समय पर मिली समझाइश बनी जीवनरक्षक
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गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिला को सुरक्षित उपचार हेतु जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया
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स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों एवं प्रभावी काउंसलिंग के परिणामस्वरूप गंभीर एनीमिया से ग्रसित एक गर्भवती महिला को समय रहते उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जिससे संभावित गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को टाला जा सका। विकासखंड बल्देवगढ़ के ग्राम डारगुवा निवासी श्रीमती नेहा अहिरवार (परिवर्तनीय नाम) गर्भावस्था के आठवें माह में थीं। जांच के दौरान उनका हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 3 ग्राम पाया गया, जो अत्यंत गंभीर स्थिति थी। ऐसी अवस्था में मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूर्व में कई बार महिला एवं उनके परिजनों को जिला चिकित्सालय जाकर उपचार कराने के लिए समझाइश दी गई, लेकिन वे अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने हार नहीं मानी और लगातार संपर्क बनाए रखा। आज पुनः स्वास्थ्य टीम ग्राम डारगुवा पहुंची तथा महिला एवं उनके परिजनों को गंभीर एनीमिया से होने वाले संभावित खतरों और समय पर उपचार की आवश्यकता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सतत काउंसलिंग, धैर्यपूर्ण समझाइश और मानवीय प्रयासों के बाद महिला एवं उनके परिजन उपचार के लिए सहमत हो गए।
इसके पश्चात स्वास्थ्य टीम की उपस्थिति में महिला को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय, टीकमगढ़ रेफर कर सुरक्षित उपचार हेतु भेजा गया। महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यदि उन्हें समय पर सही जानकारी और मार्गदर्शन नहीं मिला होता, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
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Tikamgarh, Madhya Pradesh | Jun 5, 2026