ग्राम मंजला में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा था जिसमें कथा वाचक द्वारा गुरुवार की शाम को करीब 6 बजे परीक्षित मोक्ष और सुदामा प्रसंग के साथ भागवत कथा का समापन हुआ। कथा व्यास श्री अरविंद भूषण जी महाराज ने कहा कि जब कृष्ण जी को ज्ञात हुआ कि उनसे मिलने उनके मित्र सुदामा आए हैं तो द्वारिकाधीश नंगे पांव अपने मित्र से मिलने दौड़े और बचपन के मित्र के लिए