➡️ शासकीय अग्रणी महाविद्यालय में चार दिवसीय पर्यावरण व्याख्यान माला संपन्न: प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता सहित विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को किया जागरूक
➡️ प्रदूषण के लिए मनुष्य ही मुख्य जिम्मेदार: डॉ. सुबोध जैन
➡️ पर्यावरण की रक्षा हमारा परम कर्तव्य: प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता
शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय गरिमामय एवं भव्य व्याख्यान माला का शानदार समापन हुआ। प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के कुशल निर्देशन में आयोजित इन सभी कार्यक्रमों का सफल संचालन कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. शुचिता अग्रवाल के सहयोग से किया गया। इस दौरान विषय विशेषज्ञों ने पर्यावरण संरक्षण और मानव की भूमिका पर गहन प्रकाश डाला। इस ज्ञानवर्धक आयोजन में महाविद्यालय के लगभग 65 विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।
➡️ प्रदूषण के लिए मनुष्य ही मुख्य जिम्मेदार: डॉ. सुबोध जैन
व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता डॉ. सुबोध जैन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आज पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से मनुष्य ही जिम्मेदार है। औद्योगीकरण, वाहनों का अत्यधिक उपयोग, वनों की अंधाधुंध कटाई, प्लास्टिक का बढ़ता चलन और प्राकृतिक संसाधनों का बेतरतीब दोहन पर्यावरण को लगातार गर्त में धकेल रहा है। यदि मनुष्य अपनी आदतों में सुधार कर ले, तो प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
महाविद्यालय की प्राचार्य एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने विशेष उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना करना भी असंभव है। हमें जीवित रहने के लिए शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, भोजन और अनुकूल वातावरण प्रकृति से ही मिलता है। पेड़-पौधे, नदियाँ, पर्वत और जीव-जंतु मिलकर इस धरा पर जीवन का संतुलन बनाए रखते हैं। उन्होंने चेताया कि यदि पर्यावरण प्रदूषित होगा, तो इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ेगा। इसलिए हमें निरंतर वृक्षारोपण और जल संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि इसके बिना जिंदगी वास्तव में अधूरी है। प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों को बधाई दी।
➡️ पर्यावरण बचाओ, भविष्य बचाओ: डॉ. मयंक रूसिया
द्वितीय वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. मयंक रूसिया ने "पर्यावरण बचाओ, भविष्य बचाओ" का नारा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण हमारी सबसे अनमोल धरोहर है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली ही हमारे जीवन का असली आधार हैं। हमारा यह नैतिक दायित्व है कि हम आज अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ, जल की बचत करें और प्लास्टिक का उपयोग कम करके आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ पृथ्वी सौंपें।
चार दिनों तक चले पर्यावरण चेतना से जुड़े इन समस्त कार्यक्रमों का संचालन रसायन विभाग की सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. शुचिता अग्रवाल के सहयोग से सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। महाविद्यालय के इस अग्रणी आयोजन में उपस्थित सभी 65 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ चारों दिन व्याख्यान माला का लाभ उठाया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने और हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया।
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