यमुनानगर, 7 अक्तूबर- समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी के.एस. संधावा ने जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों का फ्लाइंग एवं औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण, साफ-सफाई, टॉयलेट एवं वाटर फैसिलिटीज सहित विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया।
समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी केएस संधावा ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कैल, राजकीय माध्यमिक विद्यालय भंभौली, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भंभौली तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंभौली सहित विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालय भंभौली परिसर की साफ-सफाई एवं व्यवस्था बहुत ही अच्छी लगी जिस पर उन्होंने स्कूल के अध्यापकों को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसरों की स्वच्छता, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध पेयजल एवं शौचालय सुविधाओं तथा साइंस लैब, इंटेल लैब, बायो लैब, लैंग्वेज लैब सहित अन्य प्रयोगशालाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में टॉयलेट एवं साफ पानी से संबंधित कमियां सामने आईं। इस पर जिला परियोजना अधिकारी ने संबंधित विद्यालय मुखियाओं को मौके पर ही निर्देश देते हुए कहा कि इन व्यवस्थाओं को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में दुरुस्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समयावधि में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर संबंधित के विरुद्ध विभागीय नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी क्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंभौल में लैंग्वेज लैब का निरीक्षण करने पर व्यवस्था अत्यंत खराब पाई गई। लैब की स्थिति से ऐसा प्रतीत हुआ कि इसे पिछले कई महीनों से नियमित रूप से उपयोग एवं संचालित नहीं किया गया है। उन्होंने मौके पर ही लैंग्वेज लैब इंचार्ज एवं विद्यालय प्राचार्य को बुलाकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा लैब की समस्त व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरुस्त एवं क्रियाशील करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि के बाद पुन: निरीक्षण में यदि व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी केएस संधावा ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विद्यालय मुखियाओं को निर्देश दिए कि विद्यालयों में वाटर, सैनिटेशन एवं टॉयलेट सुविधाओं के रखरखाव एवं सुधार के लिए हाल ही में उपलब्ध करवाई गई ग्रांट का तुरंत एवं उचित उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में पेयजल, स्वच्छता, शौचालय अथवा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कोई कमी है तो उसे बिना किसी विलंब के दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्थापित विभिन्न लैब विद्यार्थियों के व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए साइंस, इंटेल, बायो, लैंग्वेज एवं अन्य लैब्स को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए उन्हें नियमित रूप से संचालित एवं विद्यार्थियों के उपयोग में लाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यालय मुखियाओं को निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों एवं विभाग द्वारा जारी ग्रांट का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना प्रत्येक संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय मुखिया की जिम्मेदारी है।