*हाईकोर्ट की निगरानी में 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में होगा देश का सबसे बड़ा सामूहिक विवाह*
*राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन द्वारा 51,000 जोड़ों का "विशाल सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह"*
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*लखनऊ,
समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और महंगे विवाह के कारण गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए _राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन_ एक ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है।
मिशन द्वारा *30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार* को लखनऊ के *मान्यवर श्री कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल, एकाना, लखनऊ* में *"विशाल सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह"* का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में *हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी धर्मों के 51,000 गरीब एवं जरूरतमंद जोड़े* एक साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे।
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गरीब और जरूरतमंद जोड़ों के विवाह को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने *राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन* द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित "विशाल सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह" के आयोजन पर सीधी निगरानी रखते हुए पुलिस कमिश्नर, लखनऊ को 3 सप्ताह में निर्णय देने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने मंगलवार 17 अगस्त 2026 को सुनवाई के दौरान कहा कि अब इस सामाजिक कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
_क्या है पूरा मामला_
बलिया के जे.पी. नगर निवासी *राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन* के संस्थापक *श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता* द्वारा दायर की गई थी।
कोर्ट में बताया गया कि राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन *सरकार से पंजीकृत एक धर्मार्थ न्यास एवं सामाजिक संगठन है*।संस्था को आयकर विभाग, लखनऊ द्वारा *आयकर अधिनियम 1961 की धारा 12A के तहत पंजीकरण और धारा 80G के तहत अनुमोदन प्राप्त है*। संस्था का पंजीकृत कार्यालय जे. पी. नगर, नई बस्ती, उमर गंज उर्फ प्रेम चक गड़वार रोड,बलिया उत्तर प्रदेश में है। इसे माननीय न्यायालय ने सही पाया। इसी के चलते संस्था को आयकर कानून के अंतर्गत *मान्यता प्राप्त धर्मार्थ संस्था* का दर्जा प्राप्त है।
संस्था के पास *सभी वैधानिक एवं लीगल दस्तावेज* उपलब्ध हैं। पिछले कई वर्षों से संस्था सामूहिक विवाह, स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, वृक्षारोपण अभियान एवं अन्य *जनहित के कार्य* निरंतर करती आ रही है।
मिशन ने 30.10.2026 को लखनऊ के _मान्यवर श्री कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल_ में "विशाल सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह" के लिए 8 जुलाई 2026 को पुलिस कमिश्नर को आवेदन दिया था। लंबे समय तक कोई जवाब न मिलने पर संस्था ने हाईकोर्ट में रिट दायर की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अम्बुज सिंह और नृतिका सिंह ने पैरवी की।
_हाईकोर्ट का आदेश_
कोर्ट ने आदेश में कहा:
"पुलिस आयुक्त, लखनऊ कमिश्नरेट, याचिकाकर्ताओं के 08.07.2026 के आवेदन पर इस आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने की तारीख से 3 सप्ताह के अंदर कानून के अनुसार कारण सहित लिखित आदेश पारित करें।"
_आदेश का असर_
1. _कोर्ट की निगरानी:_ अब पूरा मामला हाईकोर्ट की निगरानी में है।
2. _3 हफ्ते की डेडलाइन:_ पुलिस को तय समय में हां या ना में जवाब देना होगा।
3. _आयोजन को बल:_ आदेश के बाद 30 अक्टूबर को कांशीराम स्थल पर होने वाले भव्य समारोह की तैयारियां तेज होंगी। हजारों गरीब जोड़ों को सीधा लाभ मिलेगा।
_संस्था का पक्ष_
राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन के निदेशक *श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता* ने कहा, "हमारी संस्था सरकार से पंजीकृत है और सभी कानूनी मान्यताएं प्राप्त हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य सभी धर्मों के गरीब जोड़ों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना है। हाईकोर्ट की निगरानी से हमें पूरा भरोसा है कि न्याय मिलेगा और यह पुनीत कार्य सफल होगा।"
कोर्ट में बताया गया कि राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन *सरकार से पंजीकृत एक धर्मार्थ न्यास एवं सामाजिक संगठन है*। संस्था को आयकर विभाग, लखनऊ द्वारा *आयकर अधिनियम 1961 की धारा 12A के तहत पंजीकरण और धारा 80Gके तहत अनुमोदन प्राप्त है*। इसी के चलते संस्था को आयकर कानून के अंतर्गत *मान्यता प्राप्त धर्मार्थ संस्था* का दर्जा प्राप्त है।
राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन के पास *सभी वैधानिक एवं लीगल दस्तावेज* उपलब्ध हैं। पिछले कई वर्षों से संस्था सामूहिक विवाह, स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, वृक्षारोपण अभियान एवं अन्य *जनहित के कार्य* निरंतर करती आ रही है।