आयुर्वेद रोगों के उपचार के साथ स्वस्थ जीवनशैली की पद्धति : अरुण ग्रोवर
एनआईए का आयुर्वेद चिकित्सा जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य : डॉ. गौरव गर्ग
प्रयोग फाउंडेशन का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्गों तक निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना : संजीव शर्मा
एनआईए पंचकूला के चिकित्सा शिविर में 150 से ज्यादा लोगों की जांच, निशुल्क दवाइयां वितरित
पंचकूला, 8 अगस्त: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला द्वारा प्रयोग फाउंडेशन के सौजन्य से औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 स्थित अमरटैक्स परिसर में निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर लगाया गया। शिविर का शुभारंभ मुख्यातिथि अमरटैक्स ग्रुप के चेयरमैन अरुण ग्रोवर ने रिबन काटकर किया, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एनआईए डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग तथा मुख्य चिकित्सक के तौर पर डॉ. धवल जी मकवाना मौजूद रहे। शिविर की अध्यक्षता अध्यक्षता प्रयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने की।
अमरटैक्स ग्रुप के चेयरमैन अरुण ग्रोवर ने कहा कि भारत की प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बीमारियों से बचाव के लिए भी प्रेरित करती है। आयुर्वेद शरीर और मन के संतुलन पर आधारित चिकित्सा पद्धति है, जो बीमारी के मूल कारण को समझकर उपचार पर जोर देती है। उन्होंने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा प्रयोग फाउंडेशन के सौजन्य से लगाए गए निशुल्क चिकित्सा शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निशुल्क चिकित्सा शिविर समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कर्मियों को आह्वान किया कि स्वस्थ जीवन के लिए जीवनशैली को बदलने के साथ फास्ट फूड को छोड़ना और आयुर्वेद को अपनाना होगा।
प्रयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि संस्था का प्रयास समाज के जरूरतमंद एवं विभिन्न वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है। एनआईए पंचकूला जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के सहयोग से आयोजित निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराई जा रही है।
संस्थान के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव गर्ग ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला का उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थ्य संरक्षण और जन-जागरूकता को आमजन तक पहुंचाना है। संस्थान की ओर से समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में रोग के उपचार के साथ-साथ उसकी रोकथाम और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जाता है।
मुख्य चिकित्सक डॉ. धवल जी मकवाना ने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा, डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी तथा डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व के नेतृत्व में निशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से आयुर्वेद का प्रचार प्रसार किया जा रहा है और संस्थान में 500 से ज्यादा रोगी आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
शिविर में पाचन संबंधी बीमारियों, चमड़ी रोग, जोड़ों का दर्द, हड्डियों से संबंधित बीमारियां, आंख, कान, नाक, शुगर, बीपी, बुखार, जुकाम, सर्वाइकल बीमारियों से संबंधित 150 से ज्यादा लोग पहुंचें, जिन्हें चिकित्सकों के परीक्षण के बाद निशुल्क दवाइयां वितरित की गई।
इस अवसर अमरटैक्स ग्रुप से वरुण ग्रोवर, शिवम ग्रोवर, प्रेश ग्रोवर, दीपिका, निर्मला एवं सुनील, प्रयोग फाउंडेशन की प्रोजेक्ट इंचार्ज शिवांगी बंसल, महिला विंग अध्यक्ष सीमा गुप्ता, हरमन रेखी, मेडिकल ऑफिसर डॉ. भवकीर्ति, नर्सिंग ऑफिसर दुष्यंत लवानिया, इंटर्न डॉ. श्रेया, फार्मासिस्ट कुलप्रीत सैनी, एंबुलेंस ड्राइवर हरीश शर्मा, एमटीएस अंशुल और सुरक्षा कर्मी मस्तान अली प्रमुख रूप से मौजूद रहे।