भोपाल: मध्य प्रदेश में एमबीबीएस की फर्जी डिग्री से नकली डॉक्टरों का एक बड़ा जाल फैल गया है। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि फर्जी एमबीबीएस डिग्री के आधर पर ये लोग सरकारी नौकरी कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर कर रहे थे। ऐसे में सवाल है कि क्या इंटरव्यूर आंख मूंदकर इन्हें नौकरी बांट रहे थे। फर्जी डिग्री वाले डॉक्टरों ने मेडिकल साइंस के सवालों का जवाब कैसे दिया होगा। अभी तक मध्य प्रदेश में 12 फर्जी डॉक्टर पकड़े जा चुके हैं।
इस मामले में हद तो तब हो गई, जब इन फर्जी डॉक्टरों ने असली डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया है। मगर एनएचएम की अंधेरगर्दी की वजह से फर्जी डॉक्टर सिस्टम में घुस गए। रैकेट पर्दाफाश सबसे पहले दमोह में हुआ। यहां नेशनल हेल्थ मिशन के तहत संचालित होने वाले संजीवनी क्लिनिक में तीन फर्जी डॉक्टर नौकरी कर रहे थे। आरोपियों की पहचान डॉ कुमार सचिन यादव, डॉ राजपाल और डॉ अजय मौर्य के रूप में हुई है।
पकड़े गए आरोपी सचिन यादव और राजपाल द
Korba, Korba | Jun 7, 2026