विश्व प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन, विकास कार्य द्रुत गति से जारी
उज्जैन, 23 अक्टूबर। शिप्रा तट पर स्थित मंगलग्रह की उत्पत्ति स्थली भगवान श्री मंगलनाथ जी के मंदिर पर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से नित्य प्रातःकाल की आरती के पश्चात सुबह 7 बजे से रात्रि मंदिर बंद होने तक श्रद्धालुओं एवं यजमानों का सतत आगमन बना रहता है।
विश्व प्रसिद्ध इस मंदिर पर दर्शनार्थियों के अतिरिक्त भूमि प्राप्ति, धन प्राप्ति, शीघ्र विवाह, यश प्राप्ति, मंगल दोष निवारण तथा समस्त रोगों के निवारण हेतु भात पूजन एवं अन्य अनुष्ठान कराने वाले यजमानों का आना-जाना लगा रहता है। मंदिर पर आने वाले यजमानों की पूजा-अर्चना विद्वान पंडितों एवं आचार्यों द्वारा संपूर्ण विधान के साथ संपन्न कराई जाती है।
मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति की सचिव/तहसीलदार शैफाली जैन ने बताया कि श्रीमान कलेक्टर महोदय के सक्षम नेतृत्व एवं अनुविभागीय अधिकारी/अध्यक्ष, श्री मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के कुशल मार्गदर्शन में मंदिर का विकास एवं विस्तार कार्य उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से द्रुत गति से क्रियान्वित किया जा रहा है।
मंदिर के प्रशासक के.के. पाठक ने बताया कि दर्शन हेतु आने वाले दिव्यांग एवं असहाय श्रद्धालुओं को मंदिर के कर्मचारियों द्वारा पूरी निष्ठा के साथ सुलभ एवं शीघ्र दर्शन करवाया जाता है। उन्हें यथावश्यक व्हीलचेयर से नीचे तक ले जाकर मंदिर के सेवक कर्मचारी स्वयं छोड़कर आते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं को ठंडे पेयजल की आपूर्ति हेतु पंडित प्रद्युम्न भार्गव की प्रेरणा से कनाडा के श्रद्धालु श्री अनिश गोयल द्वारा ट्यूबवेल खनन करवाया गया है। साथ ही दो हजार लीटर की पानी की टंकी स्थापित कराई गई तथा तीन-तीन टोंटी वाले दो ठंडे पानी के कूलर लगवाए गए। इन्हें व्यवस्थित रूप से स्थापित कर पंडित प्रद्युम्न भार्गव तथा पंडित देवेश जोशी द्वारा पूजन-अर्चन कर कूलर चालू करवाए गए।
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Umaria, Madhya Pradesh | Oct 23, 2026