🌾 प्राकृतिक खेती से स्वस्थ मृदा, वैज्ञानिक तकनीकों से समृद्ध किसान!
जिला पदाधिकारी, वैशाली के निर्देश एवं मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा जिले में किसान जागरूकता कार्यक्रम एवं किसान पाठशालाओं के माध्यम से किसानों को टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन के लिए जागरूक किया जा रहा है।
🌱 प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं समेकित कीट-व्याधि प्रबंधन (IPM) की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
👨🌾 किसानों को गोबर खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत एवं घनजीवामृत जैसे जैविक आदानों के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुरूप पोषक तत्वों के संतुलित प्रयोग तथा यूरिया के अनावश्यक उपयोग से बचने की सलाह दी जा रही है।
🐛 धान, मक्का, अरहर, उड़द, मूंगफली एवं सब्जियों सहित खरीफ फसलों में फेरोमोन ट्रैप, प्रकाश प्रपंच, पक्षी बैठका, जैव-कीटनाशक, बीज उपचार, फसल चक्र एवं उचित खरपतवार प्रबंधन जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
📢 किसानों से अपील: फसल में कीट या रोग दिखाई देने पर बिना तकनीकी सलाह के रासायनिक दवाओं का प्रयोग न करें। कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर अनुशंसित दवा एवं निर्धारित मात्रा का ही उपयोग करें।
🌿 स्वस्थ मृदा | कम लागत | सुरक्षित उत्पादन | समृद्ध किसान
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Department of Agriculture, Government of Bihar
Samrat Choudhary
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11 views | Vaishali, Bihar | Sep 28, 2026