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महामारी की कगार पर 14 JRK-B: बंद स्कूल के भवन में चल रही आंगनवाड़ी और पशु चिकित्सालय पर मंडराया संकट, पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा #Lalbahadurbhakharjournalist L.b. Bhakhar पीलीबंगा/हनुमानगढ़ :- #लालबहादुर_भाखर क्षेत्र की ग्राम पंचायत डबली बांस पेमा के गांव 14 केआरके बी (14 JRK-B) से सरकारी संपत्ति की अनदेखी और नौनिहालों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां कभी बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय अब प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय लोगों की मनमानी के कारण 'बीमारियों का घर' बनता जा रहा है। मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए क्षेत्र के पूर्व सरपंच बालचंद ज्याणी ने बताया कि इस परिसर में पहले कक्षा 5 तक का सरकारी स्कूल संचालित होता था। बाद में शिक्षा विभाग के नियमानुसार इस स्कूल को बड़े विद्यालय में मर्ज (विलय) कर दिया गया। स्कूल शिफ्ट होने के बाद इस पुराने भवन को खाली छोड़ने के बजाय जनहित में इसमें एक आंगनवाड़ी केंद्र और एक पशु चिकित्सालय का संचालन शुरू किया गया। लेकिन विडंबना देखिए, जिस भवन से गांव के मासूम बच्चों का भविष्य और मूक पशुओं का स्वास्थ्य जुड़ा है, उसकी सुध लेने वाला आज कोई नहीं है। पूर्व सरपंच ज्याणी ने चिंता जताते हुए कहा कि इस समय विभाग और ग्राम पंचायत प्रशासन सफ़ाई व्यवस्था की ओर रत्ती भर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मनफूल ज्याणी, विनोद ज्याणी सहित ग्रामीणों और पूर्व सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रशासन की कथित शिथिलता का फायदा उठाकर कुछ रसूखदार और स्थानीय लोगों ने इस सरकारी भवन की खाली पड़ी जमीनों पर अवैध रूप से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। हद तो तब हो गई जब लोगों ने इस परिसर को कचरा डालने की जगह (डंपिंग यार्ड) समझ लिया है। जगह-जगह कचरे, गंदगी और मलबे के ढेर लग चुके हैं। सरकारी संपत्ति पर सरेआम हो रहे इस अतिक्रमण को लेकर ग्राम पंचायत प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक (मौन) बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस पूरे मामले का सबसे डरावना पहलू यह है कि इसी गंदगी के ढेर के बीच आंगनवाड़ी केंद्र में गांव के छोटे-छोटे मासूम बच्चे (नौनिहाल) बैठने को मजबूर हैं। "परिसर की उचित देखरेख और मॉनिटरिंग न होने से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। आगे मौसम बदलेगा और बारिश या उमस का दौर शुरू होगा, तो इस गंदगी के साम्राज्य के कारण पूरे गांव में मौसमी संक्रमण और जानलेवा बीमारियां फैलने का साफ खतरा है।; "बालचंद ज्याणी, पूर्व सरपंच एवं स्थानीय ग्रामीण; डॉक्टरों की मानें तो इस तरह के दूषित माहौल में रहने से बच्चों में डायरिया, टायफाइड, त्वचा रोग और सांस से जुड़े गंभीर इन्फेक्शन (संक्रमण) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही, इलाज के लिए आने वाले पशुओं में भी संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। गांव 14 JRK-B के जागरूक नागरिकों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने उपखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है की राजकीय भवन के परिसर से तुरंत अवैध अतिक्रमण और कचरा हटाते हुए पूरे परिसर की युद्धस्तर पर विशेष सफाई करवाई जाए।भविष्य में गंदगी न हो, इसके लिए पुख्ता मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू कर बच्चों व पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अगर समय रहते प्रशासन ने इस अव्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया, तो नौनिहालों के स्वास्थ्य के साथ होने वाले इस खिलवाड़ का खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है। संवाददाता पत्रकार लालबहादुर भाखर 9875131305 7014718676📞📞☎️☎️✅✅

Pilibanga, Hanumangarh | Jun 30, 2026

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महामारी की कगार पर 14 JRK-B: बंद स्कूल के भवन में चल रही आंगनवाड़ी और पशु चिकित्सालय पर मंडराया संकट, पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
#Lalbahadurbhakharjournalist L.b. Bhakhar 
पीलीबंगा/हनुमानगढ़ :- #लालबहादुर_भाखर 
क्षेत्र की ग्राम पंचायत डबली बांस पेमा के गांव 14 केआरके बी (14 JRK-B) से सरकारी संपत्ति की अनदेखी और नौनिहालों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां कभी बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय अब प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय लोगों की मनमानी के कारण 'बीमारियों का घर' बनता जा रहा है।
मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए क्षेत्र के पूर्व सरपंच बालचंद ज्याणी ने बताया कि इस परिसर में पहले कक्षा 5 तक का सरकारी स्कूल संचालित होता था। बाद में शिक्षा विभाग के नियमानुसार इस स्कूल को बड़े विद्यालय में मर्ज (विलय) कर दिया गया। स्कूल शिफ्ट होने के बाद इस पुराने भवन को खाली छोड़ने के बजाय जनहित में इसमें एक आंगनवाड़ी केंद्र और एक पशु चिकित्सालय का संचालन शुरू किया गया।
लेकिन विडंबना देखिए, जिस भवन से गांव के मासूम बच्चों का भविष्य और मूक पशुओं का स्वास्थ्य जुड़ा है, उसकी सुध लेने वाला आज कोई नहीं है। पूर्व सरपंच ज्याणी ने चिंता जताते हुए कहा कि इस समय विभाग और ग्राम पंचायत प्रशासन सफ़ाई व्यवस्था की ओर रत्ती भर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मनफूल ज्याणी, विनोद ज्याणी सहित ग्रामीणों और पूर्व सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रशासन की कथित शिथिलता का फायदा उठाकर कुछ रसूखदार और स्थानीय लोगों ने इस सरकारी भवन की खाली पड़ी जमीनों पर अवैध रूप से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। हद तो तब हो गई जब लोगों ने इस परिसर को कचरा डालने की जगह (डंपिंग यार्ड) समझ लिया है। जगह-जगह कचरे, गंदगी और मलबे के ढेर लग चुके हैं। सरकारी संपत्ति पर सरेआम हो रहे इस अतिक्रमण को लेकर ग्राम पंचायत प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक (मौन) बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
इस पूरे मामले का सबसे डरावना पहलू यह है कि इसी गंदगी के ढेर के बीच आंगनवाड़ी केंद्र में गांव के छोटे-छोटे मासूम बच्चे (नौनिहाल) बैठने को मजबूर हैं।
"परिसर की उचित देखरेख और मॉनिटरिंग न होने से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। आगे मौसम बदलेगा और बारिश या उमस का दौर शुरू होगा, तो इस गंदगी के साम्राज्य के कारण पूरे गांव में मौसमी संक्रमण और जानलेवा बीमारियां फैलने का साफ खतरा है।;
"बालचंद ज्याणी, पूर्व सरपंच एवं स्थानीय ग्रामीण;

डॉक्टरों की मानें तो इस तरह के दूषित माहौल में रहने से बच्चों में डायरिया, टायफाइड, त्वचा रोग और सांस से जुड़े गंभीर इन्फेक्शन (संक्रमण) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही, इलाज के लिए आने वाले पशुओं में भी संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है।
गांव 14 JRK-B के जागरूक नागरिकों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने उपखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है की
राजकीय भवन के परिसर से तुरंत अवैध अतिक्रमण और कचरा हटाते हुए पूरे परिसर की युद्धस्तर पर विशेष सफाई करवाई जाए।भविष्य में गंदगी न हो, इसके लिए पुख्ता मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू कर बच्चों व पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अगर समय रहते प्रशासन ने इस अव्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया, तो नौनिहालों के स्वास्थ्य के साथ होने वाले इस खिलवाड़ का खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है।
संवाददाता पत्रकार लालबहादुर भाखर 
9875131305
7014718676📞📞☎️☎️✅✅

महामारी की कगार पर 14 JRK-B: बंद स्कूल के भवन में चल रही आंगनवाड़ी और पशु चिकित्सालय पर मंडराया संकट, पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा #Lalbahadurbhakharjournalist L.b. Bhakhar पीलीबंगा/हनुमानगढ़ :- #लालबहादुर_भाखर क्षेत्र की ग्राम पंचायत डबली बांस पेमा के गांव 14 केआरके बी (14 JRK-B) से सरकारी संपत्ति की अनदेखी और नौनिहालों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां कभी बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय अब प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय लोगों की मनमानी के कारण 'बीमारियों का घर' बनता जा रहा है। मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए क्षेत्र के पूर्व सरपंच बालचंद ज्याणी ने बताया कि इस परिसर में पहले कक्षा 5 तक का सरकारी स्कूल संचालित होता था। बाद में शिक्षा विभाग के नियमानुसार इस स्कूल को बड़े विद्यालय में मर्ज (विलय) कर दिया गया। स्कूल शिफ्ट होने के बाद इस पुराने भवन को खाली छोड़ने के बजाय जनहित में इसमें एक आंगनवाड़ी केंद्र और एक पशु चिकित्सालय का संचालन शुरू किया गया। लेकिन विडंबना देखिए, जिस भवन से गांव के मासूम बच्चों का भविष्य और मूक पशुओं का स्वास्थ्य जुड़ा है, उसकी सुध लेने वाला आज कोई नहीं है। पूर्व सरपंच ज्याणी ने चिंता जताते हुए कहा कि इस समय विभाग और ग्राम पंचायत प्रशासन सफ़ाई व्यवस्था की ओर रत्ती भर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मनफूल ज्याणी, विनोद ज्याणी सहित ग्रामीणों और पूर्व सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रशासन की कथित शिथिलता का फायदा उठाकर कुछ रसूखदार और स्थानीय लोगों ने इस सरकारी भवन की खाली पड़ी जमीनों पर अवैध रूप से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। हद तो तब हो गई जब लोगों ने इस परिसर को कचरा डालने की जगह (डंपिंग यार्ड) समझ लिया है। जगह-जगह कचरे, गंदगी और मलबे के ढेर लग चुके हैं। सरकारी संपत्ति पर सरेआम हो रहे इस अतिक्रमण को लेकर ग्राम पंचायत प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक (मौन) बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस पूरे मामले का सबसे डरावना पहलू यह है कि इसी गंदगी के ढेर के बीच आंगनवाड़ी केंद्र में गांव के छोटे-छोटे मासूम बच्चे (नौनिहाल) बैठने को मजबूर हैं। "परिसर की उचित देखरेख और मॉनिटरिंग न होने से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। आगे मौसम बदलेगा और बारिश या उमस का दौर शुरू होगा, तो इस गंदगी के साम्राज्य के कारण पूरे गांव में मौसमी संक्रमण और जानलेवा बीमारियां फैलने का साफ खतरा है।; "बालचंद ज्याणी, पूर्व सरपंच एवं स्थानीय ग्रामीण; डॉक्टरों की मानें तो इस तरह के दूषित माहौल में रहने से बच्चों में डायरिया, टायफाइड, त्वचा रोग और सांस से जुड़े गंभीर इन्फेक्शन (संक्रमण) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही, इलाज के लिए आने वाले पशुओं में भी संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। गांव 14 JRK-B के जागरूक नागरिकों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने उपखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है की राजकीय भवन के परिसर से तुरंत अवैध अतिक्रमण और कचरा हटाते हुए पूरे परिसर की युद्धस्तर पर विशेष सफाई करवाई जाए।भविष्य में गंदगी न हो, इसके लिए पुख्ता मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू कर बच्चों व पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अगर समय रहते प्रशासन ने इस अव्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया, तो नौनिहालों के स्वास्थ्य के साथ होने वाले इस खिलवाड़ का खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है। संवाददाता पत्रकार लालबहादुर भाखर 9875131305 7014718676📞📞☎️☎️✅✅

Pilibanga, Hanumangarh | Jun 30, 2026

महामारी की कगार पर 14 JRK-B: बंद स्कूल के भवन में चल रही आंगनवाड़ी और पशु चिकित्सालय पर मंडराया संकट, पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
#Lalbahadurbhakharjournalist L.b. Bhakhar 
पीलीबंगा/हनुमानगढ़ :- #लालबहादुर_भाखर 
क्षेत्र की ग्राम पंचायत डबली बांस पेमा के गांव 14 केआरके बी (14 JRK-B) से सरकारी संपत्ति की अनदेखी और नौनिहालों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां कभी बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय अब प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय लोगों की मनमानी के कारण 'बीमारियों का घर' बनता जा रहा है।
मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए क्षेत्र के पूर्व सरपंच बालचंद ज्याणी ने बताया कि इस परिसर में पहले कक्षा 5 तक का सरकारी स्कूल संचालित होता था। बाद में शिक्षा विभाग के नियमानुसार इस स्कूल को बड़े विद्यालय में मर्ज (विलय) कर दिया गया। स्कूल शिफ्ट होने के बाद इस पुराने भवन को खाली छोड़ने के बजाय जनहित में इसमें एक आंगनवाड़ी केंद्र और एक पशु चिकित्सालय का संचालन शुरू किया गया।
लेकिन विडंबना देखिए, जिस भवन से गांव के मासूम बच्चों का भविष्य और मूक पशुओं का स्वास्थ्य जुड़ा है, उसकी सुध लेने वाला आज कोई नहीं है। पूर्व सरपंच ज्याणी ने चिंता जताते हुए कहा कि इस समय विभाग और ग्राम पंचायत प्रशासन सफ़ाई व्यवस्था की ओर रत्ती भर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मनफूल ज्याणी, विनोद ज्याणी सहित ग्रामीणों और पूर्व सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रशासन की कथित शिथिलता का फायदा उठाकर कुछ रसूखदार और स्थानीय लोगों ने इस सरकारी भवन की खाली पड़ी जमीनों पर अवैध रूप से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। हद तो तब हो गई जब लोगों ने इस परिसर को कचरा डालने की जगह (डंपिंग यार्ड) समझ लिया है। जगह-जगह कचरे, गंदगी और मलबे के ढेर लग चुके हैं। सरकारी संपत्ति पर सरेआम हो रहे इस अतिक्रमण को लेकर ग्राम पंचायत प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक (मौन) बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
इस पूरे मामले का सबसे डरावना पहलू यह है कि इसी गंदगी के ढेर के बीच आंगनवाड़ी केंद्र में गांव के छोटे-छोटे मासूम बच्चे (नौनिहाल) बैठने को मजबूर हैं।
"परिसर की उचित देखरेख और मॉनिटरिंग न होने से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। आगे मौसम बदलेगा और बारिश या उमस का दौर शुरू होगा, तो इस गंदगी के साम्राज्य के कारण पूरे गांव में मौसमी संक्रमण और जानलेवा बीमारियां फैलने का साफ खतरा है।;
"बालचंद ज्याणी, पूर्व सरपंच एवं स्थानीय ग्रामीण;

डॉक्टरों की मानें तो इस तरह के दूषित माहौल में रहने से बच्चों में डायरिया, टायफाइड, त्वचा रोग और सांस से जुड़े गंभीर इन्फेक्शन (संक्रमण) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही, इलाज के लिए आने वाले पशुओं में भी संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है।
गांव 14 JRK-B के जागरूक नागरिकों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने उपखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है की
राजकीय भवन के परिसर से तुरंत अवैध अतिक्रमण और कचरा हटाते हुए पूरे परिसर की युद्धस्तर पर विशेष सफाई करवाई जाए।भविष्य में गंदगी न हो, इसके लिए पुख्ता मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू कर बच्चों व पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अगर समय रहते प्रशासन ने इस अव्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया, तो नौनिहालों के स्वास्थ्य के साथ होने वाले इस खिलवाड़ का खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है।
संवाददाता पत्रकार लालबहादुर भाखर 
9875131305
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Pilibanga, Hanumangarh | Jun 30, 2026

क्या आपने कभी बाल विवाह देखा है बाल वधु मना कर रही है लेकिन परिजनों ने डांट फटकार कर विवाह करवा दिया।
#Viral_video Part 3

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