#सार्वजनिक सड़क पर #कब्जे का विवाद गरमाया, #पुलिस की #मौजूदगी में ईंट गिराने का वीडियो चर्चा में; #मोहल्लेवासियों ने #निष्पक्ष #जांच की उठाई मांग
आदर्श नगर पंचायत सिकन्दरपुर में सड़क की जमीन पर कथित #कब्जे को लेकर विवाद अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। मामला पीस कमेटी की बैठक तक पहुंचा, जहां मोहल्लेवासियों ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी। एडीएम और एडिशनल एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन विवाद का कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकल सका।
#मोहल्लेवासियों के मुताबिक, अगले ही दिन एक पक्ष द्वारा विवादित स्थान पर ईंटें गिराकर कथित रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि जब मौके पर ईंट गिराने का काम शुरू हुआ तो मोहल्ले के लोग पुलिस चौकी पहुंचे। इसके बाद कुछ पुलिसकर्मी मौके पर भी पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उनकी मौजूदगी के बावजूद निर्माण सामग्री गिराने का काम नहीं रुका। मौके का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बीच काम होता दिखाई दे रहा है। यही वीडियो अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि जब जमीन को लेकर पहले से विवाद है तो #प्रशासन को दोनों पक्षों को बुलाकर दस्तावेजों और मौके की स्थिति की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि जमीन वास्तव में किसी पक्ष की है तो नियमानुसार उसका अधिकार स्पष्ट किया जाए, लेकिन यदि वहां पहले से सार्वजनिक रास्ता है तो उसे बंद करने या कब्जे में लेने के बजाय सड़क को यथावत रखा जाए। इससे विवाद का स्थायी समाधान भी निकल सकता है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि उक्त स्थान पर पहले से #सड़क बनी हुई थी और अब कथित तौर पर उसे कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है। मोहल्लेवासियों ने सवाल उठाया कि कहीं यह सड़क भी राजनीति और प्रभाव की भेंट न चढ़ जाए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि कोई अवैध कब्जा हुआ है तो उसे हटवाने की मांग की है।
वहीं, पूरे मामले में #नगरप्रशासन की कथित #खामोशी भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि जब मामला अधिकारियों तक पहुंच चुका है और मौके पर #पुलिस भी पहुंची थी, तो विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा कब्जे की स्थिति उत्पन्न होने से पहले स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
#हालांकि, यह खबर किसी पक्ष के आरोप को सत्यापित नहीं करती है। जमीन का वास्तविक स्वामित्व, वहां सड़क की स्थिति और कब्जे की वैधता क्या है, यह राजस्व अभिलेखों और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले की हकीकत सामने लाने की मांग की है।