चर्चित जेनी प्रकरण में नया मोड़,हरक सिंह रावत ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश।
उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के खिलाफ वर्ष 2003 के बहुचर्चित 'जेनी प्रकरण' को लेकर सूबे की सियासत एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। असम की रहने वाली इंदिरा देवरी उर्फ जेनी ने मीडिया के सामने आकर पूर्व मंत्री पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र सौंपकर मामले की नए सिरे से सीबीआई (CBI) जांच कराने तथा अपने 23 वर्षीय बेटे की पहचान स्पष्ट करने के लिए डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। महिला का आरोप है कि तत्कालीन समय में राजनीतिक रसूख के चलते उसे न्याय नहीं मिल पाया था।
हरक सिंह रावत का पलटवार:-
दूसरी ओर, आरोपों के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर जेनी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का पुरजोर खंडन किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन एन.डी. तिवारी सरकार के दौरान उन्होंने खुद इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी और अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। डॉ. रावत ने स्पष्ट किया कि उस समय हुई गहन सीबीआई जांच और डीएनए परीक्षण रिपोर्ट में वे पूरी तरह निर्दोष साबित हुए थे, जिसके बाद उन्हें क्लीन चिट दी गई थी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को आगामी राजनीतिक परिदृश्यों को प्रभावित करने के लिए बुनी गई एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया है।