भिवानी के हनुमान जोहड़ी धाम में जुटे 13 राज्यों के प्रतिनिधि
विश्व शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय सम्मान समारोह आयोजित, 133 समाजसेवियों समेत शिक्षकों का सम्मान
शिक्षक करता है चरित्र निर्माण, शिक्षा और सेवा ही समाज के दो स्तंभ : सांसद धर्मबीर सिंह
भिवानी, 04 अक्तूबर : विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर रविवार को भिवानी में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट तथा महात्मा ज्योतिबा फुले धर्मार्थ ट्रस्ट भिवानी के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय हनुमान जोहड़ी धाम में कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। समारोह में शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनकी सेवाओं की सराहना की गई। इस बार के आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें केवल उत्कृष्ट शिक्षकों को ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति निस्वार्थ भाव से समर्पित 133 प्रमुख समाजसेवियों को भी सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन में देश भर के विभिन्न राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित हरियाणा प्रदेश के सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी उत्साही भागीदारी दर्ज कराई।
समारोह को बाल योगी महंत चरण दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ, जिनके आशीर्वचन ने उपस्थित जनसमूह में ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाण महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने की। जबकि सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की उपाध्यक्ष रेनू डाबला ने की। इस अवसर पर हरियाणा माटीकला बोर्ड के चेयरमैन अनुप सिंह, मैडिकल कॉलेज निदेशक डा. धीरज परिहार, राजेश डीएमसी, बीके सुमित्रा दीदी, अमिता सिंहमार, धनपति दहिया, डॉ. सुखविंदर दूहन, धर्मचंद, मोनिया सैनी, उमेश, श्यामलाल मेघवाल, राजीव मित्तल, देवराज तोशामिया, प्रमोद शर्मा, डा. मुरलीधर शास्त्री सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस मौके पर महंत चरण दास महाराज ने कहा कि शिक्षा और सेवा ही समाज को उत्थान की ओर ले जाने वाले दो मुख्य स्तंभ हैं। शिक्षकों का सम्मान समाज की नींव को मजबूत करता है और नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वाले समाजसेवियों को पहचान देना पूरी मानवता को प्रेरित करने वाला कार्य है।
मुख्य अतिथि सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक ना केवल राष्ट्र का निर्माता होता है, बल्कि वह आने वाली पीढिय़ों के चरित्र का निर्माण भी करता है। ऐसे मंचों के माध्यम से जब शिक्षकों और समर्पित समाजसेवियों को सम्मानित किया जाता है, तो इससे समाज में सकारात्मकता और जनसेवा की भावना को बल मिलता है।
इस मौके पर हरियाण महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि भिवानी की धरती हमेशा से ही धर्म, शिक्षा और सामाजिक समरसता की प्रतीक रही है। इस प्रकार के भव्य राष्ट्रीय आयोजनों से क्षेत्र का नाम रोशन होता है और युवाओं को समाज हित में कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
महात्मा ज्योबितबा फूले धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश सैनी धर्मचंद शर्मा, महासचिव विजय सिंहमार, उपाध्यक्ष रिंकु ख्यालराम ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी आगंतुकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य उन सभी विभूतियों की निष्पक्ष कार्यशैली और उत्कृष्ट सेवाओं को सम्मानित करना है जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी और सम्मान समारोह आयोजित किए जाते रहेंगे। इस दौरान सभी शिक्षकों एवं समाजसेवियों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा उपस्थित सभी लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और समाज हित में निरंतर योगदान की कामना की।
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ये हुए सम्मानित
समारोह में सीमा चौधरी, बलदाऊ सिंह श्याम, निरजा अहीरवार, मुरलीधर गुप्ता, सेट कुमार साहू, ब्रिजेश कुमार, मेना कुमारी मान, उर्मिला देवी, मिसेज रेखा, बारिया भूपतभाई, अमित धुपार, अनीता तनेजा, अनुराधा, दीपक कुमार, दीपक वशिष्ठ, डा. अनीता, डा. राज कुमार यादव, कमला गुरेजा, कृष्णा देवी, नीलम कुमारी, नीतू वर्मा, पिंकी, प्रमीला, प्रो. कामना कौशिक, सतीश कुमार, सविता घांघस, शवेता रानी, श्रीभगवान, सुनीता देवी, सुरेंदर कुमार, विजय जांगड़ा, मुकेश कुमार, मनिष कुमार, मोनिका शर्मा, मिल्टी अरोड़ा, रितु, भारती भारद्वाज, दयावती, डा. निकिता खुराना, कंचन बजाज, राम मेहर सिंह जांगड़ा, अनीता रानी, डॉ. राजेश कुमार, अजय सिंह, परम जीत कौर, उमर खान, पवन पांचाल, राजेश कुमार, नरेश कुमार, सतीश राठी, अशोक जैन, हरिश कुमार, सिकंदर, अशोक शर्मा, राम निवास, कमल देव ठाकुर, लालमन चंदेल, मोहिंदर कुमार, राज मल, रमेश कुमार, रतन लाल, सुनील कुमार, भिंदर सिंह, रीना कुमारी, प्रदीप शर्मा, रूपम शर्मा, रोमेश चंदर, अनिल राजपूत, दीपेश्वरी सुरेश जोले, नाना शंकर पाटिल, कुलदीप सिंह सभ्रवाल, अनमोलदीप सिंह, बुध सिंह, वीरपाल अरोड़ा, डॉ. रामचंदर स्वामी, नसीम बानो, राहुल बलिहारा, अनीता पूनिया, दिनेश चंद शर्मा, ममता चौधरी, गीतांजलि वाष्र्णेय, दीपक कुमार भोला, मधु प्रिया चौहान, गीतांजलिवार्ष्णेय, श्रुति त्रिपाठी, जगदीश कुमार, डॉ. प्रीति तिवारी और अरुणा कुमारी राजपूत को सम्मानित किया गया।