मुरैना -खाद के लिए किसानों की जद्दोजहद, मुरैना के किसान को यूरिया सबलगढ़ तो डीएपी खड़ियाहार में।
मुरैना जिले में खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। इस बार सरकार ने खाद वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू की है, लेकिन यही व्यवस्था अब किसानों के लिए परेशानी का सबब बनती नजर आ रही है। हालात यह हैं कि मुरैना के किसान को यूरिया लेने के लिए सबलगढ़ तो डीएपी के लिए खड़ियाहार या दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि खाद की जरूरत एक जगह है, लेकिन टोकन दूसरी जगह का मिल रहा है, वही टोकन लेने के लिए₹50 से लेकर 100 रुपए तक दी नहीं पड़ रहे हैं।
फसल के हर सीजन में किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता है। खाद के लिए सरकारी गोदामों और सोसायटियों पर लंबी-लंबी कतारें लगती हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने इस बार खाद की ऑनलाइन बुकिंग और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था अनिवार्य की है।
लेकिन ऑनलाइन व्य�