#दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर #विश्वविद्यालय में गोरखपुर #यूनिवर्सिटी एफिलिएटेड कॉलेज #टीचर्स एसोसिएशन (GUACTA) #के बैनर तले तीन जिलों—#गोरखपुर,देवरिया और कुशीनगर—के 21 संबद्ध महाविद्यालयों के #करीब 600 शिक्षक आंदोलन पर #उतर आए हैं। 11 अगस्त की #दोपहर 3 बजे से शिक्षकों ने #आमरण अनशन और प्रदर्शन शुरू किया। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में संबद्ध महाविद्यालयों को शोध केंद्र का दर्जा,लंबित बकायों का भुगतान,लेट फीस पेनल्टी वापस लेना और विभिन्न विश्वविद्यालयीय समितियों में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व शामिल है।
पेनल्टी विवाद बना आंदोलन की बड़ी वजह मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज,भाटपार रानी पर करीब 42 लाख रुपये और बीआरडी पीजी कॉलेज,देवरिया पर करीब 14 लाख रुपये की लेट फीस पेनल्टी लगाए जाने का शिक्षक विरोध कर रहे हैं। एसोसिएशन की मांग है कि इन दंड शुल्कों को वापस लिया जाए।12 अगस्त को मामला उस समय और गरमा गया,जब कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन मौके पर पहुंचीं। शिक्षकों के एक समूह ने कुलपति के विरोध में नारेबाजी की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव किया और कुलपति को वहां से निकालने की कोशिश की।प्रदर्शन के दौरान कुलपति के खिलाफ आपत्तिजनक और विरोधी नारे भी लगाए जाने की बात सामने आई है। वहीं,विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष है कि लेट फीस पेनाल्टी और उसके रिव्यू का अधिकार एसोसिएशन के पास नहीं है। शिक्षक अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। अब सवाल यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और #शिक्षकों के बीच चल रहा यह #गतिरोध कब खत्म होगा और #आमरण अनशन का समाधान #किस स्तर पर निकलेगा............?
Gorakhpur, Gorakhpur | Aug 12, 2026