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मीडिया साक्षरता से फेक न्यूज की पहचान में युवाओं को मिलेगी मदद : डॉ. परमेश कुमार डिजिटल दौर में फेक न्यूज से बचाएगी मीडिया साक्षरता, युवाओं को सही सूचना पहचानने में मिलेगी मदद यमुनानगर। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच फेक न्यूज समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। लोग जाने-अनजाने में रोजाना किसी न किसी रूप में भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं के संपर्क में आ रहे हैं। ऐसे में मीडिया साक्षरता लोगों को फेक न्यूज की पहचान करने और उसके दुष्प्रभावों से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी विषय पर डीएवी गर्ल्स कॉलेज, यमुनानगर के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. परमेश कुमार ने ‘डिजिटल युग में मीडिया साक्षरता एवं फेक न्यूज जागरूकता’ विषय पर पीएचडी शोध किया है। डॉ. परमेश कुमार ने यह शोध नॉर्दर्न इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी, कैथल से पूरा किया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में सूचना तक पहुंच आसान होने के साथ-साथ गलत सूचनाओं का प्रसार भी तेजी से बढ़ा है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के सूचनाएं साझा किए जाने से फेक न्यूज का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि उनके शोध का मुख्य उद्देश्य युवाओं में फेक न्यूज की पहचान करने, सूचना की सत्यता जांचने और भ्रामक सामग्री से बचने के प्रति जागरूकता का अध्ययन करना था। शोध में यह सामने आया कि मीडिया साक्षरता के माध्यम से युवाओं में सूचना के स्रोत की विश्वसनीयता जांचने, तथ्यों का सत्यापन करने और सही-गलत खबर में अंतर करने की क्षमता विकसित की जा सकती है। डॉ. परमेश कुमार के अनुसार, पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में फेक न्यूज आज गंभीर विषय बन चुका है। हरियाणा के संदर्भ में इस विषय पर शोध की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने इसे अपने शोध का विषय बनाया। उन्होंने कहा कि मीडिया साक्षरता को शिक्षा का हिस्सा बनाकर युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाया जा सकता है। इससे वे न केवल फेक न्यूज की पहचान कर सकेंगे, बल्कि बिना सत्यापन के भ्रामक सूचनाओं को आगे प्रसारित करने से भी बचेंगे। फोटो कैप्शनः 1.यूनिवर्सिटी की आर्ट फैक्लटी की डीन डॉ एकता चहल के साथ 2. शोध कार्य व)वाइवा के उपरांत एक्सपर्ट डॉ अमित सांगवान व अन्य के साथ

Ambala, Ambala | Aug 9, 2026

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स्कूली खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मजबूत मंच देते हैं : गोपाल सिंह

जिला स्तरीय ताइक्वांडो चयन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, राज्य स्तरीय मुकाबलों के लिए कई खिलाड़ियों ने पक्की की जगह

यमुनानगर। “स्कूली खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को निष्पक्ष चयन और आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।” यह बात AEO गोपाल सिंह ने जिला शिक्षा विभाग द्वारा ताइक्वांडो स्पोर्ट्स अकैडमी हरियाणा में आयोजित जिला स्तरीय स्कूली ताइक्वांडो चयन प्रतियोगिता के दौरान कही।

गोपाल सिंह की देखरेख में संपन्न हुई इस चयन प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न स्कूलों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खिलाड़ियों ने अपने-अपने आयु एवं भार वर्ग में तकनीक, फिटनेस और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी पेश की।

काशवी, वंशिका, मानवी और अथर्व सहित कई खिलाड़ियों ने पक्की की जगह

बालिका वर्ग में काशवी, वंशिका, मानवी चौहान, यशिका, जैप्लिन कौर, मन्नत, परिणीता, तमन्ना और अनन्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने भार वर्ग में स्थान पक्का किया।

वहीं बालक वर्ग में अथर्व, रुद्रा, मुकुंद, दीवांश धीमान, दीपांशु, शौरिकडे, दर्पण, आयुष विश्वकर्मा, अथर्व ठाकुर, देवकुमार, आयुष और कार्तिक सहित अन्य खिलाड़ियों ने अपने-अपने भार वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अगले स्तर की प्रतियोगिता के लिए अपनी सीट पक्की की।

प्रतियोगिता में आर्य कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल जगाधरी, डीएवी पुलिस लाइन, डीएवी पब्लिक स्कूल, मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल कैंप, राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल जगाधरी, न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल सेक्टर-17, एसडी पब्लिक स्कूल जगाधरी, स्प्रिंगडेल्स पब्लिक स्कूल जगाधरी तथा ब्लूमबर्ग स्कूल यमुनानगर सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।

अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो कोच एवं नेशनल रेफरी प्रभाकर शर्मा ने कहा, “स्कूल स्तर की प्रतियोगिताएं भविष्य के चैंपियन तैयार करने की बुनियाद हैं। ताइक्वांडो बच्चों को केवल पदक जीतना नहीं सिखाता, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा का साहस भी पैदा करता है। सही प्रशिक्षण और नियमित प्रतिस्पर्धा मिले तो यमुनानगर के खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं।”

उन्होंने जिला शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल, शिक्षा विभाग और प्रशिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय से जिले में खेलों के लिए एक मजबूत प्रतिभा-पाइपलाइन तैयार की जा सकती है।

प्रतियोगिता के सफल एवं निष्पक्ष संचालन में नेशनल रेफरी प्रभजोत सिंह, शौर्य शर्मा, कुमारी अंजलि, अर्पित और वंश विर्दी सहित अन्य तकनीकी अधिकारियों एवं सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

प्रतियोगिता के समापन पर चयनित खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

स्कूली खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मजबूत मंच देते हैं : गोपाल सिंह जिला स्तरीय ताइक्वांडो चयन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, राज्य स्तरीय मुकाबलों के लिए कई खिलाड़ियों ने पक्की की जगह यमुनानगर। “स्कूली खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को निष्पक्ष चयन और आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।” यह बात AEO गोपाल सिंह ने जिला शिक्षा विभाग द्वारा ताइक्वांडो स्पोर्ट्स अकैडमी हरियाणा में आयोजित जिला स्तरीय स्कूली ताइक्वांडो चयन प्रतियोगिता के दौरान कही। गोपाल सिंह की देखरेख में संपन्न हुई इस चयन प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न स्कूलों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खिलाड़ियों ने अपने-अपने आयु एवं भार वर्ग में तकनीक, फिटनेस और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी पेश की। काशवी, वंशिका, मानवी और अथर्व सहित कई खिलाड़ियों ने पक्की की जगह बालिका वर्ग में काशवी, वंशिका, मानवी चौहान, यशिका, जैप्लिन कौर, मन्नत, परिणीता, तमन्ना और अनन्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने भार वर्ग में स्थान पक्का किया। वहीं बालक वर्ग में अथर्व, रुद्रा, मुकुंद, दीवांश धीमान, दीपांशु, शौरिकडे, दर्पण, आयुष विश्वकर्मा, अथर्व ठाकुर, देवकुमार, आयुष और कार्तिक सहित अन्य खिलाड़ियों ने अपने-अपने भार वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अगले स्तर की प्रतियोगिता के लिए अपनी सीट पक्की की। प्रतियोगिता में आर्य कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल जगाधरी, डीएवी पुलिस लाइन, डीएवी पब्लिक स्कूल, मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल कैंप, राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल जगाधरी, न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल सेक्टर-17, एसडी पब्लिक स्कूल जगाधरी, स्प्रिंगडेल्स पब्लिक स्कूल जगाधरी तथा ब्लूमबर्ग स्कूल यमुनानगर सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो कोच एवं नेशनल रेफरी प्रभाकर शर्मा ने कहा, “स्कूल स्तर की प्रतियोगिताएं भविष्य के चैंपियन तैयार करने की बुनियाद हैं। ताइक्वांडो बच्चों को केवल पदक जीतना नहीं सिखाता, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा का साहस भी पैदा करता है। सही प्रशिक्षण और नियमित प्रतिस्पर्धा मिले तो यमुनानगर के खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं।” उन्होंने जिला शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल, शिक्षा विभाग और प्रशिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय से जिले में खेलों के लिए एक मजबूत प्रतिभा-पाइपलाइन तैयार की जा सकती है। प्रतियोगिता के सफल एवं निष्पक्ष संचालन में नेशनल रेफरी प्रभजोत सिंह, शौर्य शर्मा, कुमारी अंजलि, अर्पित और वंश विर्दी सहित अन्य तकनीकी अधिकारियों एवं सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के समापन पर चयनित खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

Ambala, Ambala | Aug 10, 2026

बॉलीवुड अदाकारा मंदाकिनी से सम्मानित हुए समाजसेवी सोनू सेठी 
 पिछले दिनों कांगड़ा में हुए एक बच्चों के डांस कंपटीशन में पिछले 19 सालों से जीरकपुर डेरा बस्सी हल्के में चार फ्री एम्बुलेंस सेवा, सैकड़ो लावारिस डेडबॉडी के संस्कार,सैकड़ो मंद बुद्धि लोगों को मंदबुद्धि आश्रम में छोड़कर आना व इलाके में हजारों पौधे लगाने की एवज में सम्मानित किया गया। इस मौके पर सोनू सेठी ने स्टेज पर मंदाकिनी जी की तारीफ करते हुए उनकी 40 साल पहले आई हुई फिल्म राम तेरी गंगा मैली का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त हमारी उम्र 10 साल थी और हम स्कूल के सालाना फंक्शन में इनके गानों पर डांस किया करते थे आज हमें बड़ा गर्व हो रहा है  आज उन्हीं से हम सम्मानित हो रहे हैं इस मौके पर सोनू सेठी ने कहा की दुनिया में सबसे बड़ा धर्म है इंसानियत हमें धर्म के झगड़े छोड़कर इंसानियत का साथ देना चाहिए इतनी बात सुनकर गदगद भरे हाल में तालिया की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी

बॉलीवुड अदाकारा मंदाकिनी से सम्मानित हुए समाजसेवी सोनू सेठी पिछले दिनों कांगड़ा में हुए एक बच्चों के डांस कंपटीशन में पिछले 19 सालों से जीरकपुर डेरा बस्सी हल्के में चार फ्री एम्बुलेंस सेवा, सैकड़ो लावारिस डेडबॉडी के संस्कार,सैकड़ो मंद बुद्धि लोगों को मंदबुद्धि आश्रम में छोड़कर आना व इलाके में हजारों पौधे लगाने की एवज में सम्मानित किया गया। इस मौके पर सोनू सेठी ने स्टेज पर मंदाकिनी जी की तारीफ करते हुए उनकी 40 साल पहले आई हुई फिल्म राम तेरी गंगा मैली का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त हमारी उम्र 10 साल थी और हम स्कूल के सालाना फंक्शन में इनके गानों पर डांस किया करते थे आज हमें बड़ा गर्व हो रहा है आज उन्हीं से हम सम्मानित हो रहे हैं इस मौके पर सोनू सेठी ने कहा की दुनिया में सबसे बड़ा धर्म है इंसानियत हमें धर्म के झगड़े छोड़कर इंसानियत का साथ देना चाहिए इतनी बात सुनकर गदगद भरे हाल में तालिया की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी

Ambala, Ambala | Aug 10, 2026

मीडिया साक्षरता से फेक न्यूज की पहचान में युवाओं को मिलेगी मदद : डॉ. परमेश कुमार डिजिटल दौर में फेक न्यूज से बचाएगी मीडिया साक्षरता, युवाओं को सही सूचना पहचानने में मिलेगी मदद यमुनानगर। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच फेक न्यूज समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। लोग जाने-अनजाने में रोजाना किसी न किसी रूप में भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं के संपर्क में आ रहे हैं। ऐसे में मीडिया साक्षरता लोगों को फेक न्यूज की पहचान करने और उसके दुष्प्रभावों से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी विषय पर डीएवी गर्ल्स कॉलेज, यमुनानगर के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. परमेश कुमार ने ‘डिजिटल युग में मीडिया साक्षरता एवं फेक न्यूज जागरूकता’ विषय पर पीएचडी शोध किया है। डॉ. परमेश कुमार ने यह शोध नॉर्दर्न इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी, कैथल से पूरा किया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में सूचना तक पहुंच आसान होने के साथ-साथ गलत सूचनाओं का प्रसार भी तेजी से बढ़ा है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के सूचनाएं साझा किए जाने से फेक न्यूज का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि उनके शोध का मुख्य उद्देश्य युवाओं में फेक न्यूज की पहचान करने, सूचना की सत्यता जांचने और भ्रामक सामग्री से बचने के प्रति जागरूकता का अध्ययन करना था। शोध में यह सामने आया कि मीडिया साक्षरता के माध्यम से युवाओं में सूचना के स्रोत की विश्वसनीयता जांचने, तथ्यों का सत्यापन करने और सही-गलत खबर में अंतर करने की क्षमता विकसित की जा सकती है। डॉ. परमेश कुमार के अनुसार, पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में फेक न्यूज आज गंभीर विषय बन चुका है। हरियाणा के संदर्भ में इस विषय पर शोध की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने इसे अपने शोध का विषय बनाया। उन्होंने कहा कि मीडिया साक्षरता को शिक्षा का हिस्सा बनाकर युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाया जा सकता है। इससे वे न केवल फेक न्यूज की पहचान कर सकेंगे, बल्कि बिना सत्यापन के भ्रामक सूचनाओं को आगे प्रसारित करने से भी बचेंगे। फोटो कैप्शनः 1.यूनिवर्सिटी की आर्ट फैक्लटी की डीन डॉ एकता चहल के साथ 2. शोध कार्य व)वाइवा के उपरांत एक्सपर्ट डॉ अमित सांगवान व अन्य के साथ - Ambala News