नामकरण की गलती बनी परेशानी, न्याय के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकता रहा पीड़ित, सीएम को भेजी शिकायत।
करौली जिले के हिंडौन उपखण्ड कार्यालय के राजस्व विभाग पर लापरवाही और अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। एक ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि नामांतरण के दौरान हुई त्रुटि को महीनों बाद भी ठीक नहीं किया गया। पीड़ित ने अब मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई और समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है।
मामला हिंडौन तहसील के बझेड़ा गांव निवासी हरिया सिंह मीणा पुत्र रंगीलाल मीणा का है। पीड़ित का आरोप है कि पिता के निधन के बाद नामकरण प्रक्रिया के दौरान उपखण्ड कार्यालय हिंडौन सिटी के अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके नाम की जगह गलती से "माधो पुत्र रंगीलाल" दर्ज कर दिया। जबकि आधार कार्ड, अंकतालिका, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, पहचान पत्र सहित सभी सरकारी दस्तावेजों में उनका नाम हरिया सिंह पुत्र रंगीलाल मीणा दर्ज है।
पीड़ित का कहना है कि इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए उन्होंने 22 जून 2026 को बझेड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में आवेदन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले भी 15 मई 2026 को जिला कलेक्टर करौली और 12 मार्च 2026 को हिंडौन एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन मामला लंबित ही रहा।
आरोप है कि पटवारी सहित अन्य कर्मचारियों ने लगातार आश्वासन देकर गुमराह किया। बाद में संबंधित कर्मचारियों का तबादला हो गया, जिससे प्रकरण और लंबा खिंच गया। इसके बाद मामला कटकड़ उपतहसील भेज दिया गया, लेकिन वहां भी समाधान नहीं हुआ। पीड़ित लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन आज तक रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया।
हरिया सिंह मीणा (पीड़ित) ने बताया कि
"मैं कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा हूं। सभी दस्तावेजों में मेरा नाम हरिया सिंह है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में गलती होने से मुझे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद है"।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर मामले का शीघ्र निस्तारण कराने तथा हिंडौन उपखण्ड कार्यालय के लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि इस शिकायत के बाद प्रशासन कब तक पीड़ित को राहत दिला पाता है।