उपज से उद्यम
औषधि फसलों के क्लस्टर में 12 हेक्टेयर से अधिक रकबा सम्मिलित
कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह की पहल पर जिले में उपज से उद्यम अभियान अंतर्गत कृषकों को समृद्ध करने के लिए कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा नियमित रूप से बैठकों का आयोजन कर अधिकारियों को दिशा निर्देशित किया जा रहा है।
सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय में उपज से उद्यम अभियान पर आधारित बैठक में बताया गया कि जिले में औषधि फसल उत्पादक किसानों का क्लस्टर तैयार किया गया है। इस क्लस्टर में 12 हेक्टेयर से अधिक रकबा सम्मिलित है जिसमें 6 मेट्रिक टन से अधिक और अधिक फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इस क्लस्टर में औषधि फसलों की उन्नत खेती पर संस्करण ग्रेडिंग सेटिंग पैकेजिंग हर्बल प्रोडक्ट पाउडर निर्माण आदि गतिविधियों की जाएगी। बैठक में उपस्थित कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि क्लस्टर में सम्मिलित कृषकों से निरंतर संपर्क एवं संवाद रखकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे जिससे शासन की मंशा अनुसार कृषक समृद्धि की दिशा में और बेहतर कार्य हो सके।
बताया गया है की औषधि फसलों के अंतर्गत निर्मित क्लस्टर में धमनार, सेमलिया हीरा तथा नंदावता क्लस्टर बनाए गए हैं। इसमें अश्वगंधा, कॉल मेघ, चिया सीड, अकरकरा तथा चंद्रसूर आदि औषधि फैसले उत्पादित करने वाले किसान सम्मिलित हैं।
औषधि फसलों के क्लस्टर विकास का प्रमुख उद्देश्य प्रत्यक्ष बाजार लिंकेज और बिचौलियों का खात्मा करना है संगठित और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना निर्यात और गुणवत्ता प्रमाण में वृद्धि किसानों का सशक्तिकरण जोखिम को कम करना तथा लागत में कमी प्रमुख उद्देश्यों में सम्मिलित है।
औषधीय फसलों के मूल्य संबंधित उत्पादों का जो लक्ष्य तय किया गया है उसके अंतर्गत अश्वगंधा से अश्वगंधा चूर्ण, कैप्सूल, टेबलेट और हेल्थ सप्लीमेंट का निर्माण तुलसी के हर्बल टी, तुलसी ड्रॉप्स और सुखाए हुए पैकेट कालमेघ से पाउडर, टैबलेट, स्वरस निर्माण ईसबगोल से पशु आहार तथा भूसी चियासीड से चियासीड के आटा तथा तेल निर्माण अकरकरा से अकरकरा पाउडर तथा तेल निर्माण सफेद मूसली से चुरण कैप्सूल टेबलेट तेल निर्माण सम्मिलित है।
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