राजस्थान सरकार के द्वारा राजस्थान में विद्यालयों के अंदर विद्या सम्बलन योजना अंतर्गत वेकल्पीत व्यवस्था के तौर पर विषयवार अभ्यर्थियों को लेने का और विद्यालय स्तर पर ही उनकी मेरिट सूची जारी करना उसको लेकर के समाज सेवी दिनेश आहारी ने क्या कहा अवश्य सुने, उन्होंने कहा कि फिर आरक्षण का मतलब क्या रहा ❓ और इसमें सबसे ज्यादा एसटी एससी ओबीसी का तो नुकसान हो जाएगा, इससे बेहतर है उसकी विज्ञप्ति जारी करते हुए जिला स्तर पर ही आरक्षण व्यवस्था अनुसार वर्ग वाइज आरक्षण गाइडलाइन की पालना करते हुए तमाम मापदंड निर्धारित किये जाए और वरीयता सूची जारी की जाए,ताकि किसी भी वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ में भेदभाव नहीं हो, अन्याय नहीं होगा, अन्यथा इस प्रकार के आदेश से एसटी एससी ओबीसी के अभ्यर्थियों का नुकसान होगा,जो नहीं होना चाहिए, पूर्व में भी इस तरह से एसटी एससी ओबीसी का नुकसान हो चुका है,सभी जनप्रतिनिधियों से निवेदन है इस प्रकार के आदेश को निरस्त करवाते हु�