विश्व बाल श्रम निषेध दिवस: रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चला 'उमंग-VII' अभियान, बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई
डीडवाना।विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आज राजस्थान महिला कल्याण मंडल और रेलवे सुरक्षा बल के संयुक्त तत्वावधान में रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में बाल तस्करी, बाल श्रम तथा बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए एक विशेष संयुक्त निगरानी एवं सर्च अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई राज्य स्तर पर संचालित विशेष अभियान उमंग-VII के तहत अमल में लाई गई।राजस्थान महिला कल्याण मंडल की जिला समन्वयक गरिमा सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) और स्टेशन परिसर के चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी। इस दौरान स्टेशन पर आने-जाने वाली ट्रेनों के सामान्य कोचों में भी सघन तलाशी ली गई, ताकि संदिग्ध रूप से ले जाए जा रहे बच्चों या बाल श्रम में लिप्त बच्चों की पहचान की जा सके।संस्था की ओर से बताया गया कि बाल श्रम और मानव तस्करी के लिए अक्सर बच्चों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के लिए रेलवे नेटवर्क का उपयोग किया जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही आज 12 जून को यह विशेष सर्च ऑपरेशन प्लान किया गया था।अभियान के दौरान पुलिस और संस्था के पदाधिकारियों ने न सिर्फ संदिग्ध मामलों की जांच की, बल्कि स्टेशन परिसर में मौजूद दुकानदारों, यात्रियों और आम जनता को भी बाल श्रम न कराने और बाल तस्करी के खिलाफ जागरूक रहने की शपथ दिलाई। टीम ने अपील की कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी बच्चे को संकट में या बाल श्रम करते देखे, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को दे।इस संयुक्त रेस्क्यू और सर्च अभियान में GRP/RPF के थाना प्रभारी सहित पुलिस जाब्ता और राजस्थान महिला कल्याण मंडल के कई कार्यकर्ता मुस्तैद रहे।
Didwana, Nagaur | Jun 12, 2026