IPS जब एक ब्रेड खरीदने की औकात नहीं है तो काहे के IPS.
जनता किस पर करेगी भरोसा
सिपाही तुम्हारा नौकर है कि तुम्हारे क्षेत्राधिकार से बाहर निकलकर के हर सिपाही तुम्हारे को सलामी ठोके.
यह तो बहुत अच्छा था कि कोई सिरफिरा नहीं मिल गया नहीं तो पिछवाड़े पर बजा देता फिर बताते रहते आईपीएस है.
यह महानुभाव खुद को नोएडा का आईपीएस बता रहे हैं और लखनऊ महानगर में ब्रेड खरीदने समय हुए एक झगड़े में जब दुकानदार ने 112 नंबर कॉल कर लिया तो जब रोब दिखा रहे हैं सिपाहियों पर तुमने हमें सेल्यूट क्यों नहीं किया.. इज्जत कमाई जाती है मिलती नहीं है और जो मिलती है वह प्रोटोकॉल के हिसाब से मिलती है और प्रोटोकॉल के हिसाब से तुम एक गलत जगह पर गलत समय पर अपराधिकृत में संकलित हो ऐसी स्थिति में कोई भी सिपाही तुमको सेल्यूट नहीं कर सकता है.
वैसे सच्चाई ये है 40 रुपये के चक्कर में पकड़ा गया नकली IPS मिथलेश शुक्ला,
मिथलेश शुक्ला ने लखनऊ के महानगर इलाके में चाय की टपरी पर 40 रूपये का बन मक्खन खाया,
पैसे देने की बारी आई तो खुद को नॉएडा का IPS बताकर रौब ग़ालिब करने लगा,
नोंक झोंक हुई तो चाय वाले ने बगल की चौकी पर तैनात सिपाही लोगों को बुला लिया,
सिपाही आए तो उनसे नकली IPS सैल्यूट करने को बोला,
सिपाही लोग बोले कि वर्दी में होते आप तो सैल्यूट मिलता,
बात बढ़ी, शक हुआ तो पूछताछ के बाद नकली IPS मिथलेश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया,
Jalaun, Jalaun | Jun 16, 2026