कर दिया है। सूचना पर स्थानीय पुलिस एवं डायल-112 पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मौके पर एक ही घर में पांच लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले, जिनके शरीर पर किसी धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। वहीं घर के बाहर एक व्यक्ति बेहोशी की अवस्था में पड़ा मिला, जिसकी पहचान पवन विश्वकर्मा के रूप में हुई। पवन विश्वकर्मा इसी घर का दामाद था और मूल रूप से ग्राम आशापुर, थाना औंग क्षेत्र का रहने वाला था। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां पहुंचने तक उसकी मृत्यु हो गई। घटना वाले घर में मौजूद लोगों से पूछताछ में पता चला कि पवन विश्वकर्मा कल शाम वहां आया था। उसने परिवार को बताया था कि उसके साले राजू विश्वकर्मा के बेटे की शादी के लिए लड़की देखने जाना है। इसके बाद वह करीब पांच बजे राजू विश्वकर्मा को अपने साथ लेकर गया और करीब 08.00 बजे अपने गांव आशापुर वापस आया। वहां से कपड़े बदलने के बाद रात करीब 10.00 बजे वह दोबारा भीकमपुर आया। सभी लोगों ने खाना खाया और इसके बाद सो गए। राजू विश्वकर्मा के संबंध में पूछने पर पवन ने बताया कि वह कहीं रुक गया है और स्वयं ही वापस आ जाएगा, लेकिन उसने यह स्पष्ट नहीं बताया कि राजू कहां रुका है।
रात करीब डेढ़ बजे पवन विश्वकर्मा ने अपने साथ लाए बांका जैसे हथियार से सो रहे लोगों पर अचानक कई वार किए। इसी दौरान साइड वाले घर में रहने वाला दूसरा साला राजेश विश्वकर्मा भी बीच-बचाव के लिए आया, जिस पर भी उसने कई वार किए। इस प्रकार कुल पांच लोग घायल हुए। जब घायल लोगों ने आत्मरक्षा में पवन को रोकने का प्रयास किया और वह नहीं रुका, तो उन्होंने उसे काबू में किया तथा उसके द्वारा दोबारा हमला न किए जाने के लिए आत्मरक्षा में उसे भी चोट पहुंची, जिसके बाद वह बेहोश होकर बाहर पड़ा मिला। वर्तमान में राजू विश्वकर्मा की तलाश की जा रही है। उसकी लोकेशन पता करने के लिए सीसीटीवी फुटेज एवं सीडीआर का विश्लेषण किया जा रहा है। 05 घायलों में से 01 घायल का उपचार मेडिकल कॉलेज, मलवां में चल रहा है