बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति चुनाव परिणाम, मिली नई कमान: उदय प्रजापति अध्यक्ष, विकास कुमार सचिव और विनोद कुमार बने कोषाध्यक्ष
गया। गया शहर के बाईपास दांडीबाग स्थित प्रजापति भवन में रविवार को आयोजित बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, माड़नपुर का भव्य सम्मेलन सह चुनाव कार्यक्रम संपन्न हुआ। चुनाव के बाद सोमवार की सुबह 8 बजे नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के नामों की आधिकारिक घोषणा की गई। चुनाव आयुक्त मोहन प्रसाद की देखरेख में पूरी चुनाव प्रक्रिया कराई गई। परिणाम सामने आते ही समाज के लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन को मजबूत करने की बात कही। समिति के चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के तीन-तीन प्रत्याशी मैदान में थे। तीनों पदों के लिए कुल नौ प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। रविवार को सम्मेलन के दौरान मतदान कराया गया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतों की गणना और अन्य चुनावी प्रक्रिया पूरी की गई। सोमवार सुबह चुनाव परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणाम के अनुसार अध्यक्ष पद पर उदय प्रजापति, सचिव पद पर विकास कुमार और कोषाध्यक्ष पद पर विनोद कुमार निर्वाचित हुए। परिणाम की घोषणा के बाद समर्थकों और समाज के लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रजापति भवन में समाज के लोगों के बीच उत्साह का माहौल रहा।
महिलाओं की भागीदारी रही खास
चुनाव की सबसे खास बात महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। मतदान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। समिति से जुड़े लोगों ने कहा कि पहले की तुलना में अब समाज की महिलाएं सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक सक्रिय हो रही हैं। चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को समाज में बढ़ती जागरूकता और महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देखा गया। डॉक्टर प्रोफेसर सूरज देव चंद्रपाल ने कहा कि संगठन के चुनाव में महिलाओं का बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना इस बात का संकेत है कि महिलाएं अपने अधिकारों और समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक हो रही हैं। आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सम्मेलन में उठीं समाज की कई मांगें
सम्मेलन के दौरान कुम्हार समाज की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बिहार में माटी कला बोर्ड के गठन की मांग प्रमुखता से रखी। उनका कहना था कि मिट्टी से जुड़े कारीगरों और कुम्हारों की पारंपरिक कला को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए सरकार को माटी कला बोर्ड का गठन कर कुम्हार समाज को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। इसके अलावा कुम्हार समाज के लोगों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर कुम्हार परिवार पूंजी के अभाव में अपने पारंपरिक कारोबार को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। ऐसे परिवारों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे चाक, मिट्टी के बर्तन और अन्य माटी उत्पादों का कारोबार आधुनिक तरीके से कर सकें।
गया के कुम्हारों के लिए चाक और ऋण की मांग
सम्मेलन में गया जिले के गरीब कुम्हार परिवारों को आधुनिक चाक उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। समाज के लोगों के अनुसार बड़ी संख्या में परिवार आज भी मिट्टी के बर्तन बनाने के पारंपरिक काम से जुड़े हैं। आधुनिक संसाधन और आर्थिक मदद मिलने से इस कारोबार को नया विस्तार मिल सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि मिट्टी से बने बर्तनों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार को माटी कला से जुड़े उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और कुम्हारों को उद्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
डॉक्टर प्रोफेसर सूरज देव चंद्रपाल ने कहा कि उनकी कई मांगें लंबे समय से सरकार के समक्ष रखी जाती रही हैं। कुछ मांगों पर काम हुआ है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित हैं। यदि सरकार की ओर से इन मांगों पर ठोस पहल नहीं की गई तो संगठन आगे बैठक, धरना और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेगा।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रजापति, सचिव विकास कुमार और कोषाध्यक्ष विनोद कुमार ने समाज के लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। समाज के लोगों को एकजुट कर उनकी समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। संगठन को मजबूत करने के साथ युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रजापति समाज को नई कार्यकारिणी मिल गई है। अब समाज के लोगों की नजर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की ओर है कि वे संगठन की लंबित मांगों और समाज से जुड़े मुद्दों को किस तरह मजबूती से आगे बढ़ाते हैं।
इस मौके पर विनोद पंडित, कैलाश प्रजापति, नागेश्वर प्रजापति, द्वारका प्रजापति, छोटेलाल, रामप्रवेश प्रजापति, मोहन प्रसाद, मीना प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, इंदू प्रजापति, रेनू रानी, आरती कुमारी सहित कई सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे.