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बिहार: पटना जंक्शन स्थित जामा मस्जिद के बाहर अतीक अमर रहे के नारेबाजी | Atiq Ahmed | Patna | #atiqahmad #patna #prayagraj

Bihar, Nalanda | Apr 21, 2023

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नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। 

खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। 

जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 8, 2026

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। 

खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। 

जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 8, 2026

प्रेस विज्ञप्ति:-
शारदीय (खरीफ) महाअभियान 2026-27 अंतर्गत जिला स्तरीय एकदिवसीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन:-
दिनाँक-08.06.2026.

शारदीय (खरीफ) महाअभियान 2026-27 के अंतर्गत जिला स्तरीय एकदिवसीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अस्थावां विधायक श्री जितेन्द्र कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में प्राचार्य, नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत, जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा, उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण), सहायक निदेशक, रसायन, जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला, नालन्दा सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा द्वारा सर्वप्रथम  वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में निदेशालय से प्राप्त लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों, सहायक तकनीकी प्रबंधकों तथा प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर सह अधिष्ठाता सह प्राचार्य, नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय डॉक्टर रणधीर कुमार द्वारा कृषि पदाधिकारियों एवं कर्मियों से जिले की सभी पंचायतों में किसानों के बीच चौपाल आयोजित कर “खेत बचाओ अभियान” के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों को धान के साथ-साथ दलहनी फसलों, मिलेट्स तथा बागवानी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने पर विशेष बल दिया। साथ ही रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है तथा मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत, डॉ. सीमा कुमारी ने खरीफ मौसम में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं रोगों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन की जानकारी साझा की। उन्होंने मृदा की उर्वरता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल विविधीकरण तकनीकों को अपनाने का सुझाव दिया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
अपने संबोधन में माननीय विधायक, अस्थावां श्री जितेन्द्र कुमार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे फार्मर आईडी, डीसीएस (Direct Benefit Transfer आधारित योजनाएं) एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों से किसानों तक योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आग्रह किया। कृषि क्षेत्र में “इंद्रधनुषी क्रांति” लाने के लिए कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई। कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि कर्मियों से अपेक्षा की गई कि वे किसानों के द्वार तक पहुंचकर कृषि विभाग की नवीनतम तकनीकों, नवाचारों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दें तथा उन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करें, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
 जिला कृषि पदाधिकारी पंचायत स्तर पर उर्वरकों के भंडारण एवं उपलब्धता की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करें, ताकि आवश्यकता के चरम समय (पीक सीजन) में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके तथा कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित कृषि पदाधिकारियों एवं कर्मियों को खरीफ मौसम में संचालित की जाने वाली विभिन्न योजनाओं, तकनीकी पहलुओं तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य खरीफ मौसम में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से अवगत कराना रहा।

खरीफ महाअभियान कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक निदेशक रसायन द्वारा मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत नमूना संग्रहण हेतु स्थल चयन की प्रक्रिया तथा उसके महत्व की विस्तृत जानकारी साझा की गई। इसके उपरांत श्री पुरुषोत्तम कुमार,  तकनीकी सहायक,  राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन, द्वारा जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती की अवधारणा, उनके लाभ तथा कृषि में उनके बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण) श्री संतोष कुमार जी द्वारा पौधा संरक्षण एवं कीट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न उपायों, फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान तथा उनके प्रभावी नियंत्रण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपनिदेशक कृषि अभियंत्रण द्वारा कृषि यंत्रीकरण योजना के सम्बंध में जानकारी दी गई. 

जिला कृषि कार्यालय, नालंदा।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Department of Agriculture, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति:- शारदीय (खरीफ) महाअभियान 2026-27 अंतर्गत जिला स्तरीय एकदिवसीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन:- दिनाँक-08.06.2026. शारदीय (खरीफ) महाअभियान 2026-27 के अंतर्गत जिला स्तरीय एकदिवसीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अस्थावां विधायक श्री जितेन्द्र कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में प्राचार्य, नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत, जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा, उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण), सहायक निदेशक, रसायन, जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला, नालन्दा सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा द्वारा सर्वप्रथम वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में निदेशालय से प्राप्त लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों, सहायक तकनीकी प्रबंधकों तथा प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सह अधिष्ठाता सह प्राचार्य, नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय डॉक्टर रणधीर कुमार द्वारा कृषि पदाधिकारियों एवं कर्मियों से जिले की सभी पंचायतों में किसानों के बीच चौपाल आयोजित कर “खेत बचाओ अभियान” के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों को धान के साथ-साथ दलहनी फसलों, मिलेट्स तथा बागवानी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने पर विशेष बल दिया। साथ ही रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है तथा मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत, डॉ. सीमा कुमारी ने खरीफ मौसम में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं रोगों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन की जानकारी साझा की। उन्होंने मृदा की उर्वरता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल विविधीकरण तकनीकों को अपनाने का सुझाव दिया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। अपने संबोधन में माननीय विधायक, अस्थावां श्री जितेन्द्र कुमार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे फार्मर आईडी, डीसीएस (Direct Benefit Transfer आधारित योजनाएं) एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों से किसानों तक योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आग्रह किया। कृषि क्षेत्र में “इंद्रधनुषी क्रांति” लाने के लिए कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई। कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि कर्मियों से अपेक्षा की गई कि वे किसानों के द्वार तक पहुंचकर कृषि विभाग की नवीनतम तकनीकों, नवाचारों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दें तथा उन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करें, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। जिला कृषि पदाधिकारी पंचायत स्तर पर उर्वरकों के भंडारण एवं उपलब्धता की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करें, ताकि आवश्यकता के चरम समय (पीक सीजन) में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके तथा कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। कार्यक्रम में उपस्थित कृषि पदाधिकारियों एवं कर्मियों को खरीफ मौसम में संचालित की जाने वाली विभिन्न योजनाओं, तकनीकी पहलुओं तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य खरीफ मौसम में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से अवगत कराना रहा। खरीफ महाअभियान कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक निदेशक रसायन द्वारा मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत नमूना संग्रहण हेतु स्थल चयन की प्रक्रिया तथा उसके महत्व की विस्तृत जानकारी साझा की गई। इसके उपरांत श्री पुरुषोत्तम कुमार, तकनीकी सहायक, राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन, द्वारा जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती की अवधारणा, उनके लाभ तथा कृषि में उनके बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण) श्री संतोष कुमार जी द्वारा पौधा संरक्षण एवं कीट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न उपायों, फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान तथा उनके प्रभावी नियंत्रण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपनिदेशक कृषि अभियंत्रण द्वारा कृषि यंत्रीकरण योजना के सम्बंध में जानकारी दी गई. जिला कृषि कार्यालय, नालंदा। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Department of Agriculture, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 8, 2026

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। 

खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। 

जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 8, 2026

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। 

खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। 

जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 8, 2026