चंबा की ज्योति नाथ ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई ‘चंबा कलम’ की कला
उज्जैन में सात दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला में हिमाचल का किया प्रतिनिधित्व, सबसे कम उम्र की कलाकार रहीं ज्योति
सुरेंद्र ठाकुर
चंबा 31 अगस्त
चंबा की मिट्टी से निकली कला अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही है। चंबा की युवा कलाकार ज्योति नाथ ने उज्जैन में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
मध्य प्रदेश संस्कृत परिषद एवं कालिदास संस्कृत अकादमी की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर से चुनिंदा कलाकारों को आमंत्रित किया गया था। हिमाचल प्रदेश से महज दो कलाकारों का चयन हुआ, जिनमें चंबा की ज्योति नाथ भी शामिल रहीं। खास बात यह रही कि ज्योति इस राष्ट्रीय मंच पर सबसे कम उम्र की कलाकार थीं।
ज्योति ने अपनी चित्रकारी के माध्यम से सदियों पुरानी चंबा कलम की लघु चित्रकला परंपरा को देशभर से पहुंचे कलाकारों के सामने जीवंत किया। उन्होंने पारंपरिक शैली, विषय-वस्तु और चंबा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सोच एवं नए प्रयोगों के साथ जोड़कर अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी कला में केवल रंग और रेखाएं ही नहीं, बल्कि चंबा का इतिहास, संस्कृति, परंपरा और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी साफ दिखाई देता है। यही विशेषता उनकी चित्रकला को अलग पहचान देती है।
‘चलो चंबा’ अभियान की भावना को आगे बढ़ाते हुए ज्योति ने कला के माध्यम से चंबा की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को राष्ट्रीय पटल तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो अपनी जड़ों और स्थानीय विरासत से जुड़े रहकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना चाहते हैं।
ज्योति नाथ की यह उपलब्धि चंबा की समृद्ध कला परंपरा के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने साबित किया है कि विरासत हाथों में हो और हुनर में जुनून हो, तो स्थानीय कला भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग चमक बिखेर सकती है।
Chamba, Chamba | Aug 31, 2026