डिजिटल और प्रिंट मीडिया में इंदौर के खजराना में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को लेकर तैर रही घोटाले और फर्जीवाड़े की खबरों पर जिला प्रशासन ने ऑन-रिकॉर्ड आकर सच का पर्दाफाश कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त विस्तृत खोजी प्रतिवेदन के आधार पर स्पष्ट किया है कि अस्पताल के नाम पर न तो एक ढेले की दवा खरीदी गई है और न ही किसी डॉक्टर की अवैध पोस्टिंग हुई है।
प्रशासन ने साफ किया कि अस्पताल निर्माण में हो रही देरी का असल कारण भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि नगर निगम इंदौर के कब्जे से स्वास्थ्य विभाग को जमीन का वास्तविक हस्तांतरण न हो पाना है।
Korba, Korba | Jul 7, 2026