मूसलाधार बारिश के बीच गरजे ग्राम प्रधान, विधायक निधि की जांच समेत कई मांगें उठाईं
उत्तरकाशी। जिले में मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बीच ग्राम प्रधान संगठनों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे प्रधानों ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन भेजकर विभिन्न मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की गई।
प्रधान संगठनों ने यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग प्रमुखता से उठाई। संगठन ने कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा आपदा से संबंधित योजनाओं में ग्राम प्रधानों की योजनाओं को शामिल करने, जल जीवन मिशन में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच तथा श्रम विभाग उत्तरकाशी में वर्ष 2015 से मार्च 2026 तक हुई कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी उठा
प्रधान संगठनों ने ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। लंबित सड़कों के डामरीकरण, बंद पड़े ग्राम नगल मोटर मार्ग को खोलने तथा कल्याणी-हरेती-जिनैथ, शिव गुफा-मंजगांव, कुमराड़ा-माडियासारी-मसोन और जाखरी पटारा-ओल्या डांग मोटर मार्ग समेत विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं डामरीकरण की मांग की गई।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सरकार का ध्यान खींचा
ब्रह्मखाल स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मुख्यमंत्री घोषणा को जल्द पूरा करने और स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे तकनीशियन की नियुक्ति की मांग की गई। वहीं अतर सिंह नेगी महाविद्यालय ब्रह्मखाल में नए विषय खोलने तथा आईटीआई ब्रह्मखाल में प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड शुरू करने की मांग भी रखी गई।
प्रधानों ने स्यालना हेलीपैड के लिए जल्द भूमि चयन, मंजगांव से बौख टिपा तक सड़क एवं ट्रैक मार्ग निर्माण तथा स्यालना-कल्याणी मोटरमार्ग के डामरीकरण की मांग भी उठाई।
ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था में बदलाव की मांग
ज्ञापन में विद्यालयों के सौंदर्यीकरण और नियमित रखरखाव तथा ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन हाजिरी से आ रही समस्याओं का समाधान करते हुए ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था किए जाने की मांग भी की गई। ग्राम सरतली में नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने समेत कई अन्य ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।
प्रधान संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जनहित और गांवों के विकास से जुड़ी हैं। सरकार को इन पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रधान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित और समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बहिष्कार जैसे कठोर निर्णय पर विचार किया जा सकता है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
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